क्या राजस्थान के किसान क्रेडिट कार्ड से कर्ज लेना आसान है या यह सिर्फ एक भ्रम है?

Ashish Bhardwaj | Sept 24, 2026, 16:34 IST
Share
07f9d024-abc4-42d9-ab32-7bea4e757e48
07f9d024-abc4-42d9-ab32-7bea4e757e48

किसान क्रेडिट कार्ड, जिसे हम केसीसी के नाम से जानते हैं, राजस्थान के किसानों को कृषि के लिए आवश्यक ऋण देने वाला एक महत्वपूर्ण उपकरण है। यह सुविधा व्यक्तिगत तौर पर या एक साथ मिलकर खेती करने वाले किसान, साथ ही पशुपालन और मछली पालन से जुड़े किसानों के लिए उपलब्ध है। आवेदन के लिए किसान को स्थानीय बैंक से संपर्क करना होगा, जहाँ उनके दस्तावेजों की जांच की जाएगी।

राजस्थान के किसानों को खेती से जुड़ी जरूरतों के लिए समय पर कर्ज उपलब्ध कराने के लिए किसान क्रेडिट कार्ड यानी केसीसी की सुविधा दी जाती है। इसके जरिए किसान फसल की बुवाई, बीज, खाद, कीटनाशक, सिंचाई और अन्य कृषि जरूरतों के लिए बैंक से ऋण ले सकते हैं। केसीसी का इस्तेमाल फसल कटाई के बाद के खर्च और कृषि से जुड़ी कुछ अन्य गतिविधियों के लिए भी किया जा सकता है।

कौन किसान बन सकता है पात्र

केसीसी के लिए जमीन पर खेती करने वाले किसान पात्र हो सकते हैं। इसमें व्यक्तिगत किसान और संयुक्त रूप से खेती करने वाले किसान शामिल हैं। इसके अलावा बटाईदार, किरायेदार किसान और शेयर क्रॉपर भी तय शर्तों के तहत पात्र हो सकते हैं। किसानों के स्वयं सहायता समूह और संयुक्त देयता समूह भी इस योजना के दायरे में आ सकते हैं।

पशुपालकों के लिए भी सुविधा

पशुपालन और मत्स्य पालन से जुड़े किसानों के लिए भी केसीसी की सुविधा उपलब्ध है। राजस्थान के राज किसान पोर्टल पर पशुपालन विभाग के तहत केसीसी सेवा दी गई है। राज्य की वेबसाइट के मुताबिक पशुपालक नजदीकी विभागीय पशु चिकित्सा संस्थान से संपर्क कर सकते हैं।

आवेदन की प्रक्रिया क्या है

किसान केसीसी के लिए संबंधित बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक या सहकारी बैंक से संपर्क कर सकते हैं। आवेदन के दौरान बैंक किसान की खेती और भूमि से जुड़े रिकॉर्ड की जांच करता है। ऋण की सीमा खेती के क्षेत्रफल, फसल और बैंक द्वारा तय मानकों के आधार पर तय होती है। राजस्थान में जन आधार व्यवस्था के तहत किसान क्रेडिट कार्ड सेवा एपेक्स बैंक से भी जुड़ी है। किसान अपनी पात्रता और उपलब्ध बैंकिंग सुविधा के अनुसार संबंधित बैंक में आवेदन प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।

आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज

आवेदन के समय किसान से आमतौर पर पहचान, बैंक खाते और खेती से जुड़े दस्तावेज मांगे जाते हैं। भूमि रिकॉर्ड और खेती का विवरण ऋण सीमा तय करने में अहम भूमिका निभाता है। जरूरत पड़ने पर बैंक अतिरिक्त दस्तावेज भी मांग सकता है।

आवेदन से पहले इन बातों का रखें ध्यान

केसीसी कोई अनुदान नहीं है, बल्कि यह एक कृषि ऋण सुविधा है। कितनी राशि मिलेगी और कितना ब्याज लगेगा, यह बैंक और लागू सरकारी नियमों के मुताबिक तय होता है। इसलिए आवेदन करने से पहले किसान को संबंधित बैंक से मौजूदा ब्याज दर, ऋण सीमा और जरूरी दस्तावेजों की जानकारी जरूर ले लेनी चाहिए।
Tags:
  • new farmer s prosperity
  • किसान क्रेडिट कार्ड
  • राजस्थान
  • मत्स्य पालन
  • ग्रामीण बैंक
सीकर में ASI ने पंचायती राज चुनाव लड़ने के लिए छोड़ी पुलिस की नौकरी, 13 साल सर्विस थी बाकी

By Ashish Bhardwaj

सीकर में ASI ने पंचायती राज चुनाव लड़ने के लिए छोड़ी पुलिस की नौकरी, 13 साल सर्विस थी बाकी
छत्तीसगढ़ में CAT की स्थायी बेंच बनाने की मांग, हाईकोर्ट ने केंद्र से 3 सप्ताह में मांगा जवाब

By Harrison Masih

छत्तीसगढ़ में CAT की स्थायी बेंच बनाने की मांग, हाईकोर्ट ने केंद्र से 3 सप्ताह में मांगा जवाब
पहले मंत्री विजयवर्गीय की बैठक में नहीं गईं विधायक मालिनी गौड़, फिर उनकी ही विधानसभा में उठाया पानी की किल्लत का मुद्दा

By Sanjay Gupta

पहले मंत्री विजयवर्गीय की बैठक में नहीं गईं विधायक मालिनी गौड़, फिर उनकी ही विधानसभा में उठाया पानी की किल्लत का मुद्दा
Rajasthan School Exam: अब 25 नवंबर से 7 दिसंबर तक होंगी अर्द्धवार्षिक परीक्षाएं, CBA भी इसी अवधि में

By Jageshwar prasad

Rajasthan School Exam: अब 25 नवंबर से 7 दिसंबर तक होंगी अर्द्धवार्षिक परीक्षाएं, CBA भी इसी अवधि में
नर्सिंग ऑफिसर की हत्या कर मगरमच्छों वाली नदी में फेंका शव, लिव-इन पार्टनर ने रची साजिश, फिर दर्ज कराई गुमशुदगी

By Manya Jain

नर्सिंग ऑफिसर की हत्या कर मगरमच्छों वाली नदी में फेंका शव, लिव-इन पार्टनर ने रची साजिश, फिर दर्ज कराई गुमशुदगी
MP में गहराया बिजली का संकट: 17 हजार मेगावाट पार डिमांड, किसानों के सामने आई सिंचाई की परेशानी

By Manya Jain

MP में गहराया बिजली का संकट: 17 हजार मेगावाट पार डिमांड, किसानों के सामने आई सिंचाई की परेशानी
मंत्री झाबर सिंह खर्रा की भाभी का टिकट भाजपा से कटा, बेटे ने पहले ही भर दिया था निर्दलीय पर्चा

By Ashish Bhardwaj

मंत्री झाबर सिंह खर्रा की भाभी का टिकट भाजपा से कटा, बेटे ने पहले ही भर दिया था निर्दलीय पर्चा