पटना, जयपुर जैसे शहर नहीं महिलाओं के लिए सुरक्षित, नारी सर्वे की रिपोर्ट में खुला
Sanjay Dhiman | Aug 29, 2025, 16:34 IST
Photograph: (the sootr)
NARI रिपोर्ट 2025 के अनुसार, मुंबई और कोहिमा देश के सबसे सुरक्षित शहर हैं। दूसरी तरफ, पटना और दिल्ली महिलाओं के लिए सबसे कम सुरक्षित शहर हैं। यह रिपोर्ट महिलाओं की सुरक्षा, उत्पीड़न और समाज में उनकी स्थिति को विस्तार से बताती है।
नेशनल एनुअल रिपोर्ट एंड इंडेक्स ऑन वुमेंस सेफ्टी (NARI) 2025 ने भारतीय शहरों में महिलाओं की सुरक्षा पर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की है। यह रिपोर्ट 31 शहरों में 12,770 महिलाओं पर किए गए सर्वे पर आधारित है। रिपोर्ट में यह निष्कर्ष निकाला गया है कि कोहिमा (Kohima) और मुंबई (Mumbai) जैसे शहर महिलाओं के लिए सबसे सुरक्षित हैं, जबकि पटना (Patna),जयपुर(Jaipur) और दिल्ली (Delhi) जैसे शहरों को महिलाओं के लिए सबसे कम सुरक्षित माना गया है।
देश के बड़े शहरों में
इस सर्वे में देश के बडे़ शहरों में महिला सुरक्षा को लेकर कई अहम आंकडे़ सामने आए है। यह आंकडे़ और महिलाओं की राय यह बताने के लिए काफी है कि महानगर कहे जाने वाले शहर भी महिलाओं को सुरक्षा का भरोसा नहीं दिला पा रहे है।
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सर्वे में यह भी सामने आया कि 91% महिलाएं कामकाजी स्थानों पर सुरक्षित महसूस करती हैं, जो दर्शाता है कि कार्यस्थल पर महिलाओं के लिए सुरक्षा के उपाय व माहाैल अपेक्षाकृत बेहतर हैं। हालांकि, पब्लिक प्लेसों और रात के समय महिलाओं को ज्यादा असुरक्षित महसूस होता है।
नारी की ताजा रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है कि सर्वे में शामिल तीन में से दो महिलाओं ने बताया कि वे अपने साथ घटित हुए अपराधों की रिपोर्ट या सूचना पुलिस को नहीं देतीं। सर्वे रिपोर्ट के अनुसार, 70 प्रतिशत महिलाएं अपराधों को सहन करती हैं, लेकिन शिकायत नहीं करतीं।
सर्वे में यह भी सामने आया कि शिकायत न करने का प्रमुख कारण लोकलाज का डर और सामाजिक चर्चा को माना जाता है। केवल 22 प्रतिशत महिलाएं ही अपने साथ हुए अपराधों की रिपोर्ट पुलिस को देती हैं, जबकि सिर्फ 16 प्रतिशत मामलों में ही कार्रवाई की जाती है।
महिलाओं की सुरक्षा पर बढ़ती चिंता को देखते हुए सरकार और नागरिक समाज की भूमिका अहम हो जाती है। महिला उत्पीड़न की बढ़ती घटनाओं और शिकायत न करने की मानसिकता को बदलने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाने चाहिए। विशेषकर उन शहरों में जहां महिलाओं के लिए सुरक्षा की स्थिति बहुत खराब है, वहां अधिक पुलिस गश्त और महिला सुरक्षा कार्यक्रमों की आवश्यकता है।
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महिलाओं की सुरक्षा में सुधार के लिए निम्नलिखित उपाय किए जा सकते हैं:
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देश के बड़े शहरों में महिला सुरक्षा की स्थिति
- सुरक्षित शहर: कोहिमा, विशाखापट्टनम, भुवनेश्वर, आइजोल, गंगटोक, ईटानगर और मुंबई जैसे शहरों में महिलाओं को बेहतर सुरक्षा, समानता और नागरिक भागीदारी की स्थिति प्राप्त है।
- असुरक्षित शहर: पटना, जयपुर, फरीदाबाद, दिल्ली, कोलकाता, श्रीनगर और रांची में महिलाओं के लिए सुरक्षा की स्थिति बहुत कमजोर पाई गई है।
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वर्क प्लेस पर ज्यादा सुरक्षित है महिलाएं
70 प्रतिशत महिलाएं नहीं करतीं रिपोर्ट दर्ज
सर्वे में यह भी सामने आया कि शिकायत न करने का प्रमुख कारण लोकलाज का डर और सामाजिक चर्चा को माना जाता है। केवल 22 प्रतिशत महिलाएं ही अपने साथ हुए अपराधों की रिपोर्ट पुलिस को देती हैं, जबकि सिर्फ 16 प्रतिशत मामलों में ही कार्रवाई की जाती है।
NARI सर्वे रिपोर्ट की प्रमुख बातें
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भारत में महिला सुरक्षा को लेकर बढ़ती चिंता
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महिलाओं के लिए यह है सुरक्षा उपाय
- शहरी परिवहन व्यवस्था में सुधार: महिलाएं अक्सर पब्लिक ट्रांसपोर्ट में असुरक्षित महसूस करती हैं, इसलिए इसके लिए विशेष सुरक्षा उपाय जैसे महिलाओं के लिए अलग कोच या सुरक्षा गार्ड्स की तैनाती आवश्यक है।
- सामाजिक जागरूकता: महिलाओं के खिलाफ उत्पीड़न की घटनाओं पर जागरूकता अभियान चलाना, ताकि महिलाएं अपनी आवाज उठा सकें।
- न्यायिक सुधार: महिलाओं के उत्पीड़न और हिंसा से जुड़े मामलों में शीघ्र और निष्पक्ष न्याय दिलाने के लिए त्वरित न्यायालयों की आवश्यकता है।
महिलाओं की सुरक्षा को कैसे बेहतर किया जा सकता है?
- बेहतर पुलिस गश्त और महिला पुलिसकर्मियों की संख्या में वृद्धि।
- स्मार्ट सिटी योजनाओं में महिला सुरक्षा को प्राथमिकता देना।
- आधुनिक तकनीक का उपयोग जैसे महिलाओं के लिए स्मार्ट फोन ऐप्स और सार्वजनिक स्थानों पर सीसीटीवी कैमरा नेटवर्क।
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