प्राइवेट अस्पतालों में मरीजों का शोषण रोकने के लिए केंद्र बनाए गाइडलाइन: SC
Sandeep Kumar | Mar 04, 2025, 21:11 IST
private-hospitals
सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकारों को किफायती चिकित्सा सेवाएं और दवाइयां उपलब्ध कराने के लिए निर्देश दिया है। कोर्ट ने प्राइवेट अस्पतालों द्वारा मरीजों से महंगी दवाइयां बेचने के मुद्दे पर केंद्र सरकार से गाइडलाइन बनाने को कहा है।
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कहा कि राज्य सरकारें किफायती चिकित्सा और बुनियादी ढांचा देने में नाकाम रही हैं, जिससे प्राइवेट अस्पतालों का वर्चस्व बढ़ रहा है। इस पर कोर्ट ने केंद्र सरकार से गाइडलाइन बनाने का आदेश दिया ताकि प्राइवेट अस्पतालों द्वारा मरीजों का शोषण रोका जा सके, और मनमानी रोका जा सके।
इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की गई थी, जिसमें आरोप लगाया गया कि प्राइवेट अस्पतालों में मरीजों और उनके परिवारों को अस्पताल की फार्मेसी से महंगी दवाएं और मेडिकल इक्विपमेंट खरीदने के लिए मजबूर किया जाता है। याचिकाकर्ता ने कहा कि अस्पतालों में दवाइयों की कीमतें बहुत अधिक हैं और इससे मरीजों पर अतिरिक्त बोझ पड़ता है।
ये खबर भी पढ़िए...अब नेत्रहीन भी बन सकेंगे जज, सुप्रीम कोर्ट ने एमपी के इस नियम को कर दिया रद्द
केंद्र सरकार ने अपने जवाब में कहा कि मरीजों को अस्पताल की फार्मेसी से दवा खरीदने के लिए मजबूर नहीं किया जाता है। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह जरूरी है कि राज्य सरकारें अपने अस्पतालों में सस्ती दवाइयां और मेडिकल सेवाएं उपलब्ध कराएं, ताकि मरीजों का शोषण न हो।
ये खबर भी पढ़िए...सुप्रीम कोर्ट ने अलाहबादिया को शो शुरू करने की दी इजाजत, कहा, नैतिकता बनाएं रखें
कोर्ट ने केंद्र सरकार को गाइडलाइन बनाने का निर्देश दिया, जिससे प्राइवेट अस्पतालों को आम लोगों का शोषण करने से रोका जा सके। यह गाइडलाइन अस्पतालों को मरीजों से महंगी दवाइयां और मेडिकल इक्विपमेंट खरीदने के लिए मजबूर करने से रोकने में मदद करेगी।
ये खबर भी पढ़िए...रानू साहू और सूर्यकांत को मिली जमानत, सुप्रीम कोर्ट ने सुनाया फैसला
इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों को नोटिस भेजा था। राज्य सरकारों ने दवाइयों की कीमतों के मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया दी थी। ओडिशा, अरुणाचल प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार, तमिलनाडु, हिमाचल प्रदेश, और राजस्थान समेत कई राज्यों ने जवाब दाखिल किए थे। राज्यों ने कहा कि वे केंद्र सरकार के प्राइस कंट्रोल ऑर्डर पर निर्भर हैं और यही तय करता है कि किस दवा की कीमत कितनी होगी।
ये खबर भी पढ़िए...राम रहीम की बार-बार पैरोल के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट ने दिया बड़ा फैसला, जानें क्या कहा
प्राइवेट अस्पतालों पर लगे ये आरोप
ये खबर भी पढ़िए...अब नेत्रहीन भी बन सकेंगे जज, सुप्रीम कोर्ट ने एमपी के इस नियम को कर दिया रद्द
केंद्र सरकार का जवाब
जस्टिस सूर्यकांत ने इस मुद्दे पर कहा, "हम याचिकाकर्ता की बात से सहमत हैं, लेकिन इसे कैसे नियंत्रित किया जाए?" कोर्ट ने राज्य सरकारों से कहा कि वे प्राइवेट अस्पतालों को कंट्रोल करें, जो मरीजों को महंगी दवाइयां खरीदने के लिए मजबूर करते हैं, खासकर जब वही दवाइयां दूसरी जगहों पर सस्ती मिल सकती हैं।
केंद्र सरकार को गाइडलाइन बनाने का निर्देश
ये खबर भी पढ़िए...रानू साहू और सूर्यकांत को मिली जमानत, सुप्रीम कोर्ट ने सुनाया फैसला
राज्यों की प्रतिक्रिया
ये खबर भी पढ़िए...राम रहीम की बार-बार पैरोल के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट ने दिया बड़ा फैसला, जानें क्या कहा
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari