इस बार मार्गशीर्ष पूर्णिमा 2025 पर भद्रा का साया, इस विधि से करें श्रीहरि विष्णु और चंद्र देव की पूजा
Kaushiki | Nov 29, 2025, 16:02 IST
margashirsha-purnima-2025-snan-daan-muhurat
साल 2025 की आखिरी पूर्णिमा यानी मार्गशीर्ष पूर्णिमा 4 दिसंबर को है। इस दिन भद्रा का साया रहेगा, पर यह स्वर्ग लोक में रहेगी। जानिए स्नान-दान का शुभ मुहूर्त और सत्यनारायण पूजा की विधि।
Latest Religious News:हिंदू धर्म में मार्गशीर्ष पूर्णिमा का बहुत ही खास महत्व बताया गया है। मान्यता है कि इस पवित्र तिथि पर चंद्रमा अपनी 16 कलाओं से पूरी तरह पूर्ण होते हैं। इससे वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा का संचार बढ़ता है। इस पावन दिन पर भगवान विष्णु के साथ चंद्र देव की पूजा का विशेष विधान है।
धार्मिक विश्वास है कि विधि-विधान से पूजा-अर्चना करने से दरिद्रता, दुख और जीवन की सभी बाधाएं दूर होती हैं। साथ ही, घर में सुख-समृद्धि का वास होता है। ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक, इस साल की आखिरी पूर्णिमा पर भद्रा का प्रभाव रहेगा।
ज्योतिषीय पंचांग के मुताबिक, मार्गशीर्ष पूर्णिमा 2025 की तिथि इस प्रकार है:
ओरछा में भगवान राम के लिए बना चतुर्भुज मंदिर पर होती है विष्णु जी की पूजा, जानें कारण
ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक, इस मार्गशीर्ष पूर्णिमा पर भद्रा काल का प्रभाव रहेगा, जिससे कई लोग चिंतित हैं। भद्रा का आरंभ सुबह 8 बजकर 36 मिनट पर होगा। यह काल शाम 6 बजकर 41 मिनट तक जारी रहेगा।
ज्योतिषीय गणना बताती है कि इस तिथि पर भद्रा का वास स्वर्ग लोक में रहने वाला है। जब भद्रा स्वर्ग लोक या पाताल लोक में होती है, तो उसका बुरा प्रभाव पृथ्वी लोक पर नहीं पड़ता। इसलिए आपको किसी भी शुभ कार्य के लिए चिंता करने की जरूरत नहीं है।
ये खबर भी पढ़ें...
Mokshada Ekadashi 2025: इसी दिन श्रीकृष्ण ने अर्जुन को दिया था गीता का ज्ञान, जानें पूजा का शुभ मुहूर्त
![Margashirsha Purnima 2025: साल की आखिरी पूर्णिमा होगी इस दिन, जानें मार्गशीर्ष पूर्णिमा की तारीख, पूजा विधि और मूहूर्त - margashirsha purnima 2025 this will be the last purnima ...]()
मार्गशीर्ष पूर्णिमा के दिन पवित्र नदियों में स्नान और दान का विशेष महत्व होता है। यहां शुभ मुहूर्त दिए गए हैं:
ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक, इस दिन भगवान विष्णु और चंद्र देव की पूजा जरूर करनी चाहिए।
ये खबर भी पढ़ें...
इस दिन से शुरू हो रहा खरमास 2025, अगले एक महीने तक इन 5 कामों पर लगेगा ब्रेक
Gita Jayanti 2025: भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को क्यों दिया था गीता का उपदेश, जानें कैसे करें पूजा
धार्मिक विश्वास है कि विधि-विधान से पूजा-अर्चना करने से दरिद्रता, दुख और जीवन की सभी बाधाएं दूर होती हैं। साथ ही, घर में सुख-समृद्धि का वास होता है। ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक, इस साल की आखिरी पूर्णिमा पर भद्रा का प्रभाव रहेगा।
एमपी सरकार के दो साल पूरे होने पर सर्वे में शामिल होने के लिए फोटो पर क्लिक करें...
मार्गशीर्ष पूर्णिमा की सही तिथि
- पूर्णिमा तिथि का आरंभ: 4 दिसंबर 2025 को सुबह 8 बजकर 36 मिनट पर होगा।
- पूर्णिमा तिथि का समापन: 5 दिसंबर 2025 को सुबह 4 बजकर 42 मिनट पर होगा।
- तिथि के उदय और स्नान-दान के समय को देखते हुए, इस साल मार्गशीर्ष पूर्णिमा 4 दिसंबर 2025 को ही मनाई जाएगी।
ओरछा में भगवान राम के लिए बना चतुर्भुज मंदिर पर होती है विष्णु जी की पूजा, जानें कारण
भद्रा का साया
ज्योतिषीय गणना बताती है कि इस तिथि पर भद्रा का वास स्वर्ग लोक में रहने वाला है। जब भद्रा स्वर्ग लोक या पाताल लोक में होती है, तो उसका बुरा प्रभाव पृथ्वी लोक पर नहीं पड़ता। इसलिए आपको किसी भी शुभ कार्य के लिए चिंता करने की जरूरत नहीं है।
ये खबर भी पढ़ें...
Mokshada Ekadashi 2025: इसी दिन श्रीकृष्ण ने अर्जुन को दिया था गीता का ज्ञान, जानें पूजा का शुभ मुहूर्त
Margashirsha Purnima 2025: साल की आखिरी पूर्णिमा होगी इस दिन, जानें मार्गशीर्ष पूर्णिमा की तारीख, पूजा विधि और मूहूर्त - margashirsha purnima 2025 this will be the last purnima ...
स्नान-दान और पूजा के शुभ मुहूर्त
- स्नान-दान का शुभ मुहूर्त: सुबह 5 बजकर 10 मिनट से सुबह 6 बजकर 04 मिनट तक। (यह ब्रह्म मुहूर्त का समय है, जो सर्वोत्तम माना जाता है।)
- सत्यनारायण पूजा का शुभ मुहूर्त: सुबह 10 बजकर 53 मिनट से दोपहर 1 बजकर 29 मिनट तक।
- चंद्रोदय का समय: पूर्णिमा के दिन चंद्रमा दोपहर 4 बजकर 34 मिनट पर उदय होंगे।
मार्गशीर्ष पूर्णिमा पर पूजा-विधि
- पवित्र स्नान: शुभ मुहूर्त में किसी पवित्र नदी या घर पर ही पानी में गंगाजल डालकर स्नान करें।
- संकल्प और व्रत: साफ कपड़े पहनकर भगवान विष्णु का ध्यान करें और व्रत का संकल्प लें।
- विष्णु जी की पूजा: भगवान विष्णु की मूर्ति या तस्वीर स्थापित करें और उन्हें तुलसी दल, फल और मिठाई अर्पित करें।
- सत्यनारायण कथा: पूजा के शुभ मुहूर्त में सत्यनारायण भगवान की कथा का पाठ करना सबसे उत्तम होता है।
- चंद्रमा को अर्घ्य: शाम को चंद्रोदय होने पर चंद्र देव को दूध और जल मिलाकर अर्घ्य जरूर दें।
- दान-पुण्य: पूजा के बाद अपनी क्षमतानुसार गरीबों या जरूरतमंदों को अन्न और वस्त्र का दान करें।
ये खबर भी पढ़ें...
इस दिन से शुरू हो रहा खरमास 2025, अगले एक महीने तक इन 5 कामों पर लगेगा ब्रेक
Gita Jayanti 2025: भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को क्यों दिया था गीता का उपदेश, जानें कैसे करें पूजा
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
By Arun Tiwari
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
By Sandeep Kumar
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
By VINAY VERMA
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
By Ashish Bhardwaj
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
By Arun Tiwari
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच
By Jitendra Shrivastava
UPI एमडीआर पर सुप्रीम कोर्ट का रोक से इनकार: 15 अक्टूबर से दुकानदारों को देना होगा 0.4 फीसदी चार्ज
By Sanjay Dhiman