संचार साथी ऐप के प्री-इंस्टॉल का आदेश वापस, विपक्ष के कड़े विरोध के बाद सरकार बैकफुट पर
Amresh Kushwaha | Dec 04, 2025, 12:32 IST
sanchaar-sathi-app-pre-install-order-withdrawn
केंद्र सरकार ने संचार साथी ऐप को मोबाइल पर प्री-इंस्टॉल करने का आदेश वापस ले लिया है। विपक्ष के विरोध के बाद, सरकार ने इसे ऑप्शनल कर दिया है। जानें संचार साथी ऐप से जुड़ी अहम बातें...
केंद्र सरकार ने संचार साथी ऐप को मोबाइल फोन पर प्री-इंस्टॉल करने का फैसला वापस लिया है। यह निर्णय विपक्षी दलों के कड़े विरोध के बाद लिया गया है। सरकार का कहना था कि यह ऐप साइबर सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए था। इसके बावजूद विपक्ष ने इसे नागरिकों की प्राइवेसी का उल्लंघन मानते हुए विरोध किया था।
ये खबर भी पढ़िए...Tatkaal Ticket Booking Rule: तत्काल टिकट के लिए OTP वेरिफिकेशन जरूरी, नए नियम लागू
संचार साथी ऐप को लेकर विपक्ष ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने इसे सीधे तौर पर प्राइवेसी पर हमला बताया है। उनका कहना था कि यह ऐप एक जासूसी टूल है। इससे सरकार नागरिकों की निगरानी करना चाहती है। उन्होंने आरोप लगाया कि साइबर सुरक्षा के नाम पर सरकार लोगों की निजी जानकारी की निगरानी कर रही है।
ये खबर भी पढ़िए...अब घर बैठे मिनटों में पता करें अपना SIR form status, जानें स्टेटस चेक करने का आसान तरीका
केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने विपक्ष के आरोपों का खंडन किया है। उन्होंने कहा कि यह ऐप ऑप्शनल है। मंगलवार, 02 दिसंबर को संसद में उन्होंने साफ किया कि यूजर्स इसे जब चाहें हटा सकते हैं।
इसके अलावा, ऐप पर रजिस्टर करने की कोई अनिवार्यता नहीं है। यदि कोई रजिस्टर नहीं करता, तो ऐप इनएक्टिव रहेगा। उन्होंने यह भी कहा कि ऐप का उद्देश्य सिर्फ फर्जी कॉल्स और फ्रॉड को रोकना है, जासूसी करना नहीं।
ये खबर भी पढ़िए...प्रियांजली गुप्ता ने डेवलप किया साइन लैंग्वेज ट्रांसलेटर AI टूल, दिव्यांगों के लिए होगा मददगार
28 नवंबर को, दूरसंचार विभाग ने सभी मोबाइल कंपनियों को आदेश दिया था। आदेश में कहा गया था कि वे भारत में बिकने वाले सभी नए और पुराने स्मार्टफोनों में संचार साथी ऐप इंस्टॉल करें।
इसके मुताबिक, ऐप को डिलीट या डिसेबल नहीं किया जा सकता था। हालांकि, विपक्ष ने इस आदेश का विरोध किया था। विपक्ष ने इसे नागरिकों की प्राइवेसी का उल्लंघन मानते हुए केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला था।
ये खबर भी पढ़िए...WHO ने पॉपुलर GLP-1 Drug पर जारी की ग्लोबल गाइडलाइन, क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स
संचार साथी ऐप सरकार का एक साइबर सुरक्षा टूल है। इसका उद्देश्य साइबर धोखाधड़ी, फर्जी IMEI नंबर और मोबाइल चोरी से निपटना है। इस ऐप से यूजर्स कॉल, मैसेज या वॉट्सऐप चैट रिपोर्ट कर सकते हैं।
यूजर्स चोरी या खोए हुए फोन को IMEI नंबर से ब्लॉक भी कर सकते हैं। सरकार का कहना है कि इस ऐप से 7 लाख से ज्यादा चोरी हुए फोन वापस मिले हैं। यह ऐप 17 जनवरी 2025 को लॉन्च हुआ था। तब से यह ऐप ऐप्पल और गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध है।
प्री-इंस्टॉलेशन की अनिवार्यता समाप्त
टेलिकॉम डिपार्टमेंट ने कहा कि संचार साथी ऐप की बढ़ती लोकप्रियता को देखते हुए अब इसे मोबाइल में प्री-इंस्टॉल करना जरूरी नहीं रहेगा। विभाग ने बताया कि 3 दिसंबर दोपहर 12 बजे तक ऐप के 1.40 करोड़ डाउनलोड हो चुके थे। सिर्फ दो दिन में इसकी डाउनलोड संख्या 10 गुना बढ़ी है। इससे साफ है कि अब यूजर्स अपनी मर्जी से इस ऐप को डाउनलोड कर रहे हैं।
विपक्ष का आरोप: यह एक जासूसी ऐप
संचार साथी ऐप की खबर पर एक नजर...
|
मंत्री सिंधिया का जवाब: ऐप ऑप्शनल और सुरक्षित
इसके अलावा, ऐप पर रजिस्टर करने की कोई अनिवार्यता नहीं है। यदि कोई रजिस्टर नहीं करता, तो ऐप इनएक्टिव रहेगा। उन्होंने यह भी कहा कि ऐप का उद्देश्य सिर्फ फर्जी कॉल्स और फ्रॉड को रोकना है, जासूसी करना नहीं।
एमपी सरकार के दो साल पूरे होने पर सर्वे में शामिल होने के लिए फोटो पर करें क्लिक...
ये खबर भी पढ़िए...प्रियांजली गुप्ता ने डेवलप किया साइन लैंग्वेज ट्रांसलेटर AI टूल, दिव्यांगों के लिए होगा मददगार
सरकार का आदेश और विपक्ष की प्रतिक्रिया
इसके मुताबिक, ऐप को डिलीट या डिसेबल नहीं किया जा सकता था। हालांकि, विपक्ष ने इस आदेश का विरोध किया था। विपक्ष ने इसे नागरिकों की प्राइवेसी का उल्लंघन मानते हुए केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला था।
ये खबर भी पढ़िए...WHO ने पॉपुलर GLP-1 Drug पर जारी की ग्लोबल गाइडलाइन, क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स
संचार साथी ऐप में क्या है खास
यूजर्स चोरी या खोए हुए फोन को IMEI नंबर से ब्लॉक भी कर सकते हैं। सरकार का कहना है कि इस ऐप से 7 लाख से ज्यादा चोरी हुए फोन वापस मिले हैं। यह ऐप 17 जनवरी 2025 को लॉन्च हुआ था। तब से यह ऐप ऐप्पल और गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध है।
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava