सिंहासन छत्तीसी: कलेक्टर की महिला सरपंच से यारी, कृषि विभाग चला रहा व्यापारी
Arun Tiwari | Aug 09, 2026, 11:16 IST
कलेक्टर-सरपंच के बीच करीबी संबंध और कृषि विभाग
छत्तीसगढ़ के राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों की अंदरूनी चर्चाएं: कलेक्टर की महिला सरपंच से नजदीकियां, होटल से संचालित होता कृषि विभाग और बीजेपी की महिला नेत्री का हिट एंड रन मामला।
RAIPUR : छत्तीसगढ़ के गलियारों में इन दिनों एक कलेक्टर साहब की बहुत चर्चा है। सुगबुगाहट है कि कुछ महीनों से उनकी एक सरपंच से बहुत पट रही है। अब धुंआ निकला है तो आग तो लगी ही होगी। खुसरफुसर इसलिए है क्योंकि सरपंच महिला है।
वहीं खबर है कि सरकार का कृषि विभाग एक कारोबारी चला रहा है। होटल में बैठकर सारे फैसले हो जाते हैं। बीजेपी की एक महिला नेत्री ने हिट एंड रन कर दिया। छत्तीसगढ़ के राजनीतिक और प्रशानिक गलियारों की ऐसी ही अनसुनी खबरों के लिए पढ़िए द सूत्र का साप्ताहिक कॉलम सिंहासन छत्तीसी।
![सिंहासन छत्तीसी]()
एक फिल्मी गाना है कि दिल तो पागल है, दिल दीवाना है। वाकई दिल कब, किस पर आ जाए यह कहा नहीं जा सकता। एक कलेक्टर साहब महिला सरपंच को दिल दे बैठे हैं। अब कहाँ कलेक्टर का ओहदा और कहां सरपंच का पद। लेकिन दिल का मामला थोड़ा हट कर ही रहता है।
सरपंच की कलेक्टर कार्यालय में आवक जावक भी खूब बढ़ गई है। यही कारण है कि कार्यालय में पिछले कुछ महीनों से खुसफुसाहट शुरू हो गई है। कहा जा रहा है कि गांव में भी विकास की खूब योजनाएं पहुंच रही हैं। अब साहब मेहरबान है तो ये तो होना ही था। खैर ये उनका निजी मामला है हमने तो जिक्र इसलिए छेड़ा क्योंकि इस आग का धुंआ कुछ ज्यादा ही तेज़ी से फैल रहा है।
![सिंहासन छत्तीसी]()
एक कारोबारी के हवाले प्रदेश की कृषि। सुनकर अजीब इसलिए लगता है क्योंकि यह कारोबारी खेती किसानी का नहीं बल्कि होटल का है। कृषि विभाग में इनका इतना दखल है कि लोग कहने लगे हैं विभाग वही चला रहे हैं।
फैसले होटल के कमरे में हो जाते हैं। किसानों की आय बढ़ाने की नीतियां भी वहीं बन जाती हैं। किसको कौन सा काम देना है यह भी यही कारोबारी तय करते हैं। जब कृषि जैसा अहम विभाग व्यापारी के हवाले हो तो किसानों का तो भगवान ही मालिक है।
![Sinhasan Chhatteesi]()
सरकार लाख कहती है कि आपकी गाड़ी से यदि कोई घायल हो जाये तो उसे छोड़कर भागें नहीं बल्कि उसे अस्पताल तक पहुंचाएं। लेकिन बीजेपी के नेता ही यह नहीं मानते। बीजेपी की महिला नेत्री की गाड़ी ने एक गरीब बच्चे को टक्कर मार दी। यह उस वक्त हुआ जब नेत्री खुद गाड़ी में विराजमान थीं।
एक्सीडेंट होते ही घायल को वहीं छोड़ उनकी गाड़ी फर्राटा मारते हुए निकल गई। लोगों ने उस लड़के को अस्पताल तक पहुंचाया। यह नेत्री ही बच्चों को उनके अधिकार दिलाने की बात करती हैं। यह एक अहम संवैधानिक पद पर भी बैठी हैं। फिर ये कैसी संवेदनशीलता है मेडम ज़रा विचार कीजिये। मामला बीजेपी से जुड़ा है इसलिए पुलिस भी कुछ नहीं कर पा रही।
सिंहासन छत्तीसी : प्रेमिका से मिलने में पिट गए अफसर, चार खोखे में बिक रहे पद
सिंहासन छत्तीसी : मंत्रीजी को चाहिए 7 परसेंट कमीशन,बदली कैबिनेट पर कैंची की तारीख
सिंहासन छत्तीसी : BJP MLA ने दी खुलेआम महिला नेता को गाली,एकात्म परिसर में अखाड़ा
सिंहासन छत्तीसी : दिल्ली मेहरबान तो सब कुछ आसान,3 कैटेगरी की पत्रकार सूची रेडी
वहीं खबर है कि सरकार का कृषि विभाग एक कारोबारी चला रहा है। होटल में बैठकर सारे फैसले हो जाते हैं। बीजेपी की एक महिला नेत्री ने हिट एंड रन कर दिया। छत्तीसगढ़ के राजनीतिक और प्रशानिक गलियारों की ऐसी ही अनसुनी खबरों के लिए पढ़िए द सूत्र का साप्ताहिक कॉलम सिंहासन छत्तीसी।
साहब का दिल तो पागल है:
सिंहासन छत्तीसी
एक फिल्मी गाना है कि दिल तो पागल है, दिल दीवाना है। वाकई दिल कब, किस पर आ जाए यह कहा नहीं जा सकता। एक कलेक्टर साहब महिला सरपंच को दिल दे बैठे हैं। अब कहाँ कलेक्टर का ओहदा और कहां सरपंच का पद। लेकिन दिल का मामला थोड़ा हट कर ही रहता है।
सरपंच की कलेक्टर कार्यालय में आवक जावक भी खूब बढ़ गई है। यही कारण है कि कार्यालय में पिछले कुछ महीनों से खुसफुसाहट शुरू हो गई है। कहा जा रहा है कि गांव में भी विकास की खूब योजनाएं पहुंच रही हैं। अब साहब मेहरबान है तो ये तो होना ही था। खैर ये उनका निजी मामला है हमने तो जिक्र इसलिए छेड़ा क्योंकि इस आग का धुंआ कुछ ज्यादा ही तेज़ी से फैल रहा है।
कारोबारी के हाथों में कृषि:
सिंहासन छत्तीसी
एक कारोबारी के हवाले प्रदेश की कृषि। सुनकर अजीब इसलिए लगता है क्योंकि यह कारोबारी खेती किसानी का नहीं बल्कि होटल का है। कृषि विभाग में इनका इतना दखल है कि लोग कहने लगे हैं विभाग वही चला रहे हैं।
फैसले होटल के कमरे में हो जाते हैं। किसानों की आय बढ़ाने की नीतियां भी वहीं बन जाती हैं। किसको कौन सा काम देना है यह भी यही कारोबारी तय करते हैं। जब कृषि जैसा अहम विभाग व्यापारी के हवाले हो तो किसानों का तो भगवान ही मालिक है।
बीजेपी नेत्री, हिट एंड रन:
Sinhasan Chhatteesi
सरकार लाख कहती है कि आपकी गाड़ी से यदि कोई घायल हो जाये तो उसे छोड़कर भागें नहीं बल्कि उसे अस्पताल तक पहुंचाएं। लेकिन बीजेपी के नेता ही यह नहीं मानते। बीजेपी की महिला नेत्री की गाड़ी ने एक गरीब बच्चे को टक्कर मार दी। यह उस वक्त हुआ जब नेत्री खुद गाड़ी में विराजमान थीं।
एक्सीडेंट होते ही घायल को वहीं छोड़ उनकी गाड़ी फर्राटा मारते हुए निकल गई। लोगों ने उस लड़के को अस्पताल तक पहुंचाया। यह नेत्री ही बच्चों को उनके अधिकार दिलाने की बात करती हैं। यह एक अहम संवैधानिक पद पर भी बैठी हैं। फिर ये कैसी संवेदनशीलता है मेडम ज़रा विचार कीजिये। मामला बीजेपी से जुड़ा है इसलिए पुलिस भी कुछ नहीं कर पा रही।
द सूत्र पर पढ़िए सिंहासन छत्तीसी ...
सिंहासन छत्तीसी : मंत्रीजी को चाहिए 7 परसेंट कमीशन,बदली कैबिनेट पर कैंची की तारीख
सिंहासन छत्तीसी : BJP MLA ने दी खुलेआम महिला नेता को गाली,एकात्म परिसर में अखाड़ा
सिंहासन छत्तीसी : दिल्ली मेहरबान तो सब कुछ आसान,3 कैटेगरी की पत्रकार सूची रेडी
देश में मानसून की बेरुखी से 51% हिस्से में सूखे का संकट: खरीफ फसलों पर मार, बढ़ सकती है महंगाई और आम आदमी की मुश्किलें
By Aman Vaishnav, CHAKRESH
Live |उज्जैन में मस्जिद हटाने पर बवाल
By
राजस्थान नगर निगम चुनाव में BJP का दबदबा
By
गंगरेल बांध का विकराल रूप, खोले गए सभी 14 गेट, महानदी में बढ़ा जलस्तर
By
छत्तीसगढ़ में भारी बारिश का असर: महादेव घाट पुल डूबा, शबरी पर बढ़ा खतरा; कई रास्तों पर आवाजाही बंद
By Umeshwari Baghel
छत्तीसगढ़ के स्कूलों में अक्टूबर से बदलेगा पढ़ाई का तरीका, कठिन विषयों की होंगी लाइव ऑनलाइन क्लास
By Harrison Masih
31 साल का साथ, फिर शादी पर उठे सवाल, ग्वालियर हाईकोर्ट ने दिलाया पत्नी होने का हक
By Sanjay Dhiman