33 हजार बजट सिर्फ दो कलाकार… बिना स्टूडियो और बड़े बजट के कैसे तैयार हुई Mann Pishach Movie
Kaushiki | Mar 21, 2026, 11:07 IST
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AI टूल्स और iPhone की मदद से अब जीरो बजट फिल्में बन रही हैं। अनिल बर्वे ने 33 हजार में मन पिशाच बनाई है। बॉलीवुड सुपरस्टार अजय देवगन भी एआई फिल्म ला रहे हैं।
Mann Pishach Movie: आजकल फिल्मों का बजट सैकड़ों करोड़ तक पहुंच जाता है। लेकिन अब सिनेमा की दुनिया पूरी तरह बदल रही है। तुम्बाड फिल्म के फेमस डायरेक्टर अनिल बर्वे ने कमाल कर दिया।
डायरेक्टर अनिल बर्वे ने सिर्फ 33 हजार रुपए में पूरी फीचर फिल्म बना दी है। उनकी फिल्म मन पिशाच बिना किसी बड़े स्टूडियो के बनी है। इस फिल्म में कोई भारी-भरकम क्रू भी नहीं था।
अनिल ने सिर्फ आईफोन और एआई टूल्स का सहारा लिया। एडिटिंग और विजुअल इफेक्ट्स उन्होंने अपने पीसी पर तैयार किए। ये फिल्म फ्यूचर के फिल्ममेकर्स के लिए एक बड़ी मिसाल है।
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अनिल बर्वे ने इस फिल्म के लिए कड़ी मेहनत की है। उन्होंने सबसे पहले 60 पेज की एक स्क्रिप्ट लिखी। इसके बाद स्टोरीबोर्ड बनाने के लिए एआई की मदद ली।
उन्होंने ChatGPT और Sora जैसे टूल्स का भरपूर इस्तेमाल किया। हर सीन के लिए उन्होंने लगभग 20 प्रॉम्प्ट लिखे। सही विजुअल मिलने के बाद उन्होंने शूटिंग शुरू की।
आईफोन से शूट किए गए फुटेज बहुत ही शानदार दिखे। एआई की मदद से इफेक्ट्स डालना बहुत आसान हो गया। अब फिल्म बनाने के लिए महंगे कैमरों की जरूरत नहीं है। बस एक अच्छा विचार और एआई टूल्स काफी हैं।
भारत में एआई सिनेमा अब सिर्फ एक्सपेरिमेंट नहीं रहा। बॉलीवुड सुपरस्टार अजय देवगन भी इसमें दिलचस्पी ले रहे हैं। उन्होंने अपनी फिल्म बाल तान्हाजी की घोषणा कर दी है।
ये फिल्म पूरी तरह से एआई-पावर्ड होने वाली है। इसके लिए उन्होंने प्रिलमिक्स नाम की मीडिया कंपनी शुरू की है। ये कंपनी जेनरेटिव एआई स्टोरीटेलिंग पर काम करती है।
दक्षिण भारत में भी एआई का जादू चल रहा है। कन्नड़ फिल्म लव यू भी एआई से बनी है। इसे बनाने में केवल 10 लाख रुपए का खर्च आया।
यह एक Psychological Folk-Horror फिल्म है। कहानी सदाशिव राव की है, जो आर्कियोलॉजी डिपार्टमेंट में एक अकेला ऑफिसर है। मॉनसून में पहाड़ी ढहने के बाद उसे हदमगांव भेजा जाता है। वहां उसे जमीन के नीचे एक रहस्यमयी पत्थर का गुंबद मिलता है।
सदाशिव एक विधवा सावित्री के घर ठहरता है, पर जल्द ही उसे गांव में अजीब चीजें दिखने लगती हैं। यहां सूरज ढलते ही दरवाजे बंद हो जाते हैं और सन्नाटा पसर जाता है। जैसे-जैसे सदाशिव जांच बढ़ाता है, खौफनाक सच सामने आने लगते हैं।
फिल्म में सिर्फ दो एक्टर्स, यानिया भारद्वाज और दीपक दामले हैं। इसे 60 पेज की स्क्रिप्ट, आईफोन रिकॉर्डिंग और Generative AI टूल्स की मदद से बनाया गया है। फोटोशॉप और आफ्टर इफेक्ट्स ने इसे एक डरावना और शानदार लुक दिया है।
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सिर्फ विजुअल्स ही नहीं, एआई म्यूजिक भी बना रहा है। चिरंजीवी हनुमान फिल्म का म्यूजिक एआई बैंड ने बनाया है। त्रिलोक नाम के इस बैंड को दुनिया का पहला एआई बैंड कहा जा रहा है।
एआई फिल्मों को बढ़ावा देने के लिए मंच भी मिल रहे हैं। मुंबई में अक्टूबर में पहला एआई फिल्म फेस्टिवल होगा। ये फेस्टिवल नए कलाकारों को अपनी कला दिखाने का मौका देगा। कुछ लोग इसे खतरा मानते हैं, तो कुछ भविष्य। लेकिन एआई ने क्रिएटिविटी के नए दरवाजे खोल दिए हैं।
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दुनियाभर में एआई फिल्मों का ट्रेंड बहुत तेजी से बढ़ा है। चीन के डायरेक्टर पीवेन काओ ने व्हाट्स नेक्स्ट फिल्म बनाई। ये फिल्म 2025 के बर्लिन फिल्म फेस्टिवल में दिखाई गई।
72 मिनट की ये फिल्म सिर्फ साढ़े छह दिन में बनी। इसमें 20 हजार से ज्यादा एआई वीडियो क्लिप्स लगे हैं। कोरियाई डायरेक्टर कांग यून-मुंग भी एआई के कायल हैं। उन्होंने रन टू द बेस्ट नाम की एआई फिल्म बनाई।
कांग के मुताबिक, एआई की स्पीड बहुत ही ज्यादा चौंकाने वाली है। घंटों का काम अब कुछ मिनटों में पूरा हो जाता है। एआई काम को आसान और सस्ता बनाता है, खत्म नहीं। हालांकि छोटे बजट के कामों के लिए कम लोगों की जरूरत पड़ेगी। पर क्रिएटिव सोच के लिए इंसान हमेशा जरूरी रहेगा।
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डायरेक्टर अनिल बर्वे ने सिर्फ 33 हजार रुपए में पूरी फीचर फिल्म बना दी है। उनकी फिल्म मन पिशाच बिना किसी बड़े स्टूडियो के बनी है। इस फिल्म में कोई भारी-भरकम क्रू भी नहीं था।
अनिल ने सिर्फ आईफोन और एआई टूल्स का सहारा लिया। एडिटिंग और विजुअल इफेक्ट्स उन्होंने अपने पीसी पर तैयार किए। ये फिल्म फ्यूचर के फिल्ममेकर्स के लिए एक बड़ी मिसाल है।
तुम्बाड' के निर्देशक का नया धमाका, सिर्फ 33,000 रुपये में बनी 'मन पिशाच', ट्रेलर ने चौंकाया!
कैसे बनी फिल्म मन पिशाच
उन्होंने ChatGPT और Sora जैसे टूल्स का भरपूर इस्तेमाल किया। हर सीन के लिए उन्होंने लगभग 20 प्रॉम्प्ट लिखे। सही विजुअल मिलने के बाद उन्होंने शूटिंग शुरू की।
आईफोन से शूट किए गए फुटेज बहुत ही शानदार दिखे। एआई की मदद से इफेक्ट्स डालना बहुत आसान हो गया। अब फिल्म बनाने के लिए महंगे कैमरों की जरूरत नहीं है। बस एक अच्छा विचार और एआई टूल्स काफी हैं।
भारत में एआई सिनेमा का बढ़ता क्रेज
ये फिल्म पूरी तरह से एआई-पावर्ड होने वाली है। इसके लिए उन्होंने प्रिलमिक्स नाम की मीडिया कंपनी शुरू की है। ये कंपनी जेनरेटिव एआई स्टोरीटेलिंग पर काम करती है।
दक्षिण भारत में भी एआई का जादू चल रहा है। कन्नड़ फिल्म लव यू भी एआई से बनी है। इसे बनाने में केवल 10 लाख रुपए का खर्च आया।
मन पिशाच की खौफनाक दुनिया
सदाशिव एक विधवा सावित्री के घर ठहरता है, पर जल्द ही उसे गांव में अजीब चीजें दिखने लगती हैं। यहां सूरज ढलते ही दरवाजे बंद हो जाते हैं और सन्नाटा पसर जाता है। जैसे-जैसे सदाशिव जांच बढ़ाता है, खौफनाक सच सामने आने लगते हैं।
फिल्म में सिर्फ दो एक्टर्स, यानिया भारद्वाज और दीपक दामले हैं। इसे 60 पेज की स्क्रिप्ट, आईफोन रिकॉर्डिंग और Generative AI टूल्स की मदद से बनाया गया है। फोटोशॉप और आफ्टर इफेक्ट्स ने इसे एक डरावना और शानदार लुक दिया है।
MAFF | AI Film Festival by LocalHost x Invideo
फिल्म फेस्टिवल्स में भी एआई का जलवा
एआई फिल्मों को बढ़ावा देने के लिए मंच भी मिल रहे हैं। मुंबई में अक्टूबर में पहला एआई फिल्म फेस्टिवल होगा। ये फेस्टिवल नए कलाकारों को अपनी कला दिखाने का मौका देगा। कुछ लोग इसे खतरा मानते हैं, तो कुछ भविष्य। लेकिन एआई ने क्रिएटिविटी के नए दरवाजे खोल दिए हैं।
Berlin AI Film Festival - FilmFreeway
बर्लिन से कोरिया तक एआई की गूंज
72 मिनट की ये फिल्म सिर्फ साढ़े छह दिन में बनी। इसमें 20 हजार से ज्यादा एआई वीडियो क्लिप्स लगे हैं। कोरियाई डायरेक्टर कांग यून-मुंग भी एआई के कायल हैं। उन्होंने रन टू द बेस्ट नाम की एआई फिल्म बनाई।
कांग के मुताबिक, एआई की स्पीड बहुत ही ज्यादा चौंकाने वाली है। घंटों का काम अब कुछ मिनटों में पूरा हो जाता है। एआई काम को आसान और सस्ता बनाता है, खत्म नहीं। हालांकि छोटे बजट के कामों के लिए कम लोगों की जरूरत पड़ेगी। पर क्रिएटिव सोच के लिए इंसान हमेशा जरूरी रहेगा।
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अरिजीत और जाकिर खान ने क्यों लिया काम से ब्रेक, जानें करियर ब्रेक लेने का सही समय
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