मोहन कैबिनेट बैठक: अब 25,000 रुपए तक की मदद कर सकेंगे राज्य मंत्री, अगली बार आ सकती है तबादला नीति

Jitendra Shrivastava | May 11, 2026, 18:14 IST
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Photograph: (THESOOTR)

BHOPAL. मध्यप्रदेश कैबिनेट ने मंत्रियों का स्वेच्छानुदान 16,000 से बढ़ाकर 25,000 रुपए किया गया है। PWD ठेकेदारों को डामर मूल्य वृद्धि से राहत देने का भी फैसला लिया गया।

मध्यप्रदेश सरकार ने जनहित में कई बड़े फैसले लिए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (CM Mohan Yadav) की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक (MP Cabinet Meeting) में मंत्रियों के स्वेच्छानुदान (Discretionary Grant) में बढ़ोतरी की गई है। साथ ही निर्माण कार्यों में डामर (Bitumen) की बढ़ती कीमतों से राहत देने का ऐतिहासिक निर्णय भी लिया गया है।

MP कैबिनेट का ऐतिहासिक निर्णय

मध्यप्रदेश मंत्रिमंडल (Madhya Pradesh Cabinet) की बैठक में जनकल्याण से जुड़े अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अगुवाई में यह बैठक हुई। सरकार ने कई दूरगामी निर्णय लिए हैं। ये निर्णय प्रदेश के विकास के लिए महत्वपूर्ण हैं। इन फैसलों से आम नागरिकों को सीधा लाभ मिलेगा। मंत्रियों को अब अधिक आर्थिक सहायता देने का अधिकार मिला है।

बैठक में तबादला नीति पर भी चर्चा

प्रदेश में कर्मचारियों के तबादले पर बैन हटाने का फैसला अगले सोमवार को होने जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सामान्य प्रशासन विभाग से अगली कैबिनेट बैठक में प्रस्ताव लाने को कहा। जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह ने स्वैच्छिक स्थानांतरण की लिमिट न तय करने की बात की, जिसे कई मंत्रियों ने समर्थन किया। मुख्यमंत्री ने इस पर विचार करने की बात कही। अगली कैबिनेट बैठक में इस नीति पर चर्चा की जाएगी।

राज्य मंत्रियों का स्वैच्छानुदान बढ़ाया गया

राज्य मंत्रियों के स्वेच्छानुदान (Discretionary Grant) में महत्वपूर्ण बदलाव हुआ है। अब तक मंत्री केवल 16,000 रुपए तक की मदद कर सकते थे। अब यह सीमा बढ़ाकर 25,000 रुपए कर दी गई है।

इस निर्णय से जरूरतमंद लोगों को ज्यादा सहायता मिलेगी। स्थानीय स्तर पर मंत्री अधिक प्रभावी भूमिका निभा सकेंगे। किसी एक व्यक्ति को एक बार में 25,000 रुपए तक दिए जा सकेंगे। यह कदम जनप्रतिनिधियों की क्षमता को बढ़ाता है।

मंत्री काश्यप ने बताया कि सरकार ने कैबिनेट मंत्रियों के लिए स्वेच्छानुदान के रूप में एक साल में एक व्यक्ति को दी जाने वाली राशि 40 हजार रुपए कर दी थी, लेकिन राज्यमंत्रियों के लिए यह राशि नहीं बढ़ाई गई थी।

जनसेवा में आएगी तेजी

स्वेच्छानुदान (Discretionary Grant) वृद्धि से मंत्री त्वरित राहत दे सकेंगे। किसी बीमार व्यक्ति या जरूरतमंद परिवार को तुरंत मदद मिलेगी। अब मंत्रियों को बड़े अनुदान के लिए इंतजार नहीं करना होगा। यह व्यवस्था पारदर्शिता के साथ जनसेवा को मजबूत करेगी। जन कल्याण योजनाओं (Public Welfare Schemes) में यह एक सकारात्मक कदम है। प्रदेश के हर जिले में इसका लाभ पहुंचेगा।

खुमानसिंह शिवाजी जलाशय की बढ़ेगी ऊंचाई

नीमच जिले में स्थित खुमानसिंह शिवाजी जलाशय की ऊंचाई 1 मीटर बढ़ाई जाएगी। 163 करोड़ रुपये की लागत से पाइपलाइनों और प्रेशराइज्ड सिस्टम की स्थापना की जाएगी। इससे 22 गांवों के 6,500 किसान 5,200 हेक्टेयर क्षेत्र में अतिरिक्त सिंचाई कर सकेंगे।

29,540 करोड़ से अधिक के कार्यों को मंजूरी

मंत्री काश्यप ने बताया कि कैबिनेट बैठक में 29,540 करोड़ रुपए से अधिक के कार्यों के लिए योजनाओं की निरंतरता को मंजूरी दी गई। इसमें लोक वित्त पोषित 15,598 करोड़ रुपए, शहरी पीडब्ल्यूडी के तहत 6,900 करोड़ रुपए की सड़क निर्माण और वृद्धों की पेंशन के लिए 6,116 करोड़ रुपए की स्वीकृति शामिल है। बुधनी में 100 सीटों वाला एमबीबीएस कॉलेज बनाने के लिए योजना का कुल खर्च 714 करोड़ रुपए से बढ़ाकर 763 करोड़ रुपए कर दिया गया है।

PWD ठेकेदारों को बड़ी राहत

लोक निर्माण विभाग (PWD-Public Works Department) में एक नई नीति लागू की गई है। डामर यानी बिटुमिन (Bitumen) की कीमतों में लगातार वृद्धि हो रही थी। इससे ठेकेदारों पर वित्तीय बोझ बढ़ रहा था। अब इस बढ़ी लागत को सरकार स्वयं वहन करेगी। यह फैसला निर्माण कार्यों में आ रही रुकावटों को दूर करेगा। छोटे ठेकेदारों (Small Contractors) को अब नुकसान नहीं उठाना होगा।

10 करोड़ से कम ठेकों पर लागू नीति

यह नई व्यवस्था केवल छोटे ठेकों पर लागू होगी। 10 करोड़ रुपए से कम लागत वाले ठेके इसमें शामिल हैं। ऐसे ठेकेदार (Contractors) जो छोटे और मध्यम स्तर के काम करते हैं। उन्हें डामर मूल्य वृद्धि (Bitumen Price Hike) की भरपाई मिलेगी। इससे निर्माण गुणवत्ता पर भी सकारात्मक असर पड़ेगा। सड़क निर्माण (Road Construction) की गति बनाए रखना अब आसान होगा।

विकास कार्यों को मिलेगी गति

कैबिनेट के इन निर्णयों से प्रदेश में बुनियादी ढांचे (Infrastructure) का विकास तेज होगा। ठेकेदारों का भरोसा सरकारी परियोजनाओं में बढ़ेगा। समय पर काम पूरे होने की संभावना अधिक रहेगी। सरकार का उद्देश्य विकास कार्यों में गुणवत्ता और गति दोनों बनाए रखना है। मध्यप्रदेश सरकार (Madhya Pradesh Government) ने यह दिखाया है। जनहित के निर्णय लेने में वह पीछे नहीं है।

मोहन यादव सरकार की जनपक्षधर नीति

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (CM Dr. Mohan Yadav) की सरकार जनता के प्रति जवाबदेह है। हर तबके की जरूरतों को ध्यान में रखकर नीतियां बनाई जा रही हैं। छोटे ठेकेदार हों या जरूरतमंद नागरिक, सभी को राहत दी गई है। कैबिनेट बैठक (Cabinet Meeting) में लिए गए ये फैसले प्रदेश की प्रगति में योगदान देंगे। सरकार की यह नीति सामाजिक और आर्थिक दोनों स्तरों पर असरकारक है।

पिछली बैठक में लिए गए बड़े फैसले

05 मई 2026 को हुई कैबिनेट बैठक में कई अहम फैसले हुए थे। बैठक के बाद एमएसएमई मंत्री चैतन्य काश्यप ने मीडिया को जानकारी दी थी।उन्होंने बताया कि प्रदेश में गेहूं उपार्जन का काम तेजी से चल रहा है।

अब तक 41 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदा जा चुका है। इसके बदले में किसानों को 6520 करोड़ रुपए का भुगतान किया जा चुका है। करीब 14 लाख 70 हजार किसानों की बुकिंग हो चुकी है।

करोड़ों के विकास कार्यों को मंजूरी

पिछली बैठक में 38 हजार 555 करोड़ रुपए के विकास कार्यों को कैबिनेट की मंजूरी मिली थी। दलहन उत्पादन में आत्मनिर्भरता के लिए 2442 करोड़ रुपए के प्रावधान को हरी झंडी दी गई थी। भोपाल के पास एक इलेक्ट्रॉनिक क्लस्टर (Electronic Cluster) बनाया जा रहा है जिसके लिए 1295 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी गई थी।

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