Gen Z Shopping Trends: भारत में जेन जी चला रहे ऑनलाइन फैशन का बाजार
Manya Jain | May 18, 2026, 19:11 IST
Gen Z Shopping Trends
भारत में ऑनलाइन फैशन और ब्यूटी खरीदने वालों में आधे अब जेन जी हैं। यह युवा पीढ़ी अन्य उम्र के लोगों से ज्यादा पैसे खर्च कर रही है। मेट्रो शहरों के मुकाबले छोटे शहरों में यह ट्रेंड दोगुनी रफ्तार से बढ़ रहा है।
भारत का ऑनलाइन शॉपिंग बाजार आजकल एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रहा है। इस बदलाव की सबसे बड़ी वजह देश की युवा आबादी यानी जेन जी (Gen Z) है। बेन एंड कंपनी की ताजा रिपोर्ट के अनुसार यह ट्रेंड तेजी से बढ़ रहा है।
अब इंटरनेट पर कपड़े और ब्यूटी प्रोडक्ट्स खरीदने वालों में आधे से ज्यादा युवा हैं। इनकी वजह से भारत का ई-कॉमर्स बाजार पिछले पांच साल में दोगुना बड़ा हो चुका है। यह मार्केट अब 66 अरब डॉलर का आंकड़ा पार कर गया है।
इस नए शॉपिंग ट्रेंड को देखकर बड़े ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म्स भी हैरान हैं। अमेज़न फैशन के अनुसार दो साल पहले उनके यहाँ युवाओं की हिस्सेदारी 30% थी। लेकिन अब यह बढ़कर सीधे 52% के पार पहुँच चुकी है।
युवाओं का ऐप्स पर समय बिताना और चीजें खरीदना ढाई गुना तक बढ़ गया है। मिंत्रा के प्लेटफॉर्म पर भी कुछ ऐसा ही शानदार बदलाव देखने को मिल रहा है। उनके कुल नए ग्राहकों में से आधे केवल इसी उम्र के हैं।
इस पूरी कहानी का सबसे दिलचस्प पहलू हमारे देश के छोटे शहर हैं। इंदौर, लखनऊ, चंडीगढ़ और जयपुर जैसे शहरों में युवाओं की ग्रोथ बहुत तेज है। यहां शॉपिंग की रफ्तार बड़े मेट्रो शहरों के मुकाबले दोगुनी देखी जा रही है।
अब छोटे शहरों के युवाओं के पास भी हर इंटरनेशनल ब्रांड की पहुंच है। वे सोशल मीडिया क्रिएटर्स और नए कंटेंट को देखकर फैशन ट्रेंड्स अपना रहे हैं। इंटरनेट ने बड़े और छोटे शहरों का अंतर पूरी तरह खत्म कर दिया है।
शॉपिंग के मामले में इस युवा पीढ़ी की पसंद बाकी लोगों से जुदा है। ये युवा पुराने और पारंपरिक ब्रांड्स के बजाय नए डिजिटल ब्रांड्स पसंद करते हैं। इन्हें डायरेक्ट-टू-कंज्यूमर यानी डी2सी (D2C) लेबल की चीजें ज्यादा लुभाती हैं।
युवा अब सस्ते सामान के बजाय अच्छी और प्रीमियम क्वालिटी की चीजें ढूंढते हैं। इसके लिए वे थोड़े ज्यादा पैसे खर्च करने को भी तैयार रहते हैं। उनकी यही पसंद नए ब्रांड्स को आगे बढ़ने में मदद कर रही है।
आखिर युवा अचानक इतनी ज्यादा ऑनलाइन शॉपिंग क्यों करने लगे हैं? इसका सीधा सा जवाब है कि यह पीढ़ी अब नौकरीपेशा हो रही है। इस उम्र के लाखों युवा अब हर महीने खुद कमाई कर रहे हैं।
हाथ में अपनी कमाई होने से उनका खर्च करने का तरीका बदला है। वे अपनी मर्जी और पसंद के कपड़ों और इलेक्ट्रॉनिक्स पर खूब खर्च कर रहे हैं। आने वाले समय में यह खर्च और ज्यादा बढ़ने की उम्मीद है।
1. संख्या में बढ़ोतरी
जेन-Zबाजार में बने रहने के लिए कंपनियां अपनी पुरानी नीतियां बदल रही हैं। नाइका, शीइन और मिंत्रा जैसे ऐप्स युवाओं के लिए खास कलेक्शन ला रहे हैं। वे सोशल मीडिया रील्स और मीम्स के जरिए विज्ञापन कर रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि जो कंपनी युवाओं की पसंद को समझेगी वही टिकेगी। भारतीय बाजार का भविष्य अब पूरी तरह से इन युवाओं के हाथ में है। इनके बिना अब कोई भी ब्रांड सफल नहीं हो सकता।
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अब इंटरनेट पर कपड़े और ब्यूटी प्रोडक्ट्स खरीदने वालों में आधे से ज्यादा युवा हैं। इनकी वजह से भारत का ई-कॉमर्स बाजार पिछले पांच साल में दोगुना बड़ा हो चुका है। यह मार्केट अब 66 अरब डॉलर का आंकड़ा पार कर गया है।
अमेज़न जैसे बड़े ऐप्स पर क्या दिखा बदलाव?
युवाओं का ऐप्स पर समय बिताना और चीजें खरीदना ढाई गुना तक बढ़ गया है। मिंत्रा के प्लेटफॉर्म पर भी कुछ ऐसा ही शानदार बदलाव देखने को मिल रहा है। उनके कुल नए ग्राहकों में से आधे केवल इसी उम्र के हैं।
मैट्रो से ज्यादा छोटे शहरों के युवा खरीदारी में आगे
अब छोटे शहरों के युवाओं के पास भी हर इंटरनेशनल ब्रांड की पहुंच है। वे सोशल मीडिया क्रिएटर्स और नए कंटेंट को देखकर फैशन ट्रेंड्स अपना रहे हैं। इंटरनेट ने बड़े और छोटे शहरों का अंतर पूरी तरह खत्म कर दिया है।
Gen Z जनरेशन की पसंद कितनी अलग?
युवा अब सस्ते सामान के बजाय अच्छी और प्रीमियम क्वालिटी की चीजें ढूंढते हैं। इसके लिए वे थोड़े ज्यादा पैसे खर्च करने को भी तैयार रहते हैं। उनकी यही पसंद नए ब्रांड्स को आगे बढ़ने में मदद कर रही है।
बढ़ती कमाई से बदला भारत का बाजार
हाथ में अपनी कमाई होने से उनका खर्च करने का तरीका बदला है। वे अपनी मर्जी और पसंद के कपड़ों और इलेक्ट्रॉनिक्स पर खूब खर्च कर रहे हैं। आने वाले समय में यह खर्च और ज्यादा बढ़ने की उम्मीद है।
क्यों जेन-जी को पसंद आ रही ऑनलाइन शॉपिंग
- फैशन और ब्यूटी की ऑनलाइन खरीदारी में 50% से ज्यादा हिस्सेदारी जेन जी की है
- मिंत्रा के आधे नए ग्राहक केवल इसी उम्र के हैं
- यह पीढ़ी अब नौकरी करने लगी है और खुद पैसे कमा रही है
- अपनी कमाई होने से अपनी मर्जी से खर्च करने की आजादी मिली है
- इंदौर, लखनऊ, जयपुर जैसे शहरों में शॉपिंग की रफ्तार मेट्रो से दोगुनी है
- इंटरनेट ने बड़े और छोटे शहरों का फर्क खत्म कर दिया है
- रील्स और सोशल मीडिया क्रिएटर्स देखकर फैशन ट्रेंड अपनाते हैं
- विज्ञापन सीधे खरीदारी में बदल जाते हैं
- पुराने ब्रांड्स की जगह D2C और डिजिटल ब्रांड्स पसंद करते हैं
- अच्छी क्वालिटी के लिए ज्यादा पैसे देने को भी तैयार रहते हैं
- अमेज़न पर जेन जी की हिस्सेदारी 30% से बढ़कर 52% हो गई
- ऐप्स पर समय बिताना और खरीदारी ढाई गुना बढ़ी है
- नाइका, मिंत्रा जैसे ऐप्स युवाओं के लिए खास कलेक्शन ला रहे हैं
- रील्स और सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को लुभाया जा रहा है
युवाओं को लुभाने के लिए बदल रहीं रणनीति
विशेषज्ञों का मानना है कि जो कंपनी युवाओं की पसंद को समझेगी वही टिकेगी। भारतीय बाजार का भविष्य अब पूरी तरह से इन युवाओं के हाथ में है। इनके बिना अब कोई भी ब्रांड सफल नहीं हो सकता।
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