middle east war: बढ़ेंगे पेट्रोल-डीजल के दाम! दो महीने में तेल कंपनियों को 30 हजार करोड़ का घाटा
Jitendra Shrivastava | May 08, 2026, 23:34 IST
Photograph: (THESOOTR)
NEW DELHI: भारत में पेट्रोल-डीजल के दाम जल्द बढ़ सकते हैं। मार्च-अप्रैल में तेल कंपनियों को 30,000 करोड़ का घाटा हुआ। ऊर्जा सुरक्षा पर भी संकट गहराया।
News In Short
- मार्च-अप्रैल में तेल कंपनियों को 30,000 करोड़ घाटा।
- बिना राहत के घाटा 62,500 करोड़ तक पहुंच जाता।
- भारत में पेट्रोल अभी 95-96 रुपए पर स्थिर है।
- रिफाइनरियां 100% से ज्यादा क्षमता पर चल रही हैं।
- भारत का पेट्रोलियम रिजर्व सिर्फ 15 दिन का है।
News In Detail
पेट्रोल-डीजल दाम बढ़ने का खतरा
पश्चिम एशिया संघर्ष (West Asia Conflict) ने वैश्विक क्रूड बाजार को बुरी तरह प्रभावित किया है। सरकारी तेल कंपनियों का घाटा लगातार बढ़ता जा रहा है। ऐसे में दाम बढ़ाने का दबाव भी तेज होता जा रहा है।
30,000 करोड़ का संयुक्त घाटा
इंडियन आयल (Indian Oil), हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) और भारत पेट्रोलियम (BPCL) यह बोझ उठा रही हैं। यदि केंद्र सरकार ने उत्पाद शुल्क में कटौती नहीं की होती तो यह घाटा 62,500 करोड़ रुपए तक पहुंच जाता। यह आंकड़ा बताता है कि स्थिति कितनी गंभीर है।
सरकार ने दी राहत, पर नुकसान भी
इससे तेल कंपनियों को कुछ राहत मिली। लेकिन इस छूट से केंद्र सरकार को भी भारी राजस्व हानि (Revenue Loss) उठानी पड़ी। जब कच्चे तेल की कीमत 120 डॉलर प्रति बैरल को पार गई थी तब पेट्रोल पर 24 और डीजल पर 30 रुपए प्रति लीटर का बोझ उठाना पड़ा था।
भारत में अभी स्थिर हैं दाम
बांग्लादेश ने ईंधन राशनिंग (Fuel Rationing) लागू की है। श्रीलंका ने चार दिवसीय कार्य सप्ताह और फिलीपींस ने राष्ट्रीय ऊर्जा आपातकाल घोषित कर दिया है।
ऊर्जा सुरक्षा पर संकट
देशभर में गैस पाइपलाइन बिछाने और रिफाइनरी क्षमता बढ़ाने के काम रुक सकते हैं। रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार (Strategic Petroleum Reserve) बनाने की योजना भी प्रभावित हो सकती है। यह भारत की दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा है।
रिजर्व मात्र 15 दिन का
एलपीजी के लिए 30 दिन का समर्पित रिजर्व बनाने की योजना है। पश्चिम एशिया संकट के बाद इन योजनाओं पर तेजी से काम करना जरूरी हो गया है।
रिफाइनरियां क्षमता से ज्यादा चल रहीं
अगर खुदरा कीमतें (Retail Fuel Prices) नहीं बढ़ाई गईं तो रिफाइनरियों पर दबाव और बढ़ेगा। इससे आपूर्ति श्रृंखला भी प्रभावित हो सकती है। सरकार के सामने यह सबसे बड़ी चुनौती है।
FAQ
- भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतें क्यों बढ़ सकती हैं और कितना हो सकता है असर?
पश्चिम एशिया संघर्ष (West Asia Conflict) के कारण वैश्विक कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतें बढ़ गई हैं। इससे भारत की तीन प्रमुख सरकारी तेल कंपनियों — इंडियन आयल, HPCL और BPCL — को मार्च-अप्रैल में ही 30,000 करोड़ रुपए का संयुक्त घाटा हुआ है। अगर केंद्र सरकार की उत्पाद शुल्क राहत नहीं होती तो यह घाटा 62,500 करोड़ रुपए तक पहुंच जाता। ऐसे में पेट्रोल-डीजल की खुदरा कीमतों (Retail Fuel Prices) में बढ़ोतरी की संभावना बढ़ गई है। - भारत सरकार ने तेल कंपनियों को घाटे से बचाने के लिए क्या कदम उठाए हैं?
केंद्र सरकार ने पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क (Excise Duty) 13 रुपए से घटाकर 3 रुपए प्रति लीटर कर दिया है। डीजल पर उत्पाद शुल्क 10 रुपए से घटाकर शून्य कर दिया गया है। इससे तेल कंपनियों के घाटे को कुछ हद तक कम करने में मदद मिली है। हालांकि इस छूट से केंद्र सरकार को भी बड़ी राजस्व हानि (Revenue Loss) उठानी पड़ी है। पेट्रोलियम मंत्रालय (Petroleum Ministry) के सूत्रों के अनुसार यह व्यवस्था अनिश्चितकाल तक जारी नहीं रखी जा सकती। - पेट्रोल-डीजल की कीमतें न बढ़ाई गईं तो भारत की ऊर्जा सुरक्षा पर क्या असर होगा?
अगर खुदरा पेट्रोलियम कीमतें (Retail Fuel Prices) नहीं बढ़ाई गईं तो भारत की ऊर्जा सुरक्षा (India Energy Security) से जुड़ी कई बड़ी परियोजनाएं प्रभावित होंगी। देशभर में गैस पाइपलाइन बिछाने और रिफाइनरी क्षमता विस्तार का काम रुक सकता है। भारत का स्ट्रेटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व (Strategic Petroleum Reserve) अभी सिर्फ 15 दिन के आयात के बराबर है, जिसे बढ़ाने की योजना भी खटाई में पड़ सकती है। रिफाइनरियां पहले से 100 फीसद से ज्यादा क्षमता पर चल रही हैं, जो दीर्घकाल में टिकाऊ नहीं है।
शुभेंदु अधिकारी होंगे बंगाल के नए CM, रूपा गांगुली डिप्टी CM; शपथ 9 मई को सुबह 11 बजे
कैंसर, रेबीज और हेपेटाइटिस की नकली दवाओं का भंडाफोड़, दिल्ली में 6 करोड़ की दवाएं जब्त
इंटरकास्ट मैरिज के समर्थन में RSS प्रमुख मोहन भागवत, कहा-जाति को भूलें, राजनीति खुद सुधर जाएगी
YouTube और OTT ऐप्स के लिए आ रहा नया कानून, फ्री सर्विस अब होगी पेड
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari