चिलचिलाती गर्मी में बाबा महाकाल को मिलेगी राहत, 11 गन्तिकाओं से चढ़ाई जा रही जलधारा
Kaushiki | Apr 14, 2025, 14:02 IST
mahakaal mandir
उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में वैशाख से लेकर ज्येष्ठ तक जलधारा चढ़ाई जाएगी, जिससे भगवान महाकाल को राहत मिलेगी और भक्तों को सुख-शांति की प्राप्ति होगी।
हर साल वैशाख कृष्ण प्रतिपदा से लेकर जेठ माह की पूर्णिमा तक, सभी शिव मंदिरों में एक विशेष परंपरा निभाई जाती है। इस समय महाकालेश्वर मंदिर सहित अन्य शिव मंदिरों में भगवान शिव को गर्मी से राहत देने के लिए जलधारा चढ़ाई जाती है। 13 अप्रैल 2025 से वैशाख माह शुरू हो चुका है। इस माह में परंपरा के मुताबिक, भगवान शिव को गर्मी से राहत देने के लिए गन्तिका बांधी जाती है।
उज्जैन के प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर में भी इस साल वैशाख कृष्ण प्रतिपदा से लेकर ज्येष्ठ माह की पूर्णिमा तक 11 'गन्तिकाओं' (मटकियों) द्वारा बाबा महाकाल को ठंडक देने का कार्य कर रही है। मंदिर के पुजारियों का मानना है कि इस जलधारा से न केवल बाबा महाकाल को राहत मिलती है, बल्कि भक्तों को भी सुख-शांति और समृद्धि मिलती है।
ये खबर भी पढ़ें... हिंदू पंचांग का वैशाख महीना आज से शुरू, जानिए पूजा-पाठ और जल दान की महत्ता
इस बार, महाकाल को ठंडक देने के लिए मंदिर के शीर्ष पर 11 मटकियां (गन्तिकाएं) बांधी गई हैं। इन मटकियों में गंगा, यमुना, सरस्वती, गोदावरी, नर्मदा, कावेरी, गण्डकी, सरयू, सिंधु और शिप्रा नदी का जल भरा गया है। यह जल बाबा महाकाल के शिवलिंग पर गिरने के लिए जलधारा के रूप में निरंतर बहता रहता है। यह प्रक्रिया प्रतिदिन सुबह 6 बजे से शाम 5 बजे तक जारी रहती है।
ये खबर भी पढ़ें... हनुमान जी की कृपा चाहिए तो लगाएं चमेली के तेल का दीपक...इनका लगाएं भोग
यह जलधारा न केवल भगवान महाकाल को राहत पहुंचाती है, बल्कि भक्तों को भी मानसिक शांति और मनोवांछित फल प्राप्त करने का अवसर देती है। मंदिर के पुजारियों के मुताबिक, यह जलधारा भगवान के मस्तक से एक-एक बूंद के रूप में गिरती है, जिससे भगवान महाकाल की गर्मी और हलाहल की उष्णता से राहत मिलती है। इस परंपरा का पालन हर साल किया जाता है और यह जून तक निरंतर जारी रहती है। यह जलधारा महाकाल के भक्तों के लिए शीतलता का अहसास कराती है और साथ ही उनकी आस्था को भी मजबूती देती है।
शिवलिंग के ऊपर रखी जाने वाली मटकी को गलंतिका कहते हैं, जिसका अर्थ है "जल पिलाने का बर्तन"। इसमें एक छोटा सा छेद होता है, जिससे पानी की एक-एक बूंद निरंतर शिवलिंग पर गिरती रहती है। यह मटकी मिट्टी या धातु की हो सकती है और कई मंदिरों में एक से ज्यादा गलंतिका बांधी जाती है। वैशाख महीने में सूर्य पृथ्वी के निकट होता है, जिससे अत्यधिक गर्मी पड़ने लगती है। इस समय भगवान शिव को गलंतिका के माध्यम से ठंडक दी जाती है, ताकि शिवलिंग पर गिरता पानी उन्हें गर्मी से राहत पहुंचाए और ठंडक मिले।
ये खबर भी पढ़ें... 300 साल पुराना काली माता का मंदिर, यहां तंत्र पूजा और दिव्य आभूषणों से सजती है मां
कथाओं के मुताबिक, समुद्र मंथन में कालकूट विष निकला था, जिसे शिवजी ने अपने गले में धारण किया। इस विष को शांत करने के लिए देवताओं ने उन्हें शीतल जल चढ़ाया। वैशाख और जेठ में शिवजी के शरीर का तापमान बढ़ने लगता है, इसलिए जल चढ़ाने की परंपरा शुरू हुई।
शिवलिंग को वैज्ञानिक दृष्टि से देखा जाए तो यह एक न्यूक्लियर रिएक्टर की तरह काम करता है। भारत के ज्योतिर्लिंगों के स्थानों पर रेडियोएक्टिव ऊर्जा का स्तर अधिक पाया जाता है। इस ऊर्जा को शांत करने के लिए जल चढ़ाया जाता है और गलंतिका द्वारा गिरने वाला पानी शिवलिंग को शांत रखता है। यह परंपरा धार्मिक, सांस्कृतिक और वैज्ञानिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है। गलंतिका के माध्यम से भगवान शिव को राहत मिलती है और भक्तों को शांति प्राप्त होती है।
ये खबर भी पढ़ें... नवरात्रि पर कन्या पूजन क्यों किया जाता है, जानें कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त और पूजा विधि
उज्जैन के प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर में भी इस साल वैशाख कृष्ण प्रतिपदा से लेकर ज्येष्ठ माह की पूर्णिमा तक 11 'गन्तिकाओं' (मटकियों) द्वारा बाबा महाकाल को ठंडक देने का कार्य कर रही है। मंदिर के पुजारियों का मानना है कि इस जलधारा से न केवल बाबा महाकाल को राहत मिलती है, बल्कि भक्तों को भी सुख-शांति और समृद्धि मिलती है।
ये खबर भी पढ़ें... हिंदू पंचांग का वैशाख महीना आज से शुरू, जानिए पूजा-पाठ और जल दान की महत्ता
गन्तिकाओं का विशेष महत्व
ये खबर भी पढ़ें... हनुमान जी की कृपा चाहिए तो लगाएं चमेली के तेल का दीपक...इनका लगाएं भोग
जलधारा का उद्देश्य
वैशाख में गलंतिका बांधने का कारण
ये खबर भी पढ़ें... 300 साल पुराना काली माता का मंदिर, यहां तंत्र पूजा और दिव्य आभूषणों से सजती है मां
धार्मिक कारण
वैज्ञानिक कारण
ये खबर भी पढ़ें... नवरात्रि पर कन्या पूजन क्यों किया जाता है, जानें कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त और पूजा विधि
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari