RSS प्रमुख मोहन भागवत ने कहा, शिक्षा में सुधार जरूरी, सुनी युवाओं की बात
Jitendra Shrivastava | Aug 06, 2026, 20:30 IST
Photograph: (THESOOTR)
MUMBAI. आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने मुंबई में Gen Z प्रोटेस्ट पर बयान दिया। उन्होंने कहा शिक्षा व्यवस्था में सुधार जरूरी है और युवाओं की शिकायत जायज है।
समझें क्या है पूरा मामला...
- Gen Z की शिकायत जायज है, बोले मोहन भागवत।
- शिक्षा व्यवस्था में सुधार जरूरी, भागवत का बड़ा बयान।
- मुंबई में युवाओं से मिले भागवत, सुनी उनकी बात।
- आंदोलन गलत नहीं, पर बंटवारे के लिए नहीं, भागवत।
- भागवत बोले, आज की पीढ़ी पुरानी से ज्यादा ईमानदार।
मुंबई में युवाओं से हुई सीधी बातचीत
इस दौरान उनसे सवाल IIMUN के संस्थापक ऋषभ शाह ने पूछे। कार्यक्रम में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की पत्नी अमृता फडणवीस भी मौजूद रहीं। अभिनेता बोमन ईरानी भी इस मौके पर उपस्थित थे।
mohan bhagwat genz protest statement
विरोध पर भागवत की राय
हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि आंदोलन सहमति बनाने के लिए होना चाहिए। उनके अनुसार आंदोलन का मकसद बंटवारा करना नहीं होना चाहिए।
Gen-Z की शिकायत को बताया सही
भागवत ने कहा कि भारत की शिक्षा व्यवस्था में अभी बहुत कुछ करने की जरूरत है। उनके मुताबिक यही वजह है कि युवा यह मुद्दा उठा रहे हैं। भागवत ने माना कि इस दिशा में जरूरी बदलाव अभी तक नहीं हो पाए हैं।
पुरानी और नई पीढ़ी में अंतर बताया
संघ प्रमुख ने कहा कि यह पीढ़ी तार्किक जवाब चाहती है। साथ ही उन्हें प्यार और सम्मान भी चाहिए। भागवत ने इसे लोकतंत्र के लिए सही तरीका बताया।
मोहन भागवत ने बहस की तुलना भारतीय परंपरा के 'शास्त्रार्थ' से भी की। उनके अनुसार इसमें दो पक्ष होते हैं, पूर्व पक्ष और उत्तर पक्ष। हर पक्ष का अपना नजरिया सच्चाई की पूरी तस्वीर बनाने में मदद करता है।
संबोधन की बड़ी बातें
उन्होंने यह भी कहा कि युवा आंदोलन देश के खिलाफ नहीं होते। ये आंदोलन व्यवस्था से जुड़ी चिंताओं को सामने रखने का माध्यम होते हैं।
संविधान निर्माताओं का हवाला
उन्होंने कहा कि युवाओं की आवाज़ विरोध के लिए नहीं, बल्कि समस्याओं की वजह से उठ रही है। भागवत के अनुसार यह आंदोलन किसी व्यक्ति के खिलाफ नहीं, बल्कि सिस्टम सुधारने के लिए होना चाहिए।
FAQ
- मोहन भागवत ने Gen Z प्रोटेस्ट पर क्या कहा?
भागवत ने कहा कि युवाओं की शिकायत जायज है। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था में सुधार की जरूरत बताई। यह बयान मुंबई में एक कार्यक्रम के दौरान आया। - भागवत ने आंदोलन को लेकर क्या राय दी?
मोहन भागवत ने कहा आंदोलन सहमति बनाने के लिए होना चाहिए। बंटवारे के लिए नहीं होना चाहिए। बात न सुनी जाए तो आंदोलन किया जा सकता है। - RSS प्रमुख का यह बयान कहां और किस मौके पर दिया गया?
RSS प्रमुख का यह बयान मुंबई में IIMUN के कार्यक्रम में दिया गया। यह कार्यक्रम संस्था के 15 साल पूरे होने पर आयोजित हुआ। सवाल संस्थापक ऋषभ शाह ने पूछे थे।
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