MP NEET PG Seat Matrix 2025: हाई कोर्ट की नाराजगी के बाद बड़ा बदलाव, अब 50% सीटें ऑल इंडिया कोटे के लिए
Manya Jain | Nov 27, 2025, 13:14 IST
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मध्यप्रदेश सरकार ने हाई कोर्ट की आपत्ति के बाद NEET PG सीट मैट्रिक्स में बड़े बदलाव किए हैं। अब प्राइवेट व सरकारी दोनों कॉलेजों में 50% ऑल इंडिया कोटा अनिवार्य रहेगा। नई काउंसलिंग गाइडलाइन 2025 से लागू होगी।
MP NEET PG:हाई कोर्ट की नाराजगी के बाद मध्यप्रदेश सरकार ने NEET PG सीट मैट्रिक्स (NEET PG Seat Matrix) में बड़े बदलावों की घोषणा की है।
पहले लागू की गई सीट स्ट्रक्चर पर अदालत ने आपत्ति जताई थी क्योंकि इससे राज्य की जनरल कैटेगिरी के अभ्यर्थियों को 70% तक सीटों का फायदा मिल रहा था।
इस समस्या को दूर करने के लिए सरकार ने नई व्यवस्था लागू की है, जिसके तहत 50% ऑल इंडिया कोटा (All India Quota) अनिवार्य कर दिया गया है।
यह बदलाव प्राइवेट और सरकारी दोनों मेडिकल कॉलेजों में लागू होगा।
मध्यप्रदेश के निजी मेडिकल कॉलेजों में सीट डिस्ट्रीब्यूशन (neet pg 2025) को लेकर हाई कोर्ट सख्त था। कोर्ट ने माना कि पुरानी व्यवस्था में राज्य के सामान्य श्रेणी के छात्रों को अनफेयर फायदा मिल रहा था।
कोर्ट की नाराजगी के बाद सरकार ने सीटों के ग्रुपिंग में सुधार किए और इंडस्ट्रियल प्रिफरेंस सीट (Education news) को पूरी तरह समाप्त कर दिया।
इससे सीट अलॉटमेंट में बैलेंस और ट्रांसपेरेंसी लाने की कोशिश की गई है।
हाईकोर्ट के फैसले के बाद DME (संचालक चिकित्सा शिक्षा) को निजी कॉलेजों के लिए आरक्षण रोस्टर और सीट चार्ट में बदलाव करना पड़ रहा है। सूत्रों के मुताबिक, DME के अधिकारी अब इस बदलाव पर काम कर रहे हैं।
नया सीट चार्ट तैयार किया जा रहा है, जिसे आखिरी मंजूरी के लिए उपमुख्यमंत्री के पास भेजा गया है। आरक्षण में बड़े बदलावों के चलते काउंसलिंग को नियंत्रित करने वाला सॉफ्टवेयर भी अपडेट किया जा रहा है।
लेकिन सॉफ्टवेयर अपडेट होने में थोड़ा वक्त लग रहा है, जिससे काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू होने में देरी हो रही है। DME से कोई भी आधिकारिक जानकारी न मिलने के कारण उम्मीदवार परेशान हो गए हैं।
पुरानी व्यवस्था में निजी मेडिकल कॉलेजों में सीटों का डिस्ट्रीब्यूशन इस प्रकार था—
नई गाइडलाइन के अनुसार प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों में सीट डिस्ट्रीब्यूशन इस प्रकार किया गया है—
सरकारी मेडिकल कॉलेजों में भी सीट डिस्ट्रीब्यूशन को रीऑर्गनइजेड किया गया है।
पहले इंडस्ट्रियल प्रिफरेंस के तहत सांसद, विधायक, मंत्री, न्यायाधीश और सरकारी सेवकों के लिए सीटें सुरक्षित रहती थीं।
लेकिन 2025 से इस सिस्टम को समाप्त कर दिया गया है। इससे सीट आवंटन अब merit-आधारित होगा और किसी विशेष समूह को अतिरिक्त फायदा नहीं मिलेगा।
मध्यप्रदेश में MD, MS, Diploma, MDS, PG-DNB और Diploma-DNB कोर्सेस के लिए रजिस्ट्रेशन https://neet.nta.nic.in/ 5 दिसंबर 2025 तक जारी रहेंगे।
नई गाइडलाइन में बताया गया है कि जिन अभ्यर्थियों ने MP के निजी मेडिकल कॉलेज (नीट सीट अलॉटमेंट लिस्ट 2025) से MBBS किया है, वे स्टेट कोटा में ही पात्र होंगे।
इसके साथ ही नेटिव प्रोफेशन स्टेटस (MP News) को भी खत्म कर दिया गया है। यह बदलाव काउंसलिंग प्रोसेस में अधिक सरलता और जस्टिस करेगा।
2025 से नए प्राइवेट मेडिकल कॉलेज B.Tech (Medical Technology) और B.Sc (Medical Technology) कोर्स भी शुरू कर सकेंगे। यह कदम मेडिकल शिक्षा में तकनीकी विशेषज्ञता को बढ़ावा देगा।
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पहले लागू की गई सीट स्ट्रक्चर पर अदालत ने आपत्ति जताई थी क्योंकि इससे राज्य की जनरल कैटेगिरी के अभ्यर्थियों को 70% तक सीटों का फायदा मिल रहा था।
इस समस्या को दूर करने के लिए सरकार ने नई व्यवस्था लागू की है, जिसके तहत 50% ऑल इंडिया कोटा (All India Quota) अनिवार्य कर दिया गया है।
यह बदलाव प्राइवेट और सरकारी दोनों मेडिकल कॉलेजों में लागू होगा।
हाई कोर्ट की आपत्ति और सरकार की प्रतिक्रिया
कोर्ट की नाराजगी के बाद सरकार ने सीटों के ग्रुपिंग में सुधार किए और इंडस्ट्रियल प्रिफरेंस सीट (Education news) को पूरी तरह समाप्त कर दिया।
इससे सीट अलॉटमेंट में बैलेंस और ट्रांसपेरेंसी लाने की कोशिश की गई है।
नए सीट चार्ट का इंतजार, सॉफ्टवेयर अपडेट में देरी
नया सीट चार्ट तैयार किया जा रहा है, जिसे आखिरी मंजूरी के लिए उपमुख्यमंत्री के पास भेजा गया है। आरक्षण में बड़े बदलावों के चलते काउंसलिंग को नियंत्रित करने वाला सॉफ्टवेयर भी अपडेट किया जा रहा है।
लेकिन सॉफ्टवेयर अपडेट होने में थोड़ा वक्त लग रहा है, जिससे काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू होने में देरी हो रही है। DME से कोई भी आधिकारिक जानकारी न मिलने के कारण उम्मीदवार परेशान हो गए हैं।
पुरानी सीट व्यवस्था: अंतर कहां था?
- 50% स्टेट कोटा (State Quota)
- 15% NRI कोटा
- 15% इंडस्ट्रियल प्रिफरेंस
- शेष 20% सीटों में 10% ऑल इंडिया कोटा और 10% स्टेट ब्लॉक शामिल था
नई सीट मैट्रिक्स 2025: प्राइवेट कॉलेजों में बड़ा परिवर्तन
- 50% ऑल इंडिया कोटा (All India Quota)
- 35% स्टेट कोटा (State Quota)
- 15% NRI कोटा
सरकारी मेडिकल कॉलेजों में नई व्यवस्था
- 50% सीटें ऑल इंडिया कोटा
- 50% सीटें स्टेट कोटा
में विभाजित होंगी। इस व्यवस्था से ट्रांसपेरेंसी और बैलेंस सुनिश्चित होगा।
इंडस्ट्रियल प्रिफरेंस पूरी तरह खत्म
लेकिन 2025 से इस सिस्टम को समाप्त कर दिया गया है। इससे सीट आवंटन अब merit-आधारित होगा और किसी विशेष समूह को अतिरिक्त फायदा नहीं मिलेगा।
नई काउंसलिंग गाइडलाइन और रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया
नई गाइडलाइन में बताया गया है कि जिन अभ्यर्थियों ने MP के निजी मेडिकल कॉलेज (नीट सीट अलॉटमेंट लिस्ट 2025) से MBBS किया है, वे स्टेट कोटा में ही पात्र होंगे।
इसके साथ ही नेटिव प्रोफेशन स्टेटस (MP News) को भी खत्म कर दिया गया है। यह बदलाव काउंसलिंग प्रोसेस में अधिक सरलता और जस्टिस करेगा।
नए मेडिकल तकनीकी कोर्स होंगे शुरू
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