हंगरी के लास्जलो क्रास्ज्नाहोरकाई को मिला साहित्य का नोबेल पुरस्कार 2025, सतान्तांगो पर बन चुकी है 7 घंटे की मूवी

लास्जलो क्रास्ज्नाहोरकाई को 2025 का साहित्य का नोबेल पुरस्कार स्वीडिश एकेडमी द्वारा दिया गया। यह पुरस्कार उनके उत्कृष्ट साहित्यिक योगदान को मान्यता प्रदान करता है। 2025 में यह चौथा नोबेल पुरस्कार था जो घोषणा के बाद साहित्य के क्षेत्र में दिया गया है।

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Jitendra Shrivastava
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Photograph: (thesootr)

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साहित्य का नोबेल पुरस्कार 2025: स्वीडिश एकेडमी ने 9 अक्टूबर 2025 को हंगरी लास्जलो क्रास्ज्नाहोरकाई (Laszlo Krasznahorkai) को साहित्य के नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया है।

यह पुरस्कार उनके अद्वितीय और प्रभावशाली साहित्यिक योगदान को मान्यता प्रदान करता है। पिछले साल, दक्षिण कोरिया की लेखिका हान कांग (Han Kang) को यह पुरस्कार दिया गया था, जो मानव जीवन की नाजुकता और ऐतिहासिक आघातों का सामना करने वाले विषयों पर लेखन करती हैं।

साहित्य का नोबेल पुरस्कार 2025 किसे मिला

2025 में साहित्य का नोबल पुरस्कार पाने वाले लास्जलो क्रास्ज्नाहोरकाई की लेखनी पर गहरी छाप है, जो अक्सर अस्तित्व, जीवन की गहरी वास्तविकताओं और मानसिक जटिलताओं पर आधारित होती है। उनके लेखन का मुख्य उद्देश्य मनुष्य के अस्तित्व और उसे घेरने वाले मानसिक, भौतिक और ऐतिहासिक संघर्षों का चित्रण करना है। उनकी रचनाओं में विचार और कल्पना की गहरी छानबीन की जाती है।

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सतांटैंगो किताब पर बन चुकी है फिल्म

लास्जलो क्रास्ज्नाहोरकाई की 1985 में प्रकाशित किताब सतांटैंगो (Santa Tango) को उनके सबसे मशहूर और प्रभावशाली कार्यों में से एक माना जाता है। इस किताब पर आधारित एक फिल्म 1994 में बनाई गई, जिसका नाम भी सतांटैंगो था। यह फिल्म 7 घंटे लंबी है, और इसे अब तक की सबसे बेहतरीन आर्टहाउस फिल्मों में से एक माना जाता है। फिल्म का निर्देशन बाला तार (Bela Tarr) ने किया था और इसे सिनेमाई दृष्टिकोण से एक अद्वितीय कृति के रूप में सराहा गया है।

लास्जलो क्रास्ज्नाहोरकाई, हंगरी के प्रमुख समकालीन लेखकों में माने जाते हैं, जिनकी रचनाएं अक्सर दर्शन, मानवता, अराजकता और आधुनिक समाज की समस्याओं को विषय बनाती हैं। उनके साहित्य का मुख्य आकर्षण उनके गहरे विचार, उदास और कहानियों में है। इन कहानियों में न केवल व्यक्तिगत संघर्ष, बल्कि समाज की जटिलताओं को भी बयां किया गया है। उनकी लेखनी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उच्च प्रशंसा प्राप्त हुई है।

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धोखा और अराजकता की कहानी

यह कहानी एक छोटे से गांव की है, जहां के निवासी अपनी कठिन जीवन परिस्थितियों से जूझ रहे हैं। सतांटैंगो की कहानी धोखे और अराजकता के इर्द-गिर्द घूमती है, जहां गांव के कुछ गरीब लोग एक पुराने फार्महाउस में रहते हैं और आशा करते हैं कि वे जल्द ही अमीर हो जाएंगे। लेकिन जैसा कि अक्सर होता है, उनका सपना सच नहीं हो पाता और सब कुछ उल्टा हो जाता है। यह किताब और फिल्म दोनों ही समाज के भीतर छिपे हुए संवेदनशील मुद्दों को सामने लाती हैं, जैसे मानवीय प्रवृत्तियां, स्वार्थ और विश्वासघात।

द मेलांकली ऑफ रेसिस्टेंस पर भी फिल्म

लास्जलो क्रास्ज्नाहोरकाई की अन्य प्रसिद्ध किताब द मेलांकली ऑफ रेसिस्टेंस (The Melancholy of Resistance) भी एक गहरे विचारधारा वाली कहानी है। इस किताब पर भी एक फिल्म बनाई गई है, जो उनकी रचनाओं के गंभीर और विचारशील पहलुओं को सामने लाती है।

यह किताब और फिल्म दोनों ही सामाजिक और राजनीतिक संकटों की गहरी छानबीन करती हैं, और यह दर्शाती हैं कि कैसे अराजकता और सामाजिक असहमति के बीच लोग अपने अस्तित्व के लिए संघर्ष करते हैं।

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लास्जलो क्रास्ज्नाहोरकाई का साहित्यिक योगदान

लास्जलो क्रास्ज्नाहोरकाई की लेखनी ने समकालीन साहित्य में एक महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त किया है। उनके कामों में जीवन के गहरे अर्थ, अस्तित्व के संघर्ष, और समाज के संकटों का प्रभावी चित्रण किया गया है। उनके साहित्यिक योगदान को लेकर आलोचक अक्सर इसे "दीप थिंकिंग वाली उदास कहानियां" मानते हैं, जो पाठकों को मानसिक और भावनात्मक रूप से चुनौती देती हैं।

उनकी किताबें न केवल साहित्यिक दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं, बल्कि उनके द्वारा उठाए गए विषयों के कारण वे समाज और मानवीयता पर एक स्थायी प्रभाव डालती हैं। उनकी कहानियों में दिखाई गई अराजकता और जीवन की मुश्किलें समाज के उन पहलुओं को उजागर करती हैं जिन्हें सामान्य तौर पर अनदेखा किया जाता है।

लास्जलो क्रास्ज्नाहोरकाई को मिले नोबेल प्राइज के मैन पॉइंट्स...

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  • लास्जलो क्रास्ज्नाहोरकाई हंगरी के प्रसिद्ध समकालीन लेखक हैं।
  • उनकी किताबें अक्सर जीवन के अंधेरे पक्ष, अराजकता और समाज के संकटों पर आधारित होती हैं।
  • उनकी किताब सतांटैंगो पर एक 7 घंटे लंबी फिल्म बनी, जिसे आर्टहाउस सिनेमा का उत्कृष्ट उदाहरण माना जाता है।
  • द मेलांकली ऑफ रेसिस्टेंस उनकी दूसरी प्रसिद्ध किताब है, जिस पर भी फिल्म बनी है।
  • लास्जलो का लेखन गहरे विचार और सामाजिक मुद्दों को उठाता है, जिससे पाठकों को मानवीय जीवन की जटिलताओं का सामना होता है।

साहित्य के नोबेल पुरस्कार का महत्व

नोबेल पुरस्कार, जिसे अल्फ्रेड नोबेल द्वारा 1895 में स्थापित किया गया था, विश्वभर के सर्वश्रेष्ठ साहित्यकारों को सम्मानित करने के लिए दिया जाता है। यह पुरस्कार साहित्य, विज्ञान, चिकित्सा, और शांति के क्षेत्र में अद्वितीय योगदान को मान्यता देने के लिए जाना जाता है।

लास्जलो क्रास्ज्नाहोरकाई को इस पुरस्कार से सम्मानित किया जाना न केवल उनके व्यक्तिगत कार्य की सराहना है, बल्कि यह साहित्य के प्रति दुनिया की बढ़ती सराहना को भी दर्शाता है। उनका साहित्य वैश्विक संदर्भ में विभिन्न सामाजिक, सांस्कृतिक और व्यक्तिगत मुद्दों को उजागर करता है, जो पाठकों के बीच गहरी विचारधारा पैदा करता है।

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2025 के अन्य नोबेल पुरस्कार विजेता...

मेडिसिन नोबेल पुरस्कार (Medicine Nobel Prize 2025)
9 अक्टूबर को मेडिसिन का नोबेल पुरस्कार मेरी ई. ब्रंको, फ्रेड रैम्सडेल और डॉ. शिमोन सकागुची को दिया गया। उन्हें "फेरिफेरल इम्यून टॉलरेंस" (Peripheral Immune Tolerance) में उनके योगदान के लिए यह पुरस्कार प्रदान किया गया।

फिजिक्स का नोबेल पुरस्कार 2025

10 अक्टूबर को फिजिक्स के नोबेल पुरस्कार जॉन क्लार्क, मिशेल एच. डेवोरेट और जॉन एम. मार्टिनिस को दिया गया। यह पुरस्कार उन्हें "सब-एटॉमिक क्वांटम टनलिंग" (Sub-Atomic Quantum Tunneling) पर उनके शोध के लिए प्रदान किया गया।

केमिस्ट्री का नोबेल पुरस्कार 2025

11 अक्टूबर को केमिस्ट्री का नोबेल पुरस्कार सुसमू कितागावा, रिचर्ड रॉबसन और ओमर एम यागी को मेटल-कार्बनिक फ्रेमवर्क (Metal-Organic Framework) पर उनके योगदान के लिए दिया गया।

शांति का पुरस्कार 2025

अब शांति पुरस्कार की घोषणा शुक्रवार को की जाएगी। यह पुरस्कार किसी भी व्यक्ति, संगठन या देश को दिया जाता है जिसने शांति स्थापित करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया हो।

नोबेल पुरस्कार विजेताओं को क्या मिलेगा? 

नोबेल पुरस्कार विजेताओं को सम्मानित करने के साथ-साथ उन्हें एक विशेष डिप्लोमा, 18 कैरेट का गोल्ड मेडल और 11 मिलियन स्वीडिश क्रोनर (लगभग साढ़े दस करोड़ रुपए) की धनराशि दी जाती है। यह पुरस्कार समारोह 10 दिसंबर को आयोजित किया जाता है, जो अल्फ्रेड नोबेल की पुण्यतिथि होती है।

FAQ

लास्जलो क्रास्ज्नाहोरकाई को साहित्य का नोबेल पुरस्कार क्यों मिला?
लास्जलो क्रास्ज्नाहोरकाई को साहित्य का नोबेल पुरस्कार उनके अद्वितीय और गहरे साहित्यिक योगदान के लिए दिया गया। उनकी रचनाओं में मनुष्य के अस्तित्व और मानसिक संघर्षों की जटिलता को प्रभावी ढंग से चित्रित किया गया है, जो वैश्विक स्तर पर पाठकों के बीच गहरी सोच को प्रेरित करता है।
नोबेल पुरस्कार समारोह का क्या महत्व है?
यह पुरस्कार समारोह स्वीडन के स्टॉकहोम में आयोजित होता है, और पूरी दुनिया में इसे अत्यधिक प्रतिष्ठित माना जाता है। यह न केवल विजेताओं के व्यक्तिगत योगदान की सराहना है, बल्कि यह दुनिया भर में साहित्य, विज्ञान, और शांति के महत्व को भी दर्शाता है।

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