ब्रिटिश वैज्ञानिकों का कारनामा, 30 साल तक जवान बनाने वाली तकनीक से पलटी उम्र

Sandeep Kumar | Jun 29, 2025, 21:15 IST
Share
person 30 years younger
person 30 years younger

बाबरहम इंस्टीट्यूट के वैज्ञानिकों ने एक नया तरीका अपनाया। उन्होंने यामानाका फैक्टर की नियंत्रित खुराक 13 दिनों तक दी। यह ऐसा था, जैसे उन्हें सिर्फ इतनी दवाई दी जाए, जिससे वे ठीक हो जाएं, लेकिन पूरी तरह से न बदलें।

क्या आपने कभी सोचा है कि हम अपनी उम्र को कुछ साल पीछे कर सकें तो कैसा होगा? यह किसी साइंस फिक्शन फिल्म जैसा लग सकता है, लेकिन ब्रिटिश के वैज्ञानिकों ने इस दिशा में एक बड़ी सफलता हासिल की है। कैम्ब्रिज के बाबरहम इंस्टीट्यूट के शोधकर्ताओं ने एक ऐसी तकनीक विकसित की है, जिससे मानव त्वचा कोशिकाओं को उनकी वास्तविक उम्र से 30 साल तक जवान किया जा सकता है।

सोचिए, आपकी 53 साल पुरानी त्वचा कोशिकाएं, जो उम्र के साथ ढीली पड़ने लगती हैं। ठीक से काम नहीं करतीं, उन्हें फिर से 23 साल के युवा व्यक्ति की कोशिकाओं जैसा बना दिया गया है। सबसे खास बात यह है कि इस प्रक्रिया में इन कोशिकाओं ने अपनी पहचान या अपना मूल काम नहीं खोया। यानी, वे त्वचा कोशिकाएं वैसी की वैसी ही बनी रहीं, बस जवान हो गईं।

ये खबर भी पढ़िए... त्वचा को लंबे समय तक जवां बनाए रखने के लिए खाएं ये फूड्स, झुर्रियां नहीं आती नजर; सेहत भी रहती है दुरुस्त

जादू की छड़ी नहीं, विज्ञान का कमाल

यह कोई जादू नहीं, बल्कि एक एडवांस साइंटिफिक प्रोसेस है जिसे आंशिक सेलुलर रीकॉडिंग (Partial Cellular Reprogramming) कहा जाता है। इस तकनीक में 'यामानाका फैक्टर' नामक विशेष प्रोटीन का उपयोग किया जाता है। ये प्रोटीन आनुवंशिक कोड (जेनेटिक निशान) होते हैं, जो कोशिकाओं में उम्र बढ़ने की प्रोसेस को कंट्रोल करते हैं।

ये खबर भी पढ़िए... राजा रघुवंशी हत्याकांड की जांच में शिलांग एसआईटी ने दी रतलाम में दबिश

वैज्ञानिक पहले कोशिकाओं को 'रीप्रोग्राम' करते थे, लेकिन उन्हें स्टेम कोशिकाओं में बदल देते थे। स्टेम कोशिकाएं किसी भी कोशिका में बदल सकती हैं, लेकिन वे अपनी पहचान और काम खो देती हैं। उदाहरण के लिए, एक त्वचा कोशिका स्टेम कोशिका बनने के बाद त्वचा का काम करना बंद कर देती है।

ये खबर भी पढ़िए... मुंबई में घर खरीदने के लिए करना होगा 109 साल तक काम, जानिए देश के दूसरे बड़े शहरों का क्या है हाल

बाबरहम इंस्टीट्यूट के वैज्ञानिकों ने एक नया तरीका अपनाया। उन्होंने यामानाका फैक्टर की नियंत्रित खुराक 13 दिनों तक दी। यह ऐसा था, जैसे उन्हें सिर्फ इतनी दवाई दी जाए, जिससे वे ठीक हो जाएं, लेकिन पूरी तरह से न बदलें। इस खुराक से कोशिकाओं की उम्र पलट गई, लेकिन उन्होंने अपने त्वचा-विशिष्ट कार्यों को बरकरार रखा। वे अब भी त्वचा की कोशिकाएं थीं, बस ज्यादा युवा और बेहतर तरीके से काम कर रही थीं।

ये खबर भी पढ़िए... गरीब की जमीन हड़प कर खोल दिया चखना सेंटर... पार्षद पर पीएम आवास में घोटाले का आरोप

कोशिकाओं में आए बदलाव

इस खास इलाज के बाद, पुनःजीवित कोशिकाओं में कई शानदार बदलाव देखे गए...

  • घाव भरने की गति बढ़ी: युवा कोशिकाएं घावों को तेजी से भरती हैं, और ये नई कोशिकाएं भी ऐसा ही कर रही थीं।
  • कोलेजन उत्पादन में बढ़ोतरी: कोलेजन त्वचा को कसावट और लोच देता है। उम्र बढ़ने के साथ इसका उत्पादन घटता है, लेकिन इन कोशिकाओं में कोलेजन का उत्पादन बढ़ गया, जिससे त्वचा की लोच में सुधार हो सकता है।
  • युवा जीन पैटर्न का सक्रिय होना: कोशिकाओं के भीतर के जीन, जो उनकी उम्र और कार्यप्रणाली को नियंत्रित करते हैं, युवा कोशिकाओं जैसे पैटर्न पर काम करने लगे।
  • आंखों से दिखने वाले बदलाव: जब वैज्ञानिकों ने इन कोशिकाओं को माइक्रोस्कोप के नीचे देखा, तो वे सचमुच ज्यादा युवा दिखने लगीं। उनकी संरचना बेहतर हो गई, उनके बीच के कनेक्शन मजबूत हो गए और लचीलापन बढ़ गया।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि ये सभी युवा लक्षण उपचार के कई हफ्तों बाद भी बने रहे। इसका मतलब यह था कि यह सिर्फ एक अस्थायी बदलाव नहीं था, बल्कि कोशिकाओं की जैविक उम्र में एक गहरा और स्थायी 'रीसेट' हुआ था।

भविष्य की असीमित संभावनाएं

यह वैज्ञानिक प्रगति 'पुनर्योजी चिकित्सा' (Regenerative Medicine) के क्षेत्र में एक गेम चेंजर साबित हो सकती है। इसके मायने सिर्फ त्वचा को जवान बनाने तक ही सीमित नहीं हैं। इसकी संभावनाएं बहुत बड़ी हैं...

त्वचा का बुढ़ापा

सबसे सीधा फायदा तो यही है कि हम त्वचा के बुढ़ापे को धीमा कर सकते हैं या शायद उसे उलट भी सकते हैं। झुर्रियों और ढीली त्वचा के लिए नए और अधिक प्रभावी उपचार विकसित हो सकते हैं।

गठिया का इलाज

गठिया जैसी बीमारियों में जोड़ों की कोशिकाएं खराब हो जाती हैं। यदि इन कोशिकाओं को भी इसी तरह से फिर से जीवंत किया जा सके, तो गठिया के इलाज में क्रांति आ सकती है।

न्यूरोडिजेनेरेटिव बीमारियां

अल्जाइमर और पार्किंसन जैसी न्यूरोडिजेनेरेटिव बीमारियां मस्तिष्क की कोशिकाओं के खराब होने से होती हैं। इस तकनीक से इन बीमारियों के इलाज की उम्मीद जगी है। अगर मस्तिष्क की कोशिकाओं को युवा और स्वस्थ बनाया जा सके, तो इनका इलाज संभव हो सकता है।

चोटों का बेहतर इलाज

यह तकनीक शरीर के क्षतिग्रस्त ऊतकों और अंगों की मरम्मत या उन्हें बदलने में मदद कर सकती है। इससे चोटों का इलाज और रिकवरी तेज हो सकती है।

thesootr links

द सूत्र की खबरें आपको कैसी लगती हैं? Google my Business पर हमें कमेंट के साथ रिव्यू दें। कमेंट करने के लिए इसी लिंक पर क्लिक करें

अगर आपको ये खबर अच्छी लगी हो तो 👉दूसरेग्रुप्स, 🤝दोस्तों, परिवारजनों के साथ शेयर करें📢🔃🤝💬👩👦👨

देश दुनिया न्यूज | ब्रिटेन‍ hindi news

Tags:
  • ब्रिटेन
  • युवा
  • त्वचा
  • देश दुनिया न्यूज
  • hindi news
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग

By Atul Dwivedi

MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री

By Ramanand Tiwari

एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा

By Ramanand Tiwari

मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन

By Jitendra Shrivastava

मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा