भारत में क्यों बढ़ रही Purple Collar Jobs की डिमांड, क्या करियर के लिए ये बेस्ट है?
Kaushiki | Jul 31, 2025, 15:57 IST
purple-collar-jobs-kya-hoti-hain
पर्पल कॉलर जॉब्स ऐसे प्रोफेशन हैं जहां शारीरिक और दिमागी कौशल दोनों का उपयोग होता है, अक्सर टेक्नोलॉजी के साथ। भारत में इनका फ्यूचर बहुत ब्राइट है क्योंकि बढ़ती इंडस्ट्रीज़ और टेक्नोलॉजी के साथ ये जॉब्स अच्छी सैलरी और ग्रोथ के मौके दे रही हैं।
आपने अक्सर व्हाइट कॉलर (ऑफिस जॉब्स) और ब्लू कॉलर (मैनुअल लेबर) जॉब्स के बारे में सुना होगा लेकिन पर्पल कॉलर जॉब्स एक ऐसा कॉन्सेप्ट है जो इन दोनों का मिला-जुला रूप है। सीधे शब्दों में कहें तो, पर्पल कॉलर जॉब्स में ऐसे काम शामिल होते हैं जहां शारीरिक कौशल और दिमागी कौशल दोनों की जरूरत होती है।
ये वो प्रोफेशन हैं जहां आप सिर्फ हाथ से काम नहीं करते बल्कि दिमाग का भी पूरा यूज करते हैं। इनमें अक्सर टेक्नोलॉजी का भी बड़ा रोल होता है। इनमें आपको टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करना होगा, प्रॉब्लम्स को सॉल्व करना होगा और साथ ही प्रैक्टिकल स्किल्स भी दिखानी होंगी।
इंडिया में इन जॉब्स का फ्यूचर बहुत ब्राइट है और ये आपको ग्रोथ के शानदार मौके दे सकती हैं। इन जॉब्स की खासियत यह है कि ये सिर्फ एक तरह के स्किल्स पर निर्भर नहीं करतीं, बल्कि एक होलिस्टिक अप्रोच अपनाती हैं।
इनमें प्रॉब्लम-सॉल्विंग, क्रिटिकल थिंकिंग, कम्युनिकेशन और टेक्निकल नॉलेज, सब कुछ चाहिए होता है। आइए, जानते हैं क्या होती हैं ये जॉब्स और इनमें आपके लिए क्या-क्या पॉसिबिलिटीज हैं।
ये खबर भी पढ़ें...भारत में Speech Therapist Career का बढ़ता ट्रेंड, आप भी कर सकते हैं पढ़ाई, इतनी होगी कमाई
Purple Collar Jobs बहुत डाइवर्स होती हैं और उनमें कई तरह के काम शामिल हो सकते हैं:
🛠️ टेक्निकल स्किल्स (Technical Skills):
पर्पल कॉलर जॉब्स के लिए कोई एक स्पेसिफिक एजुकेशनल बैकग्राउंड नहीं होता। ये उन लोगों के लिए बेहतरीन हैं जो:
🤔 हाथों और दिमाग का इस्तेमाल करना पसंद करते हैं:
ये खबर भी पढ़ें...Career Tips : साइड हसल को फुल-टाइम करियर में कैसे बदलें? जानिए एक्सपर्ट टिप्स और ट्रिक्स
💻🛠️ क्या हैं इसके
भारत में पर्पल कॉलर जॉब्स का करियर स्कोप बहुत तेजी से बढ़ रहा है। हमारी इकॉनमी जैसे-जैसे डिजिटलाइज हो रही है और इंडस्ट्रीज मॉडर्नाइज हो रही हैं, वैसे-वैसे इन स्किल्स की डिमांड भी बढ़ रही है। सरकार की 'मेक इन इंडिया', 'स्किल इंडिया' जैसी पहलें भी इस क्षेत्र को बढ़ावा दे रही हैं। जैसे
🙋♀️ टेक्नोलॉजिकल एडवांसमेंट्स (Technological Advancements):
हेल्थकेयर, लॉजिस्टिक्स, मेंटेनेंस जैसी सेवाओं में तकनीकी और मैनेजमेंट स्किल्स वाले लोगों की जरूरत।
🙋♀️ स्किल डेवलपमेंट पर जोर (Emphasis on Skill Development):
भारत में पर्पल कॉलर जॉब्स की एक लंबी लिस्ट है। यहां कुछ प्रमुख पद और उनकी अनुमानित मासिक सैलरी (अनुभव और लोकेशन के आधार पर भिन्न हो सकती है) दी गई है:
🏭 एडवांस मैन्युफैक्चरिंग तकनीशियन (Advanced Manufacturing Technician)
इन जॉब्स में एडवांस मैन्युफैक्चरिंग, ऑटोमेशन, बायोमेडिकल इक्विपमेंट मेंटेनेंस जैसे कई पद शामिल हैं। इन नौकरियों में अच्छी सैलरी भी मिलती है जो आपके अनुभव के साथ बढ़ती जाती है। कुल मिलाकर, पर्पल कॉलर जॉब्स आज के जमाने के लिए एकदम फिट हैं।
ये खबर भी पढ़ें...Career in Freelancer: अगर फ्रीलांसिंग में बनाना चाहते हैं करियर, तो ऐसे करें इसकी शुरुआत
career guidance | Careers in future secured | career opportunities | career news | एजुकेशन न्यूज | एजुकेशन न्यूज अपडेट
ये वो प्रोफेशन हैं जहां आप सिर्फ हाथ से काम नहीं करते बल्कि दिमाग का भी पूरा यूज करते हैं। इनमें अक्सर टेक्नोलॉजी का भी बड़ा रोल होता है। इनमें आपको टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करना होगा, प्रॉब्लम्स को सॉल्व करना होगा और साथ ही प्रैक्टिकल स्किल्स भी दिखानी होंगी।
इंडिया में इन जॉब्स का फ्यूचर बहुत ब्राइट है और ये आपको ग्रोथ के शानदार मौके दे सकती हैं। इन जॉब्स की खासियत यह है कि ये सिर्फ एक तरह के स्किल्स पर निर्भर नहीं करतीं, बल्कि एक होलिस्टिक अप्रोच अपनाती हैं।
इनमें प्रॉब्लम-सॉल्विंग, क्रिटिकल थिंकिंग, कम्युनिकेशन और टेक्निकल नॉलेज, सब कुछ चाहिए होता है। आइए, जानते हैं क्या होती हैं ये जॉब्स और इनमें आपके लिए क्या-क्या पॉसिबिलिटीज हैं।
ये खबर भी पढ़ें...भारत में Speech Therapist Career का बढ़ता ट्रेंड, आप भी कर सकते हैं पढ़ाई, इतनी होगी कमाई
🤔🟣क्या होते हैं पर्पल कॉलर जॉब्सपर्पल कॉलर जॉब्स ऐसी नौकरियां होती हैं जहां आपको हाथों और दिमाग दोनों से काम करना पड़ता है। ये व्हाइट-कॉलर (office jobs) और ब्लू-कॉलर (manual labor) जॉब्स का एक मिक्सचर हैं। इनमें अक्सर टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल होता है, जैसे किसी मशीन को ऑपरेट करना या सॉफ्टवेयर से प्रॉब्लम सॉल्व करना। इन जॉब्स के लिए खास स्किल्स और ट्रेनिंग की जरूरत होती है। जैसे, एक मैकेनिक जो कंप्यूटर से गाड़ी ठीक करता है या एक नर्स जो मेडिकल मशीनें ऑपरेट करती है। इन जॉब्स के लिए अक्सर स्पेशल ट्रेनिंग या डिप्लोमा की जरूरत होती है। |
🛠️🧐 पर्पल कॉलर जॉब्स में क्या-क्या होता है
🛠️ टेक्निकल स्किल्स (Technical Skills):
- इन जॉब्स में अक्सर किसी खास टेक्नोलॉजी या इक्विपमेंट को चलाने की जानकारी होना जरूरी है। जैसे, मशीनरी ऑपरेट करना, सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करना या किसी सिस्टम को मेंटेन करना।
- इनमें सीधे तौर पर किसी चीज पर काम करना होता है। यह कोई इक्विपमेंट ठीक करना हो सकता है, कोई चीज बनाना हो सकता है, या किसी प्रक्रिया को फिजिकली मैनेज करना हो सकता है।
- इन जॉब्स में अकसर ऐसी सिचुएशंस आती हैं जहां आपको तुरंत कोई समस्या पहचाननी होती है और उसका समाधान निकालना होता है। इसके लिए लॉजिकल थिंकिंग और एनालिटिकल स्किल्स की जरूरत होती है।
- भले ही यह हैंड्स-ऑन जॉब्स लगें, इनमें टीम मेंबर्स, क्लाइंट्स या मरीजों के साथ बातचीत करना भी बहुत जरूरी होता है।
- टेक्नोलॉजी और काम करने के तरीके लगातार बदलते रहते हैं, इसलिए इन जॉब्स में नए स्किल्स सीखने और बदलावों के हिसाब से खुद को ढालने की क्षमता बहुत जरूरी है।
- कई पर्पल कॉलर जॉब्स में फिजिकल काम शामिल होता है, इसलिए सेफ्टी रूल्स और प्रोटोकॉल्स का पालन करना भी एक अहम हिस्सा होता है।
🙋♀️🙋♂️ कौन-कौन कर सकते हैं ये जॉब्स
🤔 हाथों और दिमाग का इस्तेमाल करना पसंद करते हैं:
- अगर आपको प्रैक्टिकल काम करने में मजा आता है और आप साथ ही अपनी बुद्धि का भी इस्तेमाल करना चाहते हैं।
- जो लोग नई टेक्नोलॉजी सीखने और उसे अप्लाई करने के शौकीन हैं।
- जो लोग चैलेंजेस से नहीं घबराते और उनका हल निकालने में एक्सपर्ट हैं।
- ये ऐसे प्रोफेशन हैं जहां आपको हमेशा कुछ नया सीखने को मिलेगा।
- अगर आप एक ही जगह बैठकर काम करने की बजाय अलग-अलग तरह के काम करना चाहते हैं।
ये खबर भी पढ़ें...Career Tips : साइड हसल को फुल-टाइम करियर में कैसे बदलें? जानिए एक्सपर्ट टिप्स और ट्रिक्स
💻🛠️ क्या हैं इसके करियर स्कोप
🙋♀️ टेक्नोलॉजिकल एडवांसमेंट्स (Technological Advancements):
- AI, ऑटोमेशन, IoT जैसी तकनीकों का उद्योगों में बढ़ता उपयोग।
- सड़क, रेलवे, स्मार्ट सिटीज जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स में कुशल टेक्निशंस की जरूरत।
- भारत का मैन्युफैक्चरिंग हब बनने का लक्ष्य, जिससे स्किल्ड लेबर की डिमांड बढ़ती है।
हेल्थकेयर, लॉजिस्टिक्स, मेंटेनेंस जैसी सेवाओं में तकनीकी और मैनेजमेंट स्किल्स वाले लोगों की जरूरत।
🙋♀️ स्किल डेवलपमेंट पर जोर (Emphasis on Skill Development):
- सरकार और प्राइवेट प्लेयर्स के स्किल ट्रेनिंग प्रोग्राम्स में इन्वेस्टमेंट।
💰 इसमें कौन-कौन से जॉब्स मिल सकते हैं
🏭 एडवांस मैन्युफैक्चरिंग तकनीशियन (Advanced Manufacturing Technician)
- क्या होता है: ये लोग आधुनिक मशीनों, जैसे CNC मशीनें, रोबोटिक आर्म्स, और ऑटोमेटेड सिस्टम्स को ऑपरेट और मेंटेन करते हैं। ये प्रोडक्शन प्रोसेस को ऑप्टिमाइज करने और क्वालिटी कंट्रोल में भी मदद करते हैं।
- 🛠️ कौन कर सकते हैं: इंजीनियरिंग डिप्लोमा धारक (मैकेनिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स, मेकाट्रॉनिक्स), ITI से संबंधित ट्रेड्स वाले, या विशेष औद्योगिक ट्रेनिंग प्राप्त व्यक्ति।
- 💰 सैलरी (estimated): ₹25,000 - ₹50,000+ प्रति माह (एंट्री-लेवल के लिए कम और एक्सपीरियंस के साथ बढ़ती है)।
- क्या होता है: ये फैक्ट्रियों और इंडस्ट्रीज में ऑटोमेशन सिस्टम्स (PLC, SCADA, रोबोटिक्स) को डिजाइन, इंस्टॉल, प्रोग्राम और ट्रबलशूट करते हैं। इनका काम यह सुनिश्चित करना होता है कि मशीनों के बीच तालमेल सही रहे और प्रोडक्शन स्मूथली से चले।
- 🛠️ कौन कर सकते हैं: इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिकल, इंस्ट्रूमेंटेशन या मेकाट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में डिग्री या डिप्लोमा वाले।
- 💰 सैलरी (estimated): ₹30,000 - ₹70,000+ प्रति माह (एंट्री-लेवल के लिए कम और एक्सपीरियंस के साथ बढ़ती है)।
- क्या होता है: हॉस्पिटल्स और क्लिनिक्स में उपयोग होने वाले मेडिकल इक्विपमेंट्स (जैसे ECG मशीनें, MRI स्कैनर्स, वेंटिलेटर्स) को इंस्टॉल, कैलिब्रेट, मेंटेन और रिपेयर करते हैं। ये सुनिश्चित करते हैं कि उपकरण सही ढंग से काम कर रहे हैं।
- 🛠️ कौन कर सकते हैं: बायोमेडिकल इंजीनियरिंग या इलेक्ट्रॉनिक्स में डिप्लोमा/डिग्री, या विशेष बायोमेडिकल इक्विपमेंट ट्रेनिंग वाले।
- 💰 सैलरी (estimated): ₹20,000 - ₹45,000+ प्रति माह (एंट्री-लेवल के लिए कम और एक्सपीरियंस के साथ बढ़ती है)।
- क्या होता है: डेटा सेंटर्स में सर्वर, नेटवर्किंग इक्विपमेंट्स और स्टोरेज सिस्टम्स को मैनेज, इंस्टॉल, मेंटेन और ट्रबलशूट करते हैं। ये सुनिश्चित करते हैं कि डेटा सेंटर 24/7 काम करता रहे।
- 🛠️ कौन कर सकते हैं: कंप्यूटर साइंस, IT, या इलेक्ट्रॉनिक्स में डिग्री/डिप्लोमा, या नेटवर्क/सर्वर एडमिनिस्ट्रेशन में सर्टिफिकेट वाले।
- 💰 सैलरी (estimated): ₹25,000 - ₹55,000+ प्रति माह (एंट्री-लेवल के लिए कम और एक्सपीरियंस के साथ बढ़ती है) ।
- क्या होता है: सोलर पैनल, विंड टर्बाइन, और अन्य रिन्यूएबल एनर्जी सिस्टम्स को इंस्टॉल, मेंटेन और रिपेयर करते हैं। ये एनर्जी एफिशिएंसी को ऑप्टिमाइज करने में भी मदद करते हैं।
- 🛠️ कौन कर सकते हैं: इलेक्ट्रिकल या इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में डिप्लोमा, या विशेष रेन्युएबल एनर्जी ट्रेनिंग वाले।
- 💰 सैलरी (estimated): ₹20,000 - ₹45,000+ प्रति माह (एंट्री-लेवल के लिए कम और एक्सपीरियंस के साथ बढ़ती है)।
- क्या होता है: ये ऑनलाइन मार्केटिंग कैंपेन्स (SEO, SEM, सोशल मीडिया, कंटेंट मार्केटिंग) को प्लान, एग्जीक्यूट और एनालाइज़ करते हैं। इसमें क्रिएटिविटी और एनालिटिकल स्किल्स दोनों की ज़रूरत होती है।
- 🛠️ कौन कर सकते हैं: मार्केटिंग, कम्युनिकेशन या किसी भी क्षेत्र में ग्रेजुएट्स, जिनके पास डिजिटल मार्केटिंग में सर्टिफिकेट या प्रैक्टिकल अनुभव हो।
- 💰 सैलरी (estimated): ₹20,000 - ₹60,000+ प्रति माह (एंट्री-लेवल के लिए कम और एक्सपीरियंस के साथ बढ़ती है) ।
- क्या होता है: ये कंपनियों के नेटवर्क और डेटा को साइबर हमलों से बचाते हैं। इसमें सिस्टम्स को मॉनिटर करना, कमजोरियों की पहचान करना और सिक्योरिटी प्रोटोकॉल्स लागू करना शामिल है।
- 🛠️ कौन कर सकते हैं: कंप्यूटर साइंस, IT, या संबंधित क्षेत्र में डिग्री/डिप्लोमा, और साइबरसिक्योरिटी में स्पेसिफिक सर्टिफिकेशन्स (जैसे CompTIA Security+)।
- 💰 सैलरी (estimated): ₹35,000 - ₹80,000+ प्रति माह (एंट्री-लेवल के लिए कम और एक्सपीरियंस के साथ बढ़ती है)।
- क्या होता है: ये मॉडर्न एग्रीकल्चरल टेक्निक्स, जैसे प्रेसिजन फार्मिंग, ड्रोन टेक्नोलॉजी और फार्म मैनेजमेंट सॉफ्टवेयर का उपयोग करके एग्रीकल्चरल प्रोडक्टिविटी बढ़ाने में मदद करते हैं।
- 🛠️ कौन कर सकते हैं: एग्रीकल्चरल साइंस में डिग्री/डिप्लोमा, या एग्री-टेक में विशेष ट्रेनिंग।
- 💰 सैलरी (estimated): ₹20,000 - ₹40,000+ प्रति माह (एंट्री-लेवल के लिए कम और एक्सपीरियंस के साथ बढ़ती है)।
इन जॉब्स में एडवांस मैन्युफैक्चरिंग, ऑटोमेशन, बायोमेडिकल इक्विपमेंट मेंटेनेंस जैसे कई पद शामिल हैं। इन नौकरियों में अच्छी सैलरी भी मिलती है जो आपके अनुभव के साथ बढ़ती जाती है। कुल मिलाकर, पर्पल कॉलर जॉब्स आज के जमाने के लिए एकदम फिट हैं।
ये खबर भी पढ़ें...Career in Freelancer: अगर फ्रीलांसिंग में बनाना चाहते हैं करियर, तो ऐसे करें इसकी शुरुआत
thesootr links
- मध्य प्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- छत्तीसगढ़की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- राजस्थान की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- रोचक वेब स्टोरीज देखने के लिए करें क्लिक
- एजुकेशन की खबरें पढ़ने के लिए क्लिक करें
career guidance | Careers in future secured | career opportunities | career news | एजुकेशन न्यूज | एजुकेशन न्यूज अपडेट
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
By Sandeep Kumar
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
By VINAY VERMA
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
By Ashish Bhardwaj
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
By Arun Tiwari
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच
By Jitendra Shrivastava
UPI एमडीआर पर सुप्रीम कोर्ट का रोक से इनकार: 15 अक्टूबर से दुकानदारों को देना होगा 0.4 फीसदी चार्ज
By Sanjay Dhiman
अस्पताल का लैब बोतलों में भ्रूण : कोरबा के लाइफ केयर हॉस्पिटल में कौन सा खेल? कोर्ट को भी नहीं मिला जवाब
By VINAY VERMA