क्लासरूम में पहुंचेगा गूगल जैमिनी, अब शिक्षकों को एआई सिखाएगा पढ़ाने का नया तरीका
Anjali Dwivedi | May 23, 2026, 13:11 IST
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गूगल ने भारतीय शिक्षकों और छात्रों के लिए एक नया एआई ट्रेनिंग प्रोग्राम शुरू किया है। इसका उद्देश्य पढ़ाई को आसान बनाना है। यह कोर्स मोबाइल पर छह स्थानीय भाषाओं में उपलब्ध होगा, जिससे शिक्षक आसानी से डिजिटल स्किल सीख सकेंगे।
समझें क्या है पूरा मामला
- गूगल ने भारत में शिक्षकों के लिए नया एआई ट्रेनिंग प्रोग्राम शुरू किया है।
- इस प्रोग्राम का नाम गूगल एआई एजुकेटर सीरीज रखा गया है।
- इसका मुख्य उद्देश्य शिक्षकों को एआई टूल्स का सही इस्तेमाल सिखाना है।
- यह मोबाइल फ्रेंडली कोर्स शुरुआती दौर में छह भारतीय भाषाओं में मिलेगा।
- इस मुहिम से देश की शिक्षा नीति को एक नई ऊंचाई मिलेगी।
एआई तकनीक अब देश के स्कूल और कॉलेजों तक पहुंच चुकी है। गूगल ने देश के शिक्षकों और छात्रों के लिए नया प्रोग्राम शुरू किया है। इस प्रोग्राम का नाम गूगल एआई एजुकेटर सीरीज रखा गया है।
एजुकेशन सिस्टम को कैसे बदलेगा नया AI टूल?
इसके लिए खास तौर पर डिजिटल लर्निंग पर फोकस किया जा रहा है। भविष्य में छात्र और शिक्षक एआई की दुनिया के लिए तैयार रहेंगे। इसी सोच के साथ इस पूरे प्रोजेक्ट को डिजाइन किया गया है।
मोबाइल पर मिलेगी ट्रेनिंग
इसमें महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, पंजाब और असम की सरकारें शामिल हैं। साथ ही केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख का शिक्षा विभाग भी इसमें मदद करेगा। इस सहयोग से जमीनी स्तर पर बड़ा बदलाव आएगा।
क्षेत्रीय भाषाओं में सीख सकेंगे नए गुण
शिक्षक अपने सफर के दौरान भी इसे देख सकते हैं। शुरुआत में यह कोर्स कुल छह भारतीय भाषाओं में उपलब्ध होगा। इसमें हिंदी, असमिया, मराठी, तेलुगू, उड़िया और पंजाबी शामिल हैं।
तीन चरणों में पूरी होगी शिक्षकों की ट्रेनिंग
तीसरे चरण में एआई से जुड़े एडवांस काम सिखाए जाएंगे। इसमें कंप्यूटर की मदद से होमवर्क और असाइनमेंट चेक करना शामिल है। शिक्षक एआई टूल्स से बच्चों की प्रोग्रेस रिपोर्ट तैयार कर सकेंगे। इसके अलावा वे छात्रों को बेहतर फीडबैक भी दे पाएंगे। इस तकनीक से शिक्षकों का कीमती समय बहुत ज्यादा बच जाएगा। वे अपना पूरा ध्यान बच्चों के मानसिक विकास पर लगा सकेंगे।
FAQ
- गूगल एआई एजुकेटर सीरीज क्या है और इसका क्या लाभ है?
गूगल एआई एजुकेटर सीरीज एक मोबाइल फ्रेंडली ट्रेनिंग प्रोग्राम है। इसे भारतीय शिक्षकों के लिए बनाया गया है। इसका मुख्य लाभ यह है कि शिक्षक एआई टूल्स की मदद से क्लासरूम की पढ़ाई को अधिक रोचक, डिजिटल और आसान बना सकेंगे। - यह ट्रेनिंग प्रोग्राम किन-किन भाषाओं में उपलब्ध होगा?
शिक्षकों की सुविधा के लिए गूगल इस ट्रेनिंग को स्थानीय भाषाओं में दे रहा है। शुरुआत में यह कोर्स हिंदी, मराठी, असमिया, तेलुगू, ओड़िया और पंजाबी सहित छह प्रमुख भारतीय भाषाओं में उपलब्ध कराया जाएगा। - इस कोर्स के तीन चरण कौन से हैं और इनमें क्या सिखाया जाएगा?
पहले चरण में एआई के बेसिक नियम सिखाए जाएंगे। दूसरे चरण में जैमिनी एआई टूल की मदद से बच्चों को पढ़ाना सिखाया जाएगा। तीसरे चरण में एआई टूल्स के जरिए असाइनमेंट चेक करना, रिजल्ट बनाना और फीडबैक देना सिखाया जाएगा।
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