अब चुनावी जीत का एक ही मंत्र- लाड़ली बहना, बिटिया और मां को सीधे DBT
CHAKRESH | Nov 24, 2024, 13:26 IST
thesootr
महिला केंद्रित योजनाएं जैसे लाड़ली बहना, माझी लड़की बहिन, और मैया सम्मान योजना चुनावी जीत का फार्मूला साबित हो रही हैं। महिलाओं का वोट निर्णायक फैक्टर बन रहा है।
भारतीय राजनीति के बदलते परिदृश्य में एक ट्रेंड स्पष्ट रूप से उभरा है। अब महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए कल्याणकारी योजनाएं चुनावी जीत में निर्णायक फैक्टर साबित हो रही हैं। मध्यप्रदेश के विधानसभा चुनाव से शुरू हुए इस प्रयोग के बाद अब कई राज्यों की राजनीतिक पार्टियों ने महिला- केंद्रित कल्याण कार्यक्रमों की घोषणा की है। महिला मतदाताओं का ये आधार राजनीतिक दलों के लिए मजबूत वोटर बैंक साबित हुआ है।
महाराष्ट्र:
![महाराष्ट्र मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहीण योजना | Popular Govt Schemes India]()
बीजेपी ने लोकसभा चुनाव 2024 में महाराष्ट्र में खराब प्रदर्शन किया था, जब उसने 28 सीटों में से केवल 9 सीटें जीतीं। इसके बाद राज्य सरकार ने 'माझी लड़की बहिन योजना' शुरू की, जो महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने पर केंद्रित थी। इस योजना के तहत, 18 से 60 वर्ष की आयु की महिलाओं को, जिनकी वार्षिक पारिवारिक आय 2.5 लाख रुपए से कम है, उन्हें 1500 रुपए मासिक सहायता दी गई।
चुनाव से कुछ दिन पहले दी गई इस सहायता ने महिला वोटरों को महायुति की ओर खींचा। महिलाओं के मतदान में इस बार 6% की बढ़त दर्ज की गई, और 65.22% महिलाओं ने वोट डाला। 15 विधानसभा क्षेत्रों में महिला मतदाता पुरुषों से अधिक रहीं, जिसने चुनाव परिणामों पर गहरा असर डाला।
झारखंड:
![नामकुम के आर्मी ट्रेनिंग ग्राउंड में 4 सितंबर को झारखंड मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना कार्यक्रम - lagatar.in]()
झारखंड में बीजेपी ने इस बार काफी आक्रामक चुनाव प्रचार किया था। उसने बांग्लादेशी घुसपैठ के मुद्दे को काफी जोर-शोर से उठाया था, लेकिन बीजेपी इंडिया गठबंधन की 'मैया सम्मान योजना' की काट नहीं निकाल पाई। हेमंत सोरेन की अगुआई वाली झारखंड सरकार इस योजना के तहत 18 से 50 साल की महिलाओं को हर महीने 1,000 रुपए देती है। पूरे चुनाव अभियान के दौरान इस योजना का साफ असर दिखाई दिया।
हेमंत सोरेन की पत्नी कल्पना सोरेन चुनाव अभियान के दौरान इस योजना की अघोषित चेहरा बनकर उभरीं और उन्होंने महिला मतदाताओं को जोड़ने में काफी अहम भूमिका निभाई। महिला मतदाताओं का इंडिया गठबंधन की ओर झुकाव का एक कारण उसका चुनावी वादा भी था। इंडिया गठबंधन ने अपने साझा घोषणापत्र में वादा किया था कि अगर वो फिर से सत्ता में आए तो मैया सम्मान योजना के तहत दिसंबर से राशि बढ़ाकर 2,500 रुपए कर दी जाएगी। कल्पना सोरेन ने इस वादे को महिला मतदाताओं तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। मतदान के दौरान महिला मतदाताओं में, खासतौर से आदिवासी इलाकों में इस योजना का साफ असर देखा गया।
दरअसल 2023 में एंटी इनकंबेंसी के चलते बीजेपी की शिवराज सरकार का जाना लगभग तय था, तब आनन-फानन में कई लोक- लुभावन योजनाएं लॉन्च की गईं। उनमें से ही एक थी- लाड़ली बहना योजना.. चुनाव से पहले तत्कालीन सीएम शिवराज सिंह ने वादा किया था कि 23 से लेकर 60 साल तक की उम्र वाली एक करोड़ 25 लाख महिलाओं को प्रति माह 1000 रुपए दिए जाएंगे। शिवराज सिंह चौहान का वादा था कि जीतने पर यह राशि 3 हजार रुपए कर दी जाएगी। इस योजना के तहत एक जून 2023 से पैसे ट्रांसफर करने की प्रक्रिया शुरू हुई, जो अब तक जारी है। मध्यप्रदेश में BJP की हारी बाजी को जीताने वाली यह योजना इस समय हर राज्य में जीत का फॉर्मूला बनकर उभरी है।
झारखंड और महाराष्ट्र के चुनाव नतीजों ने एक बार फिर से इस ट्रेंड की पुष्टि की है। इस पैटर्न ने इस बात को भी रेखांकित किया है कि राजनीतिक परिणामों को आकार देने में महिलाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है। इसे ये भी कह सकते हैं कि अब चुनाव में जीत का एक ही मंत्र- बिटिया, लाड़ली बहना और मां को सीधे DBT यानी डायरेक्ट बैंक ट्रांसफर…
महाराष्ट्र: माझी लड़की बहिन योजना
महाराष्ट्र मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहीण योजना | Popular Govt Schemes India
बीजेपी ने लोकसभा चुनाव 2024 में महाराष्ट्र में खराब प्रदर्शन किया था, जब उसने 28 सीटों में से केवल 9 सीटें जीतीं। इसके बाद राज्य सरकार ने 'माझी लड़की बहिन योजना' शुरू की, जो महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने पर केंद्रित थी। इस योजना के तहत, 18 से 60 वर्ष की आयु की महिलाओं को, जिनकी वार्षिक पारिवारिक आय 2.5 लाख रुपए से कम है, उन्हें 1500 रुपए मासिक सहायता दी गई।
चुनाव से कुछ दिन पहले दी गई इस सहायता ने महिला वोटरों को महायुति की ओर खींचा। महिलाओं के मतदान में इस बार 6% की बढ़त दर्ज की गई, और 65.22% महिलाओं ने वोट डाला। 15 विधानसभा क्षेत्रों में महिला मतदाता पुरुषों से अधिक रहीं, जिसने चुनाव परिणामों पर गहरा असर डाला।
झारखंड: मैया सम्मान योजना
नामकुम के आर्मी ट्रेनिंग ग्राउंड में 4 सितंबर को झारखंड मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना कार्यक्रम - lagatar.in
झारखंड में बीजेपी ने इस बार काफी आक्रामक चुनाव प्रचार किया था। उसने बांग्लादेशी घुसपैठ के मुद्दे को काफी जोर-शोर से उठाया था, लेकिन बीजेपी इंडिया गठबंधन की 'मैया सम्मान योजना' की काट नहीं निकाल पाई। हेमंत सोरेन की अगुआई वाली झारखंड सरकार इस योजना के तहत 18 से 50 साल की महिलाओं को हर महीने 1,000 रुपए देती है। पूरे चुनाव अभियान के दौरान इस योजना का साफ असर दिखाई दिया।
हेमंत सोरेन की पत्नी कल्पना सोरेन चुनाव अभियान के दौरान इस योजना की अघोषित चेहरा बनकर उभरीं और उन्होंने महिला मतदाताओं को जोड़ने में काफी अहम भूमिका निभाई। महिला मतदाताओं का इंडिया गठबंधन की ओर झुकाव का एक कारण उसका चुनावी वादा भी था। इंडिया गठबंधन ने अपने साझा घोषणापत्र में वादा किया था कि अगर वो फिर से सत्ता में आए तो मैया सम्मान योजना के तहत दिसंबर से राशि बढ़ाकर 2,500 रुपए कर दी जाएगी। कल्पना सोरेन ने इस वादे को महिला मतदाताओं तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। मतदान के दौरान महिला मतदाताओं में, खासतौर से आदिवासी इलाकों में इस योजना का साफ असर देखा गया।
मध्य प्रदेश बना अगुआ
दरअसल 2023 में एंटी इनकंबेंसी के चलते बीजेपी की शिवराज सरकार का जाना लगभग तय था, तब आनन-फानन में कई लोक- लुभावन योजनाएं लॉन्च की गईं। उनमें से ही एक थी- लाड़ली बहना योजना.. चुनाव से पहले तत्कालीन सीएम शिवराज सिंह ने वादा किया था कि 23 से लेकर 60 साल तक की उम्र वाली एक करोड़ 25 लाख महिलाओं को प्रति माह 1000 रुपए दिए जाएंगे। शिवराज सिंह चौहान का वादा था कि जीतने पर यह राशि 3 हजार रुपए कर दी जाएगी। इस योजना के तहत एक जून 2023 से पैसे ट्रांसफर करने की प्रक्रिया शुरू हुई, जो अब तक जारी है। मध्यप्रदेश में BJP की हारी बाजी को जीताने वाली यह योजना इस समय हर राज्य में जीत का फॉर्मूला बनकर उभरी है।
FAQ
- लाड़ली बहना योजना क्या है?
यह योजना 23-60 वर्ष की महिलाओं को हर महीने ₹1,000 की आर्थिक सहायता प्रदान करती है। - माझी लड़की बहिन योजना का उद्देश्य क्या है?
महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और उनकी पारिवारिक आय बढ़ाना इसका मुख्य उद्देश्य है। - मैया सम्मान योजना में कितना लाभ मिलता है?
18-50 वर्ष की महिलाओं को ₹1,000 प्रति माह की सहायता दी जाती है। - मध्य प्रदेश में लाड़ली बहना योजना से क्या बदलाव हुआ?
इस योजना ने महिला वोटर्स का झुकाव बीजेपी की ओर बढ़ाया, जिससे हारी बाजी भी जीती जा सकी। - महिला सशक्तिकरण योजनाएं क्यों महत्वपूर्ण हैं?
ये योजनाएं महिलाओं को आर्थिक, सामाजिक, और राजनीतिक रूप से सशक्त बनाती हैं, जिससे चुनावी परिणाम प्रभावित होते हैं।
thesootr links
- मध्य प्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- रोचक वेब स्टोरीज देखने के लिए करें क्लिक
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari