राहुल के गांधी स्मृति मार्च में 120 से ज्यादा विपक्षी सांसद, पुलिस ने रोकी बसें
Pawan Modiya | Jul 23, 2026, 23:49 IST
राहुल गांधी मार्च
राहुल गांधी के नेतृत्व में 120 से ज्यादा विपक्षी सांसद गांधी स्मृति पहुंचे। सांसद दो बसों से निकले थे। पुलिस ने रास्ते में काफिला रोका। बाद में नेताओं को आगे जाने दिया गया। विपक्ष ने नीट पेपर लीक मामले में छात्रों का समर्थन किया।
समझें क्या है पूरा मामला
- राहुल गांधी के आवास पर 120 से ज्यादा विपक्षी सांसद जुटे।
- सांसद दो बसों से गांधी स्मृति जाने के लिए निकले।
- दिल्ली पुलिस ने बैरिकेड लगाकर दोनों बसों को रोक दिया।
- अनुमति मिलने के बाद सभी सांसद गांधी स्मृति पहुंचे।
- विपक्ष ने नीट पेपर लीक मामले में छात्रों का समर्थन किया।
सभी सांसद दो बसों में सवार होकर निकले। उनका उद्देश्य गांधी स्मृति पहुंचकर शांतिपूर्ण विरोध दर्ज कराना था। सांसदों ने हाथों में संविधान की प्रतियां भी रखी थीं। प्रदर्शन राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा से जुड़ा था। इसे नीट (National Eligibility cum Entrance Test) कहा जाता है। विपक्ष ने परीक्षा में कथित गड़बड़ी का मुद्दा उठाया।
नेताओं ने पेपर लीक मामलों पर भी सवाल किए। उन्होंने छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई का विरोध किया। विपक्ष ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफा मांगा।
राहुल के घर जुटे नेता
तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा भी पहुंचीं। शिवसेना के अरविंद सावंत बैठक में शामिल हुए। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की सुप्रिया सुले भी मौजूद रहीं। राष्ट्रीय जनता दल की मीसा भारती भी पहुंचीं। समाजवादी पार्टी के रामजी लाल सुमन भी शामिल हुए। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के जॉन ब्रिटास भी बैठक में पहुंचे।
राहुल गांधी के आवास पर दो बसें बुलाई गईं। इससे नेताओं की अगली योजना पर उत्सुकता बढ़ गई। खड़गे से बैठक का कारण भी पूछा गया।खड़गे ने सवाल का हल्के अंदाज में जवाब दिया। उन्होंने कहा कि राहुल ने उन्हें चाय पर बुलाया था। इसलिए वह राहुल के आवास पर आए हैं।
दो बसों से निकले सांसद
इस प्रदर्शन में इंडिया गठबंधन के सांसद शामिल हुए। इंडिया का पूरा नाम इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस है। गठबंधन ने प्रदर्शन को शांतिपूर्ण मार्च बताया। सांसद गांधी स्मृति जाकर छात्रों को समर्थन देना चाहते थे। उन्होंने इसे किसी दल का कार्यक्रम नहीं बताया। नेताओं ने छात्र हितों को मुख्य मुद्दा कहा।
पुलिस ने रोका काफिला
No one can stop us from standing with the students of India.
भारत के छात्रों के साथ खड़े होने से हमें कोई नहीं रोक सकता। pic.twitter.com/ALypCpklbX
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) July 23, 2026
पुलिस ने निषेधाज्ञा लागू होने की जानकारी दी। यह आदेश बीएनएसएस की धारा 163 के तहत था। बीएनएसएस का मतलब भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता है। इसका अंग्रेजी नाम भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता ही प्रचलित है। यह कानून सार्वजनिक व्यवस्था से जुड़े अधिकार देता है। प्रशासन भीड़ पर जरूरी प्रतिबंध लगा सकता है।
बैरिकेडिंग के कारण दोनों बसें आगे नहीं बढ़ सकीं। इससे सड़क पर कुछ समय तक गतिरोध बना रहा। विपक्षी नेताओं ने पुलिस अधिकारियों से बातचीत की। प्रियंका गांधी बस की अगली सीट तक पहुंचीं। उन्होंने वहां मौजूद अधिकारियों से चर्चा की। राहुल गांधी बस के भीतर से स्थिति देखते रहे। पुलिस और नेताओं के बीच बातचीत काफी देर चली। विपक्ष ने शांतिपूर्ण यात्रा की अनुमति मांगी। पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था का हवाला दिया।
राहुल बोले- छात्रों को अकेला नहीं छोड़ेंगे
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर भी संदेश दिया। उन्होंने मार्च का उद्देश्य अपने पोस्ट में बताया। उन्होंने इसे शांतिपूर्ण कार्यक्रम बताया। उनके अनुसार विपक्ष मृत छात्रों को याद करना चाहता था। उन्होंने घायल प्रदर्शनकारी छात्रों का भी उल्लेख किया। उन्होंने छात्रों को हरसंभव समर्थन देने की बात कही।
You are the one who has harmed the future of our youth the most.
You allowed and encouraged the total capture and destruction of our education system - and protected every person responsible for it.
The students’ demands are clear:
1. Sack Dharmendra Pradhan.
2. Apologise to… https://t.co/0MK4wPMNiK
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) July 23, 2026
गांधी स्मृति पहुंचे सांसद
राहुल ने गांधी स्मृति के ऐतिहासिक महत्व का उल्लेख किया। महात्मा गांधी की हत्या इसी स्थान पर हुई थी। उन्होंने मौजूदा हालात से इसकी तुलना की। राहुल ने केंद्र पर लोकतंत्र कमजोर करने का आरोप लगाया। उन्होंने छात्रों पर अत्याचार होने का दावा किया। उन्होंने सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग की।
प्रियंका का सरकार पर हमला
उन्होंने लगातार पेपर लीक होने का आरोप लगाया। प्रियंका ने परीक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने सरकार से छात्रों की शिकायतें सुनने को कहा। प्रियंका के अनुसार आंदोलनकारी बच्चों को पीटा गया। उन्होंने इसे बेहद गंभीर मामला बताया। उन्होंने छात्र हितों को राजनीतिक विवाद से ऊपर रखा।
भाजपा ने बताया ड्रामा
उन्होंने राहुल गांधी के आवास पर जुटान पर सवाल उठाया। उन्होंने बसें बुलाने की योजना पर भी टिप्पणी की। उनका आरोप था कि विपक्ष ध्यान भटका रहा है। संतोष ने जंतर-मंतर के प्रदर्शन का भी उल्लेख किया। उन्होंने विपक्ष की मंशा पर सवाल उठाए। भाजपा ने छात्रों के नाम पर राजनीति का आरोप लगाया।
पेपर लीक बना बड़ा मुद्दा
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