सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: पजेशन के बाद भी मांग सकते हैं मुआवजा
Jitendra Shrivastava | Jun 28, 2026, 19:34 IST
Photograph: (THESOOTR)
NEW DELHI. सुप्रीम कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसले में कहा कि फ्लैट का पजेशन लेने के बाद भी होम बायर मुआवजा मांग सकता है। देरी या सर्विस में कमी पर कंज्यूमर फोरम का दरवाजा खुला रहेगा। बिल्डर की मनमानी पर लगाम।
समझें क्या है पूरा मामला...
- चाबी मिली तो क्या, मुआवजा मांगने का हक नहीं गया।
- SC का फैसला: बिल्डर की मनमानी अब नहीं चलेगी।
- पजेशन लिया तो भी उपभोक्ता हो, अदालत जा सकते हो।
- 22 साल बाद मिला न्याय, करोड़ों होम बायर्स को राहत।
- फ्लैट की चाबी लो, लेकिन अपना हक मत छोड़ो।
बिल्डर और खरीदार के बीच हुए समझौते की कोई भी शर्त इस अधिकार को नहीं छीन सकती। यह मामला 2003 में दिल्ली के द्वारका प्रोजेक्ट से शुरू हुआ था और 22 साल बाद सुप्रीम कोर्ट ने खरीदार के हक में फैसला दिया।
22 साल पुरानी लड़ाई, ऐतिहासिक जीत
लेकिन जिला फोरम, राज्य आयोग और राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग तीनों ने शिकायत खारिज कर दी। तर्क यह था कि जब पजेशन मिल चुका है, तो खरीदार अब उपभोक्ता नहीं रहा। 22 साल की लड़ाई के बाद 4 जून को सुप्रीम कोर्ट ने यह तर्क नकार दिया।
sc-home-buyers-compensation
SC ने क्या कहा
अदालत ने NCDRC (National Consumer Disputes Redressal Commission- राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग) के 2016 के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें कहा गया था कि पजेशन मिलने के बाद खरीदार मुआवजा नहीं मांग सकता। कोर्ट ने 2005 की मूल शिकायत फिर से बहाल की और जिला उपभोक्ता फोरम को एक साल में फैसला देने का निर्देश दिया।
फैसले की तीन अहम बातें
दूसरी बात- बिल्डर के साथ हुए समझौते में मौजूद आर्बिट्रेशन क्लॉज (Arbitration Clause- मध्यस्थता की शर्त) आपको कंज्यूमर फोरम जाने से नहीं रोक सकती। उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 1986 के तहत मिला यह अधिकार किसी निजी समझौते से नहीं छिना जा सकता।
तीसरी बात- सिर्फ देरी नहीं, 'सर्विस में कमी' पर भी शिकायत होगी। अगर बिल्डर ने स्विमिंग पूल, पार्किंग, लिफ्ट या निर्माण की क्वालिटी में वादे नहीं निभाए, तो भी आप पजेशन के बाद अदालत जा सकते हैं।
बिल्डरों का 'वसूली का खेल' होगा बंद
होम बायर्स झगड़े से बचने के लिए पैसा चुका देते थे। अब वे पजेशन शांति से ले सकते हैं और बाद में उपभोक्ता अदालत में इन गलत चार्जेज को चुनौती दे सकते हैं।
किन खरीदारों को सबसे ज्यादा फायदा
RERA और उपभोक्ता अदालत दोनों की ताकत बढ़ी
FAQ
- अगर मैंने फ्लैट का पजेशन ले लिया है तो क्या अब भी मुआवजा मांग सकता हूं?
हां। सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा है कि पजेशन लेने के बाद भी आपका उपभोक्ता का दर्जा बना रहता है। देरी या सर्विस में कमी के लिए आप कंज्यूमर फोरम में शिकायत कर सकते हैं और मुआवजा मांग सकते हैं। - बिल्डर ने एग्रीमेंट में आर्बिट्रेशन क्लॉज लिखा है, तो क्या मैं उपभोक्ता फोरम नहीं जा सकता?
जा सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि आर्बिट्रेशन क्लॉज आपको कंज्यूमर फोरम जाने से नहीं रोक सकता। उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के तहत मिला यह अधिकार किसी निजी समझौते की शर्त से खत्म नहीं होता। - सर्विस में कमी का मतलब क्या है और इस पर शिकायत कैसे करें?
अगर बिल्डर ने पार्किंग, स्विमिंग पूल, लिफ्ट, निर्माण की क्वालिटी या कोई अन्य वादा पूरा नहीं किया, तो यह सर्विस में कमी है। इसके लिए आप जिला उपभोक्ता फोरम या NCDRC में लिखित शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
146 सालों का रिकॉर्ड टूटा: सबसे सूखा जून रहा यह महीना, पांच कारणों ने बिगाड़ा खेल
SBI, HDFC कार्ड होल्डर्स ध्यान दें: 1 जुलाई से क्रेडिट कार्ड यूज करना पड़ेगा महंगा
छत्तीसगढ़ में TET को लेकर असमंजस, 85 हजार शिक्षकों की पदोन्नति अधर में
एक लाख में एग्जाम देने वाला डमी गिरफ्तार, SOG ने रखा था 10 हजार का इनामी
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari