Gen Z प्रोफेशनल को क्यों पसंद हैं लेजी गर्ल जॉब्स, जानें इसका रीजन
Kaushiki | Mar 15, 2026, 11:01 IST
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Gen-Z में Lazy Girl Jobs का ट्रेंड तेजी से बढ़ रहा है। युवा अब तनावपूर्ण करियर के बजाय मानसिक शांति और वर्क-लाइफ बैलेंस को ज्यादा महत्व दे रहे हैं।
आज के दौर में करियर को लेकर सोच बदल रही है। पहले लोग मानते थे कि ज्यादा मेहनत ही सफलता की कुंजी है। लेकिन आज का युवा इस बात को नहीं मानता है।
आज के युवा अब लेजी गर्ल जॉब्स जैसे ट्रेंड्स को अपना रहे हैं। ये नाम सुनने में भले ही थोड़ा अजीब लगे, लेकिन इसका मतलब आलस करना बिल्कुल भी नहीं है।
इसका असली मतलब है अपने काम को स्मार्ट तरीके से करना। युवा अब वर्क-लाइफ बैलेंस को अपनी पहली प्राथमिकता बना रहे हैं। वे चाहते हैं कि काम के साथ जीवन भी जिया जाए।
सोशल मीडिया पर ये शब्द आजकल बहुत वायरल हो रहा है। Lazy Girl Jobs का मतलब ऐसी नौकरियां हैं जो फ्लेक्सिबल हों। इनमें काम का बोझ बहुत ज्यादा स्ट्रेस्फुल नहीं होता है। काम के घंटे तय होते हैं और सैलरी भी अच्छी मिलती है।
इसमें कर्मचारी को घर से काम करने की आजादी मिलती है। लोग अपनी शिफ्ट खत्म होने के बाद लैपटॉप बंद कर देते हैं। वे देर रात तक ऑफिस के ईमेल चेक नहीं करते। ये ट्रेंड मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए शुरू हुआ है।
गुरुग्राम की रहने वाली 26 साल की रिया इसका बेस्ट उदाहरण हैं। रिया पहले एक बड़ी कंसल्टिंग फर्म में काम करती थीं। वहां उन्हें हर समय काम का बहुत भारी तनाव रहता था। उनकी प्राइवेट लाइफ पूरी तरह से खत्म हो चुकी थी।
फिर रिया ने अपनी पुरानी नौकरी छोड़कर नई जॉब ज्वाइन की। अब वे रोज शाम 5:30 बजे अपना काम खत्म कर देती हैं। इसके बाद वे अपनी योगा क्लास में समय बिताती हैं। रिया अब अपने परिवार के साथ भी बहुत खुश रहती हैं।
हाल ही में Deloitte ने एक ग्लोबल सर्वे किया है। इसमें 44 देशों के 22 हजार युवाओं की राय ली गई। सर्वे के मुताबिक, 46% युवा हमेशा तनाव महसूस करते हैं। आधे से ज्यादा युवा काम के बोझ से थक चुके हैं।
भारत (MENTAL HEALTH IN INDIA) में भी युवा अब नौकरी की सुरक्षा चाहते हैं। वे अब पीसफुल लाइफ को ज्यादा इम्पोर्टेंस देने लगे हैं। युवाओं का मानना है कि सफलता का मतलब सिर्फ पैसा नहीं। सुकून और खुशहाल जीवन ही असली सफलता का पैमाना है।
कंपनियां भी अब युवाओं की इस सोच को समझ रही हैं। कई ऑफिस अब हाइब्रिड मॉडल पर काम कर रहे हैं। वे एम्प्लाइज (Gen Z Employees) को मेंटल हेल्थ लीव भी दे रहे हैं। Lazy Girl Jobs ट्रेंड दिखा रहा है कि दुनिया बदल रही है।
फ्यूचर में वही कंपनियां टिकेंगी जो एम्प्लाइज का ख्याल रखेंगी। युवाओं के लिए अब खुद का समय सबसे कीमती है। वे काम के पीछे अपने हेल्थ को सैक्रिफाइस नहीं करना चाहते। ये एक पॉजिटिव चेंज है जो सोसाइटी में दिख रहा है। Trending
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आज के युवा अब लेजी गर्ल जॉब्स जैसे ट्रेंड्स को अपना रहे हैं। ये नाम सुनने में भले ही थोड़ा अजीब लगे, लेकिन इसका मतलब आलस करना बिल्कुल भी नहीं है।
इसका असली मतलब है अपने काम को स्मार्ट तरीके से करना। युवा अब वर्क-लाइफ बैलेंस को अपनी पहली प्राथमिकता बना रहे हैं। वे चाहते हैं कि काम के साथ जीवन भी जिया जाए।
क्या है लेजी गर्ल जॉब्स का असली मतलब
इसमें कर्मचारी को घर से काम करने की आजादी मिलती है। लोग अपनी शिफ्ट खत्म होने के बाद लैपटॉप बंद कर देते हैं। वे देर रात तक ऑफिस के ईमेल चेक नहीं करते। ये ट्रेंड मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए शुरू हुआ है।
मार्केटिंग एक्जीक्यूटिव रिया की दिलचस्प स्टोरी
फिर रिया ने अपनी पुरानी नौकरी छोड़कर नई जॉब ज्वाइन की। अब वे रोज शाम 5:30 बजे अपना काम खत्म कर देती हैं। इसके बाद वे अपनी योगा क्लास में समय बिताती हैं। रिया अब अपने परिवार के साथ भी बहुत खुश रहती हैं।
सर्वे में हुआ चौंकाने वाला खुलासा
भारत (MENTAL HEALTH IN INDIA) में भी युवा अब नौकरी की सुरक्षा चाहते हैं। वे अब पीसफुल लाइफ को ज्यादा इम्पोर्टेंस देने लगे हैं। युवाओं का मानना है कि सफलता का मतलब सिर्फ पैसा नहीं। सुकून और खुशहाल जीवन ही असली सफलता का पैमाना है।
फ्यूचर कॉर्पोरेट वर्ल्ड पर इसका इफेक्ट
फ्यूचर में वही कंपनियां टिकेंगी जो एम्प्लाइज का ख्याल रखेंगी। युवाओं के लिए अब खुद का समय सबसे कीमती है। वे काम के पीछे अपने हेल्थ को सैक्रिफाइस नहीं करना चाहते। ये एक पॉजिटिव चेंज है जो सोसाइटी में दिख रहा है। Trending
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