शुरू हुआ नीट यूजी 2026 की काउंसलिंग, MCC ने बदले एडमिशन के तीन नियम
Kaushiki | Aug 02, 2026, 12:25 IST
NEET UG Admission 2026
नीट यूजी 2026 काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू हो चुका है। मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC) ने इस बार 3 बड़े नियमों में बदलाव किया है। चॉइस फिलिंग और डॉक्यूमेंट्स अपलोड में की गई छोटी गलतियां आपकी एमबीबीएस सीट छीन सकती हैं। पूरी प्रक्रिया ध्यान से समझें।
समझें क्या है पूरा मामला
- नीट यूजी 2026 की काउंसलिंग प्रक्रिया आज (4 अगस्त) से शुरू हो चुका है।
- मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC) ने एडमिशन सिस्टम में 3 बड़े बदलाव किए हैं।
- अब सीट अपग्रेडेशन के लिए छात्रों को कॉलेज जाकर रिपोर्ट नहीं करना पड़ेगा।
- चॉइस फिलिंग में लापरवाही करने पर आपकी अलॉटेड सीट हाथ से निकल सकती है।
- समय पर फीस न भरने या गलत डॉक्यूमेंट्स देने पर एडमिशन कैंसिल हो सकता है।
नीट काउंसलिंग 2026 का पूरा गणित
परीक्षा पास करना मेडिकल एडमिशन का केवल आधा हिस्सा होता है। असली जंग काउंसलिंग राउंड में सही कॉलेज की चॉइस फिलिंग से शुरू होती है। इस बार मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC) ने काउंसलिंग में कुछ राहत दी है।
सिस्टम को डिजिटल बनाते हुए तीन मेन नियमों में बड़े बदलाव किए गए हैं। काउंसलिंग की हर छोटी-बड़ी बात को डिटेल से समझना बहुत जरूरी है। यदि आप भी MBBS और BDS की सीट सुरक्षित करना चाहते हैं तो इस आर्टिकल को अच्छे से पढ़ें।
MCC ने बदले एडमिशन के तीन नियम
- पहला बदलाव सीट अपग्रेडेशन से जुड़ा हुआ है। पहले राउंड-1 में सीट मिलने पर अगले राउंड में अपग्रेड के लिए कॉलेज जाना पड़ता था।
- अब अपग्रेड का ऑप्शन चुनने वाले छात्रों को फिजिकल रिपोर्टिंग की जरूरत नहीं होगी। आपकी अलॉटेड सीट एमसीसी पोर्टल पर सुरक्षित रहेगी।
- दूसरा बदलाव सीट छोड़ने यानी रिजाइन करने की सुविधा से जुड़ा है। अब छात्र घर बैठे एमसीसी पोर्टल से ऑनलाइन सीट रिजाइन कर सकते हैं।
- तीसरा बदलाव डीम्ड यूनिवर्सिटीज में एनआरआई (NRI) कोटे के डॉक्यूमेंट्स को लेकर हुआ है। अब एनआरआई डॉक्यूमेंट्स सीधे एमसीसी पोर्टल पर अपलोड किए जा सकेंगे।
काउंसलिंग में होने वाली कुछ गलतियां
चॉइस लॉक करने से पहले पूरी लिस्ट का रिव्यू करना बहुत जरूरी है। एक बार चॉइस लॉक हो गई तो उसमें कोई बदलाव नहीं किया जा सकता। गलत या फर्जी डॉक्यूमेंट्स जमा करना बहुत भारी पड़ सकता है।
वेरिफिकेशन में फर्जी सर्टिफिकेट मिलने पर अलॉटमेंट तुरंत कैंसिल हो जाएगा। ऐसे मामलों में मेडिकल काउंसिल छात्र को 3 से 5 साल के लिए बैन भी कर सकती है। इसलिए सभी ओरिजिनल पेपर्स पहले से तैयार करके रख लें।
काउंसलिंग के फ्री एग्जिट रूल्स को ध्यान से समझना बहुत आवश्यक है। राउंड-1 में फ्री एग्जिट मिलता है, लेकिन आगे के राउंड में सिक्योरिटी मनी जब्त हो सकती है। रजिस्ट्रेशन फीस और कॉलेज में रिपोर्टिंग की डेडलाइन कभी मिस न करें।
कुछ घंटों की देरी भी आपकी अलॉटेड एमबीबीएस सीट को रद्द करवा सकती है। ऑल इंडिया कोटा (AIQ 15%) और स्टेट कोटा (85%) में तालमेल बनाए रखें। दोनों काउंसलिंग की गाइडलाइंस का ध्यानपूर्वक पालन करना चाहिए।
छात्रों के लिए जरूरी सलाह
छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे एमसीसी की आधिकारिक वेबसाइट mcc.nic.in पर नजर बनाए रखें। रजिस्ट्रेशन शुरू होने से पहले ही अपने सभी प्रमाण पत्र तैयार रखें।
नीट यूजी काउंसलिंगकॉलेजों की फीस, हॉस्टल चार्ज और सीटों की संख्या की जानकारी पहले से जुटा लें। सही जानकारी और सही फैसले से ही आपको मनपसंद मेडिकल कॉलेज मिल सकेगा।
FAQ
NEET UG 2026 की काउंसलिंग कब से शुरू होने की संभावना है?
नीट यूजी 2026 की काउंसलिंग प्रक्रिया 07 अगस्त 2026 के आस-पास शुरू होने की संभावना है। छात्र एमसीसी की ऑफिसियल वेबसाइट mcc.nic.in पर जाकर शेड्यूल और लेटेस्ट अपडेट चेक कर सकते हैं।- सीट अपग्रेड कराने के लिए क्या कॉलेज जाना जरूरी है?
नहीं, एमसीसी के नए नियमों के मुताबिक, सीट अपग्रेड करने के लिए कॉलेज जाकर फिजिकल रिपोर्टिंग करने की जरूरत नहीं है। छात्र ऑनलाइन Upgradation का विकल्प चुनकर अगले राउंड में भाग ले सकते हैं। - काउंसलिंग में गलत डॉक्यूमेंट्स अपलोड करने पर क्या सजा हो सकती है?
गलत या फर्जी डॉक्यूमेंट्स देने पर छात्र का एडमिशन रद्द कर दिया जाता है। इसके अलावा मेडिकल काउंसिल और एंटी-रैगिंग नियमों के तहत छात्र को 3 से 5 साल के लिए परीक्षा से बैन किया जा सकता है।
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