अब साहब मीटिंग में नहीं, जनसुनवाई में मिलेंगे: 60 मिनट में खत्म करनी होगी बैठक
Amresh Kushwaha | Jun 29, 2026, 12:09 IST
60 मिनट में खत्म करनी होगी सरकारी बैठक
केंद्र सरकार ने लंबी और बेनतीजा बैठकों पर रोक लगाने के निर्देश दिए हैं। कैबिनेट सचिव टीवी सोमनाथन ने पत्र लिखकर कहा है कि बैठक 60 मिनट से ज्यादा नहीं चलनी चाहिए और मोबाइल बंद रहे।
समझें क्या है पूरा मामला...
- केंद्र सरकार ने लंबी और दिशाहीन बैठकों पर लगाम लगाने के निर्देश जारी किए हैं।
- कैबिनेट सचिव टीवी सोमनाथन ने सचिवों और मुख्य सचिवों को पत्र लिखा है।
- बैठक अधिकतम 60 मिनट में खत्म करनी होगी, मोबाइल पर पाबंदी होगी।
- जरूरी होने पर ही बैठक बुलाई जाए और मिनट्स 2-3 दिन में तैयार हों।
- केंद्र में रोजाना 20-30 और राज्यों में औसतन दर्जन भर बैठकें होती हैं।
साहब मीटिंग में हैं... अब यह बहाना नहीं चलेगा
मोदी सरकार ने गुड गवर्नेंस (Good Governance) को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। लंबी और बेनतीजा बैठकों पर लगाम लगाने के लिए केंद्रीय कैबिनेट सचिव टीवी सोमनाथन ने सचिवों, राज्यों के मुख्य सचिवों और पुलिस महानिदेशकों को डीओ (DO - Demi Official) पत्र लिखकर गाइडलाइन जारी की है।
रोज कितनी बैठकें होती हैं?
राष्ट्रीय सुशासन केंद्र (National Centre for Good Governance) की मदद से यह गाइडलाइन तैयार की गई है। इसमें बैठक का प्रारूप और संचालन का तरीका भी बताया गया है।
60 मिनट से ज्यादा नहीं चलेगी बैठक
कैबिनेट सचिव सोमनाथन की 6 अहम गाइडलाइन
दूसरी गाइडलाइन कहती है कि पहले विकल्पों पर विचार करें। अगर बैठक का उद्देश्य ईमेल, फोन या संदेश से पूरा हो सकता है तो बैठक बुलाने की जरूरत नहीं।
तीसरी गाइडलाइन अवकाश के आगे-पीछे बैठक नहीं रखने की है। यथासंभव अवकाश से पहले और अगले दिन बैठक न रखें। इसके साथ बैठक में मोबाइल और ई-मेल चेक करने और संदेश भेजने पर पूरी तरह पाबंदी होगी।
चौथी गाइडलाइन सीमित भागीदारी पर जोर देती है। बैठक में केवल निर्णय लेने वाले और क्रियान्वयन से जुड़े अफसरों को ही बुलाया जाए, बाकी सबकी मौजूदगी जरूरी नहीं।
पांचवीं गाइडलाइन में समय और हाजिरी तय करने की बात है। बैठक का समय और हर वक्ता के बोलने का वक्त पहले से निर्धारित हो।
छठी और आखिरी गाइडलाइन माहौल के बारे में है। बैठक का माहौल हल्का हो ताकि अधीनस्थ अफसर भरोसे के साथ खुलकर बात यानी काउंटरव्यू (Counterview) रख सकें।
सचिव सोमनाथन ने क्या कहा?
उन्होंने लिखा कि हर अधिकारी को यह सोचना चाहिए कि क्या वह हर साल खुद में सुधार और बेहतर कर रहे हैं, या फिर उसी ढर्रे पर चल रहे हैं। उनका संदेश था कि 30 साल का असली अनुभव बने, न कि एक साल का अनुभव 30 बार दोहराया जाए।
आम आदमी को क्या फायदा?
FAQ
- सरकार ने बैठकों को लेकर क्या नई गाइडलाइन जारी की है?
उत्तर: केंद्रीय कैबिनेट सचिव टीवी सोमनाथन ने सभी सचिवों, राज्यों के मुख्य सचिवों और पुलिस महानिदेशकों को डीओ पत्र लिखकर बैठकों के लिए 6 सूत्री गाइडलाइन जारी की है। इसमें कहा गया है कि बैठक जरूरी होने पर ही बुलाई जाए, उसकी अवधि 60 मिनट से ज्यादा न हो, मोबाइल और ईमेल पर पाबंदी हो और मिनट्स 2 से 3 दिन में तैयार किए जाएं।
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