विवाद के बाद NCERT का यू-टर्न: मोहनजोदड़ो की डांसिंग गर्ल मूल स्वरूप में ही रहेगी
Pawan Modiya | Jun 15, 2026, 18:18 IST
डांसिंग गर्ल विवाद
NCERT ने कक्षा 9 की किताब "मधुरिमा" में डांसिंग गर्ल की बदली गई तस्वीर को वापस मूल रूप में लाने का फैसला किया है। विवाद के बाद यह यू-टर्न आया। मंगलवार तक किताब की सॉफ्ट कॉपी में मूर्ति का असली स्वरूप बहाल हो जाएगा।
समझें क्या है पूरा मामला
- NCERT ने कक्षा 9 की किताब में डांसिंग गर्ल की बदली तस्वीर वापस लेने का फैसला किया।
- मंगलवार तक किताब की डिजिटल कॉपी में मूल स्वरूप बहाल हो जाएगा।
- पहले मूर्ति के धड़ को डिजिटल शेडिंग से ढका गया था।
- विवाद उठने पर इतिहासकारों और विशेषज्ञों ने इसे सेंसरशिप बताया था।
- NCERT के सूत्रों ने बदलाव की पुष्टि की, आधिकारिक बयान अभी बाकी है।
NCERT ने लिया यू-टर्न
यह फैसला उस विवाद के बाद आया है जो किताब में मूर्ति के धड़ को डिजिटल शेडिंग से ढकने की वजह से शुरू हुआ था।
पहले क्या था विवाद?
यह बदलाव पिछले 25 से ज्यादा वर्षों में पहली बार किया गया था। इस दौरान कई सरकारें आईं और गईं, लेकिन किसी ने भी इस तस्वीर से छेड़छाड़ नहीं की थी।
इतिहासकारों ने जमकर विरोध किया
डैनिनो ने यह सवाल भी उठाया कि अगर किताब में मूर्ति को ढकना जरूरी है, तो क्या नई दिल्ली के नेशनल म्यूजियम में रखी ऐसी मूर्तियों को देखने से बच्चों को रोका जाएगा? उनके इस तर्क ने पूरी बहस को और तेज कर दिया।
NCERT निदेशक भी थे अनजान
इस मामले में यह बात भी अजीब थी कि कक्षा 6 की सामाजिक विज्ञान की किताब में डांसिंग गर्ल की तस्वीर मूल रूप में थी। लेकिन कक्षा 9 की किताब में उसी मूर्ति को बदला हुआ दिखाया गया था। यानी एक ही संस्था की दो किताबों में एक ही मूर्ति दो अलग-अलग रूपों में थी।
क्या है डांसिंग गर्ल?
यह सिंधु घाटी सभ्यता की सबसे पहचानी जाने वाली धरोहरों में से एक है। इतिहास और पुरातत्व (Archaeology) की किताबों में इसे हमेशा मूल स्वरूप में ही छापा जाता रहा है। फिलहाल यह मूर्ति नई दिल्ली के नेशनल म्यूजियम में रखी हुई है।
डांसिंग गर्ल की तस्वीर बहाल
अब आगे क्या होगा?
NCERT की तरफ से इस पूरे मामले पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। यह भी स्पष्ट नहीं किया गया कि पहले यह बदलाव किसके निर्देश पर किया गया था और यह गलती कैसे हुई। शिक्षाविद और इतिहासकार अब भी जवाब मांग रहे हैं।
यह मामला एक बड़े सवाल को जिंदा रखता है। क्या शैक्षिक सामग्री तैयार करते वक्त ऐतिहासिक प्रामाणिकता के साथ समझौता होना चाहिए? और अगर कोई गलती हो भी जाए, तो उसे स्वीकार करने में पारदर्शिता क्यों नहीं दिखाई जाती?
FAQ
- NCERT ने डांसिंग गर्ल की बदली तस्वीर को वापस क्यों लिया?
NCERT की कक्षा 9 की किताब "मधुरिमा" में डांसिंग गर्ल के धड़ को डिजिटल शेडिंग से ढकने पर इतिहासकारों और शिक्षाविदों ने कड़ा विरोध किया। इतिहासकार मिशेल डैनिनो समेत कई विशेषज्ञों ने इसे सेंसरशिप और नकली कलाकृति बनाना बताया। विवाद बढ़ने पर NCERT ने यह फैसला किया कि किताब की डिजिटल कॉपी में मूर्ति का मूल स्वरूप बहाल किया जाएगा। - NCERT की किताब में डांसिंग गर्ल की तस्वीर कब बहाल होगी?
सूत्रों के मुताबिक मंगलवार तक किताब की सॉफ्ट यानी डिजिटल कॉपी में डांसिंग गर्ल का मूल स्वरूप बहाल कर दिया जाएगा। प्रिंट कॉपी में बदलाव कब होगा, इसकी अभी आधिकारिक जानकारी नहीं है। NCERT की तरफ से इस पूरे मामले पर कोई आधिकारिक बयान अभी तक नहीं आया है। - डांसिंग गर्ल की मूर्ति का ऐतिहासिक महत्व क्या है?
डांसिंग गर्ल करीब चार हजार साल पुरानी कांस्य की एक छोटी मूर्ति है, जो 1926 में मोहनजोदड़ो की खुदाई में मिली थी। यह सिंधु घाटी सभ्यता की सबसे पहचानी जाने वाली धरोहरों में से एक है। इसमें एक लड़की को आत्मविश्वासपूर्ण मुद्रा में दिखाया गया है। यह मूर्ति हड़प्पाकालीन उन्नत धातु विज्ञान का प्रमाण है और अभी नई दिल्ली के नेशनल म्यूजियम में रखी है।
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