फ्लाइंग किस देने पर 3 साल की सजा, 9 साल पुराने मामले में मुंबई कोर्ट का फैसला

Manya Jain | Feb 19, 2026, 19:38 IST
Share
mumbai court flying kiss sexual harassment pocso case
mumbai court flying kiss sexual harassment pocso case

मुंबई कोर्ट ने बड़ा फैसला देते हुए 'फ्लाइंग किस' को यौन इशारा माना है। 9 साल पुराने मामल में कोर्ट ने कहा कि ये नाबालिग की गरिमा के खिलाफ है। इस मामले में दोषी को कड़ी सजा सुनाई गई है।

NEWS IN SHORT

  • नाबालिग को फ्लाइंग किस देना अब होगा यौन अपराध।
  • मुंबई की कोर्ट नौ साल पुराने मामले में सुनाया फैसला।
  • आरोपी को मुंबई कोर्ट ने सुनाई 3 साल की सजा।
  • युवक ने लड़की को ट्यूशन जाते वक्त दिया था फ्लाइंग किस।

NEWS IN DETAIL

मुंबई की कोर्ट ने एक बड़ा फैसला सुनाया है। नाबालिग को 'फ्लाइंग किस' देना अब जुर्म होगा। कोर्ट ने इसे एक यौन इशारा माना है। यह लड़की की गरिमा के खिलाफ माना जाएगा। यह मामला करीब नौ साल पुराना है।

अब जाकर आरोपी को कड़ी सजा मिली है। यह फैसला समाज को सख्त संदेश देता है। गलत व्यवहार करने वाले अब बच नहीं पाएंगे। कानून महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा करेगा। किसी भी तरह का अनुचित व्यवहार बर्दाश्त नहीं होगा।

2017 से शुरू हुआ विवाद

यह मामला साल 2017 की शुरुआत का है। उस समय पीड़ित लड़की की उम्र केवल 16 साल (नाबालिग) थी, जबकि आरोपी 19 साल का था। घटना मुंबई के एक रिहायशी इलाके की है।

  • पहली घटना: जनवरी 2017 में जब लड़की ट्यूशन जा रही थी, तब आरोपी ने उसका हाथ पकड़कर उसे खींचा। बच्ची इतनी डर गई कि उसने लोक-लाज के कारण घर पर कुछ नहीं बताया।
  • हल्दी-कुमकुम की घटना: 31 जनवरी 2017 को एक कार्यक्रम के दौरान आरोपी ने सबके सामने लड़की को 'फ्लाइंग किस' दिया। एक पड़ोसी ने यह देख लिया और तुरंत लड़की की मां को पूरी बात बताई।
  • समझौते से पुलिस केस तक: जब लड़की के पिता ने आरोपी के घरवालों को समझाने की कोशिश की, तो उन्होंने उल्टा गाली-गलौज शुरू कर दी। इसके बाद परिवार ने हार मानकर पुलिस में रिपोर्ट (FIR) दर्ज कराई।

कोर्ट की सख्त टिप्पणी

कोर्ट में वकील ने अजीब दलील पेश की। उन्होंने कहा फ्लाइंग किस देना एक सामान्य इशारा था। उनका दावा था कि आरोपी बस डांस कर रहा था। जज ने इस बात को तुरंत खारिज कर दिया। उन्होंने आरोपी के तर्क को बिल्कुल नहीं माना। कोर्ट ने इसे लड़की का अपमान (पॉक्सो एक्ट) माना है।

कोर्ट ने बताई यौन उत्पीड़न की परिभाषा

कोर्ट ने यौन उत्पीड़न पर बड़ी बात कही है। इसके लिए शरीर को छूना जरूरी नहीं है। अगर कोई इशारा लड़की को डराता है, तो वह जुर्म है। मर्यादा को ठेस पहुंचाना भी अपराध की श्रेणी में आएगा। 'फ्लाइंग किस' देना एक गलत यौन संकेत है। इससे नाबालिग के सम्मान को गहरी चोट पहुंचती है।

युवक पर लगे ये एक्ट

आज आरोपी शादीशुदा है और एक छोटे बच्चे का पिता है। उसने अपनी पारिवारिक जिम्मेदारियों का हवाला देते हुए कम सजा की मांग की थी। लेकिन कोर्ट ने अपराध की गंभीरता और पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) के प्रावधानों को ध्यान में रखते हुए उसे 3 साल के कठोर कारावास और 3000 रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई।

SOOTR KNOWLEDGE

क्या है पॉक्सो एक्ट

  • POCSO Act: प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंस एक्ट 2012 के तहत 18 साल से कम उम्र के बच्चों के साथ किसी भी प्रकार का यौन दुर्व्यवहार अपराध है।
  • कानूनी अधिकार: किसी भी अनुचित स्पर्श या इशारे के खिलाफ बच्चे या उनके अभिभावक स्थानीय पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

बचाव पक्ष के दावों को कोर्ट ने किया खारिज

आरोपी ने खुद को निर्दोष बताया। उसका कहना था कि पड़ोसी ने उसे फंसाया है। पुरानी दुश्मनी के कारण झूठा केस दर्ज हुआ। कोर्ट ने इस दलील को खारिज कर दिया। जज ने कहा कि माता-पिता ऐसा नहीं करेंगे।

वे अपनी बेटी की इज्जत दांव पर नहीं लगाएंगे। पड़ोसी के लिए कोई अपना भविष्य खराब नहीं करेगा। पीड़िता की गवाही सजा के लिए काफी थी। कोर्ट ने सभी सबूतों को सही माना। आरोपी को अंततः दोषी करार दिया गया।

ये भी पढ़ें...

GSSSB Vacancy: 336 वर्क असिस्टेंट पदों पर जीएसएसएसबी भर्ती, आवेदन करें

टी-20 वर्ल्ड कप 2026 : भारत ने नीदरलैंड को 17 रन से हराया
फ्री खाना मिलेगा तो लोग काम क्यों करेंगे, सरकारें रोजगार दें: सुप्रीम कोर्ट

तालिबान का नया क्रूर कानून: पति अपनी पत्नी और बच्चों की कर सकता पिटाई

Tags:
  • पॉक्सो एक्ट
  • POCSO Act
  • यौन उत्पीड़न
  • पॉक्सो
  • मुंबई कोर्ट
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग

By Atul Dwivedi

MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री

By Ramanand Tiwari

एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा

By Ramanand Tiwari

मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन

By Jitendra Shrivastava

मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा