फ्री खाना मिलेगा तो लोग काम क्यों करेंगे, सरकारें रोजगार दें: सुप्रीम कोर्ट

Sandeep Kumar | Feb 19, 2026, 16:47 IST
Share
freebies
freebies

सुप्रीम कोर्ट ने मुफ्त सुविधाओं पर सख्त टिप्पणी की। कोर्ट ने कहा, अगर सरकारें मुफ्त खाना, गैस और बिजली देती रहेंगी, तो लोग काम क्यों करेंगे? इससे काम करने की आदत खत्म हो जाएगी।

News in Short

  • सुप्रीम कोर्ट ने फ्रीबीज कल्चर पर टिप्पणी की।
  • मुफ्त योजनाएं रोजगार की आदत को खत्म कर सकती हैं।
  • तमिलनाडु में सभी को मुफ्त बिजली देने का प्रस्ताव था।
  • कोर्ट ने कहा कि सरकार को रोजगार के अवसर देने चाहिए।
  • कोर्ट ने सवाल उठाया कि चुनाव के पास मुफ्त घोषणाएं क्यों होती हैं?

News in Detail

सुप्रीम कोर्ट ने फ्रीबीज कल्चर पर टिप्पणी की। कोर्ट ने कहा कि अगर सरकार मुफ्त खाना, गैस और बिजली देती रहेगी, तो लोग काम क्यों करेंगे? इससे काम करने की आदत खत्म हो जाएगी। सरकार को रोजगार पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। कोर्ट ने यह भी कहा कि गरीबों की मदद समझ में आती है, लेकिन बिना फर्क किए सभी को मुफ्त सुविधा देना गलत है।

कोर्ट ने यह टिप्पणी तमिलनाडु पावर डिस्ट्रीब्यूशन कॉर्पोरेशन की याचिका पर की। याचिका में सभी को फ्री बिजली देने का प्रस्ताव था। CJI सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल एम पंचोली की बेंच ने कहा कि अधिकांश राज्य राजस्व घाटे में हैं। इसके बावजूद, वे विकास की अनदेखी कर मुफ्त की घोषणाएं कर रहे हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ में आदिवासी ईसाइयों के शव हटाने पर लगाई रोक

क्या बोले सीजेआई सूर्यकांत

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सरकार को लोगों के लिए रोजगार के अवसर प्रदान करने चाहिए, ताकि वे कमा सकें और अपना आत्म-सम्मान बनाए रख सकें। अगर सब कुछ मुफ्त मिलेगा तो लोग काम क्यों करेंगे? क्या हम ऐसा देश बनाना चाहते हैं?

कोर्ट ने यह भी सवाल उठाया कि चुनाव के पास क्यों मुफ्त योजनाएं घोषित की जाती हैं? समय आ गया है कि सभी राजनीतिक दल और नेता फिर से सोचें। अगर हम इस तरह की उदारता दिखाते रहे, तो देश के विकास में रुकावट आएगी। एक संतुलन होना चाहिए, ऐसा कब तक चलेगा?

कोर्ट ने कहा कि भारत में कौन सी संस्कृति हम विकसित कर रहे हैं? कल्याणकारी योजनाओं के तहत अगर आप बिजली का बिल न चुका पाने वालों को राहत देते हैं, तो यह समझ में आता है। लेकिन जो लोग भुगतान कर सकते हैं, उनके लिए मुफ्त सुविधाएं देना तुष्टीकरण की नीति नहीं है क्या?

सुप्रीम कोर्ट ने OBC आरक्षण केस फिर भेजा हाईकोर्ट, दो महीने में फैसला करने का निर्देश

क्या है पूरा मामला

सुप्रीम कोर्ट तमिलनाडु पावर डिस्ट्रीब्यूशन कॉरपोरेशन की याचिका पर सुनवाई कर रहा था। कंपनी ने 2024 के विद्युत संशोधन नियमों के नियम 23 को चुनौती दी है। इसमें उपभोक्ताओं की आर्थिक स्थिति की परवाह किए बिना सभी को मुफ्त बिजली देने का प्रस्ताव है।

राज्य सरकार घरेलू उपभोक्ताओं को हर दो महीने में 100 यूनिट तक मुफ्त बिजली देती है, बिना किसी शर्त के। इसका मतलब है कि उपभोक्ता चाहे जितना भी खर्च करे, पहली 100 यूनिट के लिए बिल नहीं देना होता। कोर्ट ने इस मामले में केंद्र सरकार और अन्य पक्षों को नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने यह भी पूछा कि बिजली दरों की घोषणा के बाद तमिलनाडु की कंपनी ने अचानक मुफ्त बिजली देने का फैसला क्यों किया।

मुफ्त के वादे से बचेगी BJP! फ्रीबीज का नया फॉर्मूला लाने की तैयारी, यहां से होगी शुरुआत

भोपाल कमिश्नर संस्कृति जैन को हाईकोर्ट से राहत, सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी में मर्लिन बिल्डकॉन

पहले भी सुप्रीम कोर्ट कर चुका है टिप्पणी

यह पहली बार नहीं है जब सुप्रीम कोर्ट ने फ्रीबीज पर सुनवाई करते हुए सख्त टिप्पणी की है। 12 फरवरी 2025 को कोर्ट ने कहा था, लोग काम नहीं करना चाहते क्योंकि उन्हें मुफ्त राशन मिल रहा है।

कोर्ट ने केंद्र से पूछा कि क्या मुफ्त योजनाएं लागू करके परजीवी नहीं बनाए जा रहे हैं? 9 दिसंबर 2024 को भी मुफ्त राशन बांटने पर कोर्ट ने टिप्पणी की थी।

कोर्ट ने पूछा, कब तक मुफ्त राशन बांटा जाएगा? उस समय कोर्ट अकुशल मजदूरों को मुफ्त राशन कार्ड देने से संबंधित मामले की सुनवाई कर रहा था। केंद्र ने बताया कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 के तहत 81 करोड़ लोगों को मुफ्त या रियायती राशन दिया जा रहा है।

Tags:
  • सुप्रीम कोर्ट
  • तमिलनाडु
  • फ्रीबीज पर सुनवाई
  • राज्य सरकार
  • सीजेआई सूर्यकांत
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग

By Atul Dwivedi

MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री

By Ramanand Tiwari

एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा

By Ramanand Tiwari

मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन

By Jitendra Shrivastava

मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा