सावधान! क्या आपका स्मार्ट टीवी कर रहा है जासूसी? जानें सच

Anjali Dwivedi | Apr 30, 2026, 14:13 IST
Share
smart tv privacy risks acr tracking
smart tv privacy risks acr tracking

स्मार्ट टीवी में मौजूद ACR तकनीक आपकी निजी तस्वीरों से लेकर हर कंटेंट को ट्रैक कर रही है। प्राइवेसी एक्सपर्ट्स ने चेताया है कि बिना अनुमति के यह डेटा तीसरे पक्ष के साथ साझा किया जा सकता है।

आप टीवी देखते हैं...पर क्या आपने सोचा है कि आपका टीवी भी आपको देख रहा है? भारत में तेजी से बढ़ते स्मार्ट टीवी के इस्तेमाल के बीच अब यह सवाल लोगों के लिविंग रूम तक पहुंच गया है। इसके पीछे सबसे बड़ी वजह ऑटोमैटिक कंटेंट रिकग्निशन (ACR) तकनीक है, जो कई स्मार्ट टीवी में पहले से फिट होती है।

यह तकनीक चुपचाप यह पहचान सकती है कि आप स्क्रीन पर क्या देख रहे हैं। यह ऑडियो के छोटे हिस्सों या स्क्रीन के पिक्सल पैटर्न को पढ़कर कंटेंट की फिंगर प्रिंटिंग करती है। यानी आप Netflix देख रहे हों, YouTube चला रहे हों या फिर लैपटॉप या गेमिंग कंसोल को HDMI से जोड़कर कुछ चला रहे हों...ACR उसे पहचानकर डेटा में बदल सकता है।

अमेरिका में मचा है हड़कंप

यह चिंता केवल भारत तक सीमित नहीं है। हाल ही में अमेरिका में एक वायरल पोस्ट के बाद यह मुद्दा सुर्खियों में आया है। इसमें दावा किया गया कि कुछ स्मार्ट टीवी तब भी ACR से जुड़ा डेटा भेजते रहते हैं, जब उन्हें सिर्फ बाहरी स्क्रीन की तरह इस्तेमाल किया जा रहा होता है।

स्क्रीन पर दिख रही हर चीज पर नजर

प्राइवेसी एक्सपर्ट्स का कहना है कि असली खतरा यहीं है। ACR सिर्फ ऐप्स तक सीमित नहीं रहता, बल्कि स्क्रीन पर दिखने वाली हर चीज को ट्रैक कर सकता है।

63SATS Cybertech के एमडी, सीईओ और सीआईओ निहार पाठारे कहते हैं, ज्यादातर यूजर्स को लगता है कि Netflix या YouTube की सेटिंग्स काफी हैं। वे यह नहीं समझते कि टीवी का हार्डवेयर खुद पिक्सल्स को पहचान सकता है।

इसका मतलब यह है कि यदि आप अपने टीवी को लैपटॉप से जोड़कर निजी फोटो देख रहे हैं या कोई वित्तीय दस्तावेज खोल रहे हैं तो वह भी इस दायरे में आ सकता है।

ज्यादातर लोगों को पता नहीं चलता

इंडस्ट्री रिसर्चर्स के अनुसार, यह ट्रैकिंग जितनी दिखती है, उससे कहीं ज्यादा बड़ी है। CyberMedia Research के प्रभु राम कहते हैं, अधिकांश लोगों को पता ही नहीं होता कि ACR चल रहा है। यह अक्सर डिफॉल्ट रूप से चालू रहता है और लगातार डेटा इकट्ठा करके यूजर की प्रोफाइल बना सकता है। वे यह भी बताते हैं कि इस डेटा को दूसरी जानकारी के साथ जोड़कर तीसरे पक्ष के साथ साझा किया जा सकता है।

कंपनियां क्या कह रही हैं? जवाब अधूरे

Times of india की एक रिपोर्ट के अनुसार, कंपनियों का रुख इस मामले में साफ नहीं है। Intex Technologies के डायरेक्टर केशव बंसल का कहना है कि उनकी कंपनी डिवाइस स्तर पर ACR ट्रैकिंग नहीं करती और Google TV व OTT प्लेटफॉर्म के कंसेंट सिस्टम पर निर्भर रहती है। उन्होंने कहा, हम स्क्रीन के प्रदर्शन पर ध्यान देते हैं, निगरानी पर नहीं।

हालांकि, LG, Sony, Samsung और Xiaomi जैसे बड़े ब्रांड्स से जब ACR, डेटा उपयोग और कंसेंट को लेकर सवाल पूछे गए तो कई दिनों तक कोई जवाब नहीं मिला।

कानून क्या कहता है?

भारत में लागू डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन एक्ट के तहत स्मार्ट टीवी कंपनियां (सैमसंग स्मार्ट टीवी) डेटा फिड्यूशियरी मानी जाती हैं। यानी उन्हें यह साफ बताना होगा कि कौन सा डेटा लिया जा रहा है। क्यों लिया जा रहा है और यूजर की स्पष्ट सहमति ली गई है या नहीं।

एक्सपर्ट्स का कहना है कि मौजूदा सिस्टम इसमें कमजोर पड़ रहे हैं। टीवी में लंबे-लंबे प्राइवेसी एग्रीमेंट दिखाए जाते हैं, जिन्हें लोग पढ़े बिना ही ओके कर देते हैं। इसे कंसेंट फैटीग कहा जा रहा है।

दुनिया में पहले कार्रवाई

अमेरिका में कुछ टीवी कंपनियों पर बिना साफ अनुमति के ACR ट्रैकिंग करने पर कार्रवाई हो चुकी है। Vizio पर यूजर डेटा इकट्ठा करने के मामले में जुर्माना लगाया जा चुका है। यूरोप में GDPR नियमों के तहत इस तरह के डेटा कलेक्शन के लिए पहले स्पष्ट और अलग से अनुमति लेना जरूरी है।

यूजर क्या कर सकता है?

एक्सपर्ट्स कुछ आसान उपाय बताते हैं... टीवी की सेटिंग्स में जाकर viewing data या interest-based advertising जैसे विकल्प बंद करें। सॉफ्टवेयर अपडेट के बाद प्राइवेसी सेटिंग्स दोबारा जांचें। जरूरत न हो तो टीवी को इंटरनेट से डिस्कनेक्ट कर दें। कुछ मामलों में नेटवर्क स्तर पर ट्रैकिंग डोमेन ब्लॉक करना भी मददगार हो सकता है।

ये खबरें भी पढ़ें....

1 मई से बढ़ सकते हैं सिगरेट के दाम, शौकीनों को लगेगा झटका, जानें क्या होंगी नई कीमतें

ईरान-इजराइल युद्ध का 62वां दिन: ट्रंप ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को स्ट्रेट ऑफ ट्रंप करार दिया! कहा- ईरान को परमाणु हथियार नहीं बनाने देंगे

अमेरिका ने ईरानी जहाज पर किया कब्जा, दूसरे दौर की वार्ता से ईरान ने बनाई दूरी

भारत आ रहे दो जहाजों पर ईरान ने किया हमला, अब भारतीयों की नब्ज टटोल रहा ईरानी दूतावास

Tags:
  • टीवी
  • cyber
  • LG
  • samsung
  • सैमसंग स्मार्ट टीवी
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग

By Jitendra Shrivastava

Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग

By Jitendra Shrivastava

Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग

By Jitendra Shrivastava

Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती

By VINAY VERMA

मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती
नवरात्रि के पहले इंदौर में 92 लाख रुपए की गर्भपात किट मिलने से भड़के हिंदूवादी नेता

By Sanjay Gupta, Sandeep Kumar

नवरात्रि के पहले इंदौर में 92 लाख रुपए की गर्भपात किट मिलने से भड़के हिंदूवादी नेता
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि

By Neel Tiwari

20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि