रक्षाबंधन 2026 पर नहीं रहेगा भद्रा का साया, जानें राखी बांधने की सही तारीख
Kaushiki | Jul 05, 2026, 15:10 IST
raksha bandhan 2026
साल 2026 में रक्षाबंधन का त्योहार 28 अगस्त को मनाया जाएगा। इस साल राखी पर भद्रा का साया नहीं रहेगा। पूर्णिमा तिथि उदया तिथि के अनुसार मान्य होगी। बहनें सुबह 05:57 बजे से लेकर 09:48 बजे तक भाइयों को राखी बांध सकेंगी।
Raksha Bandhan 2026: हिंदू धर्म में रक्षाबंधन के त्योहार का एक विशेष स्थान है। यह त्योहार भाई और बहन के आपसी स्नेह को दर्शाता है। हर साल सावन महीने की पूर्णिमा को यह पर्व मनाते हैं।
इस दिन बहनें अपने भाई की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधती हैं। वे भाई के माथे पर तिलक लगाकर उसकी लंबी उम्र मांगती हैं। भाई भी अपनी बहन की हमेशा रक्षा करने का वचन देता है।
साल 2026 का रक्षाबंधन बहुत ही खास होने वाला है। इस बार बहनों को भद्रा काल की कोई चिंता नहीं होगी। इस साल राखी के दिन भद्रा का साया बिल्कुल नहीं रहेगा।
![Raksha Bandhan 2026]()
2026 में
पंचांग के मुताबिक, इस साल पूर्णिमा तिथि जल्दी शुरू हो जाएगी। सावन पूर्णिमा 27 अगस्त 2026 को सुबह 09:08 बजे शुरू होगी। इस तिथि का समापन 28 अगस्त को सुबह 09:48 बजे होगा। शास्त्रों में उदया तिथि को सबसे ज्यादा महत्व दिया जाता है।
उदया तिथि यानी सूर्योदय के समय रहने वाली तिथि। 28 अगस्त की सुबह पूर्णिमा तिथि मौजूद रहेगी। इसलिए रक्षाबंधन का त्योहार 28 अगस्त को ही मनाया जाएगा। इस दिन सुबह से ही त्योहार का माहौल बन जाएगा। बहनें पूरे दिन राखी का उत्सव मना सकती हैं।
पंचांग के मुताबिक, इस साल पूर्णिमा तिथि सुबह जल्दी समाप्त हो रही है। इसलिए सुबह के समय राखी बांधना सबसे ज्यादा उत्तम रहेगा। आप अपने भाई को शुभ समय पर ही राखी बांधें। राखी बांधने का पहला मुहूर्त सुबह 05:57 से 09:48 बजे तक है।
इस मुहूर्त की कुल अवधि 3 घंटे 51 मिनट की होगी। इस बीच भद्रा का कोई असर नहीं रहेगा। सुबह के समय राहुकाल का भी ध्यान रखना बहुत जरूरी है। इस दिन राहुकाल सुबह 10:46 से दोपहर 12:22 बजे तक रहेगा। राहुकाल के समय राखी बांधने से बचना चाहिए।
![Raksha Bandhan 2026]()
अगर आप सुबह किसी कारणवश राखी नहीं बांध पाती हैं तो परेशान न हों। दोपहर के समय भी राखी बांधने का एक अच्छा मुहूर्त मिल रहा है। आप उस समय यह काम कर सकती हैं।
पंचांग के मुताबिक, दोपहर को 01:30 बजे से शाम 04:00 बजे तक शुभ समय है। इस समय भी बहनें भाई की कलाई पर राखी सजा सकती हैं। यह समय भी पूरी तरह से दोषमुक्त रहेगा।
इस साल भद्रा सूर्योदय से पहले ही खत्म हो जाएगी। जब आप सुबह उठेंगे तब तक भद्रा समाप्त हो चुकी होगी। इसलिए इस बार पूरा दिन धार्मिक कार्यों के लिए शुभ है।
![Raksha Bandhan 2026]()
रक्षाबंधन के
शास्त्रों में रक्षाबंधन से जुड़ी कई पौराणिक कथाएं मिलती हैं।
रक्षाबंधन के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करना चाहिए। इसके बाद साफ कपड़े पहनकर पूजा की थाली तैयार करें। थाली में रोली, चंदन, अक्षत, मिठाई और राखी रखें।
सबसे पहले राखी भगवान गणेश और अपने ईष्ट देव को चढ़ाएं। इसके बाद भाई को पूर्व या उत्तर दिशा की ओर बिठाएं। भाई के सिर पर कोई साफ कपड़ा होना चाहिए।
भाई के माथे पर तिलक लगाएं और दाहिनी (Right) कलाई पर राखी बांधें। इसके बाद भाई का मुंह मीठा कराएं और आरती उतारें। भाई को भी बहन के पैर छूकर आशीर्वाद लेना चाहिए।
शिवलिंग की पूजा से मिलते हैं अद्भुत लाभ, जानें शिव महापुराण में क्या है लिखा
आखिर क्यों दूर्वा के बिना अधूरी है बप्पा की पूजा, कश्यप ऋषि से जुड़ा है राज
आज से शुरू हुआ आषाढ़ का महीना, सूर्य और भगवान वामन की पूजा का है खास महत्व
रक्षाबंधन के दिन चंद्र ग्रहण का साया, क्या बदल जाएगा राखी बांधने का समय?
इस दिन बहनें अपने भाई की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधती हैं। वे भाई के माथे पर तिलक लगाकर उसकी लंबी उम्र मांगती हैं। भाई भी अपनी बहन की हमेशा रक्षा करने का वचन देता है।
साल 2026 का रक्षाबंधन बहुत ही खास होने वाला है। इस बार बहनों को भद्रा काल की कोई चिंता नहीं होगी। इस साल राखी के दिन भद्रा का साया बिल्कुल नहीं रहेगा।
Raksha Bandhan 2026
2026 में रक्षाबंधन कब है ?
उदया तिथि यानी सूर्योदय के समय रहने वाली तिथि। 28 अगस्त की सुबह पूर्णिमा तिथि मौजूद रहेगी। इसलिए रक्षाबंधन का त्योहार 28 अगस्त को ही मनाया जाएगा। इस दिन सुबह से ही त्योहार का माहौल बन जाएगा। बहनें पूरे दिन राखी का उत्सव मना सकती हैं।
सुबह के समय बांधे राखी
इस मुहूर्त की कुल अवधि 3 घंटे 51 मिनट की होगी। इस बीच भद्रा का कोई असर नहीं रहेगा। सुबह के समय राहुकाल का भी ध्यान रखना बहुत जरूरी है। इस दिन राहुकाल सुबह 10:46 से दोपहर 12:22 बजे तक रहेगा। राहुकाल के समय राखी बांधने से बचना चाहिए।
Raksha Bandhan 2026
रक्षाबंधन का शुभ मुहूर्त
पंचांग के मुताबिक, दोपहर को 01:30 बजे से शाम 04:00 बजे तक शुभ समय है। इस समय भी बहनें भाई की कलाई पर राखी सजा सकती हैं। यह समय भी पूरी तरह से दोषमुक्त रहेगा।
इस साल भद्रा सूर्योदय से पहले ही खत्म हो जाएगी। जब आप सुबह उठेंगे तब तक भद्रा समाप्त हो चुकी होगी। इसलिए इस बार पूरा दिन धार्मिक कार्यों के लिए शुभ है।
Raksha Bandhan 2026
रक्षाबंधन के पौराणिक कथाएं
- भगवान कृष्ण और द्रौपदी की कथा
एक मशहूर कथा भगवान कृष्ण और द्रौपदी से जुड़ी है। कथा के मुताबिक, शिशुपाल का वध करते समय कृष्ण की उंगली कट गई थी। उंगली से खून बहता देख द्रौपदी तुरंत आगे आईं। उन्होंने अपनी साड़ी का किनारा फाड़कर कृष्ण की उंगली पर बांध दिया।
भगवान कृष्ण ने इस धागे के बदले द्रौपदी की रक्षा का वचन दिया। बाद में भगवान कृष्ण ने चीरहरण के समय द्रौपदी की लाज बचाई। उन्होंने अपना दिया हुआ वचन पूरी तरह निभाया। - राजा बलि और माता लक्ष्मी की कथा
एक अन्य प्रसिद्ध कथा राजा बलि और माता लक्ष्मी की भी है। राजा बलि ने अपनी भक्ति से भगवान विष्णु को प्रसन्न कर लिया था। उन्होंने विष्णु जी को अपने साथ पाताल लोक रहने का वचन लिया।
इस वजह से माता लक्ष्मी बहुत ज्यादा परेशान हो गईं। वे भगवान विष्णु को वापस वैकुंठ लाना चाहती थीं। तब माता लक्ष्मी ने एक गरीब महिला का रूप धारण किया।
वे पाताल लोक में राजा बलि के पास पहुंच गईं। माता लक्ष्मी ने राजा बलि की कलाई पर सुंदर राखी बांधी। उन्होंने बलि को अपना भाई बनाकर उपहार में विष्णु जी को मांग लिया। - सिकंदर और राजा पुरु की कहानी
रक्षाबंधन का महत्व सिर्फ धार्मिक ही नहीं बल्कि ऐतिहासिक भी है। इतिहास में भी राखी से जुड़ी कई बड़ी घटनाएं दर्ज हैं। ऐसा ही एक किस्सा सिकंदर की पत्नी का है। सिकंदर की पत्नी ने राजा पुरु को राखी भेजी थी। राजा पुरु बहुत वीर और पराक्रमी राजा थे।
उन्होंने राखी के धागे का सम्मान करते हुए एक बड़ा फैसला लिया। उन्होंने युद्ध के मैदान में सिकंदर को जीवनदान दे दिया था। यह कहानी बताती है कि राखी का धागा कितना शक्तिशाली होता है। यह धागा दुश्मनों को भी भाई बना देता है।
त्योहार मनाने का सही तरीका
सबसे पहले राखी भगवान गणेश और अपने ईष्ट देव को चढ़ाएं। इसके बाद भाई को पूर्व या उत्तर दिशा की ओर बिठाएं। भाई के सिर पर कोई साफ कपड़ा होना चाहिए।
भाई के माथे पर तिलक लगाएं और दाहिनी (Right) कलाई पर राखी बांधें। इसके बाद भाई का मुंह मीठा कराएं और आरती उतारें। भाई को भी बहन के पैर छूकर आशीर्वाद लेना चाहिए।
FAQ
- साल 2026 में रक्षाबंधन किस तारीख को मनाया जाएगा?
साल 2026 में रक्षाबंधन 28 अगस्त को मनाया जाएगा। उदया तिथि के अनुसार 28 अगस्त की सुबह पूर्णिमा तिथि होने के कारण इसी दिन त्योहार मनाना शास्त्र सम्मत है। - क्या इस साल रक्षाबंधन पर भद्रा का साया रहेगा?
नहीं, साल 2026 में रक्षाबंधन पर भद्रा का साया नहीं रहेगा। इस साल भद्रा काल 28 अगस्त को सूर्योदय होने से पहले ही पूरी तरह समाप्त हो जाएगा। - 28 अगस्त 2026 को राखी बांधने का सबसे बेस्ट मुहूर्त क्या है?
राखी बांधने का सबसे बेस्ट मुहूर्त सुबह 05:57 बजे से सुबह 09:48 बजे तक है। इसके बाद दोपहर 01:30 बजे से शाम 04:00 बजे तक भी राखी बांधी जा सकती है।
शिवलिंग की पूजा से मिलते हैं अद्भुत लाभ, जानें शिव महापुराण में क्या है लिखा
आखिर क्यों दूर्वा के बिना अधूरी है बप्पा की पूजा, कश्यप ऋषि से जुड़ा है राज
आज से शुरू हुआ आषाढ़ का महीना, सूर्य और भगवान वामन की पूजा का है खास महत्व
रक्षाबंधन के दिन चंद्र ग्रहण का साया, क्या बदल जाएगा राखी बांधने का समय?
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
By Arun Tiwari
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
By Sandeep Kumar
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
By VINAY VERMA
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
By Ashish Bhardwaj
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
By Arun Tiwari
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच
By Jitendra Shrivastava
UPI एमडीआर पर सुप्रीम कोर्ट का रोक से इनकार: 15 अक्टूबर से दुकानदारों को देना होगा 0.4 फीसदी चार्ज
By Sanjay Dhiman