सिंहासन छत्तीसी : सीएम हाउस से बेआबरु होकर निकली मैडम, पेंशन पर रोक लेकिन साहब का पांच मंजिला शॉपिंग काम्पलेक्स फुल

Pratibha ranaa | Apr 28, 2024, 13:44 IST
Share
GB
GB

बड़े बेआबरु होकर तेरे कूचे से हम निकले। छत्तीसगढ़ की एक बड़ी महिला नेता गईं तो थीं सीएम से मिलने लेकिन सीएम हाउस में उनको एंट्री तक नहीं मिली। एक घंटे सीएम हाउस से बाहर खड़े रहने के बाद वे नाराज होकर वापस लौट गईं।

अरुण तिवारी, RAIPUR. शहर के साथ छत्तीसगढ़ का सियासी पारा भी चढ़ा हुआ है। राजनीतिक गलियारों में किस्म किस्म की चर्चाओं का बाजार गर्म है। बीजेपी नेता बल्ले बल्ले कर रहे हैं तो कांग्रेस उम्मीद से है। इन दिनों अफसरों की शामत आई हुई है। कभी मैडम के सीएम से मुलाकात न होने की चर्चा से पारा चढ़ जाता है तो कभी बिना पेंशन के जिंदगी गुजार रहे पूर्व आईएएस का पांच मंजिला शॉपिंग काम्पलेक्स चर्चा में आ जाता है जिसकी बुकिंग फुल हो गई है।

बड़ी बेआबरु होकर सीएम हाउस से निकलीं मेडम


बड़े बेआबरु होकर तेरे कूचे से हम निकले। छत्तीसगढ़ की एक बड़ी महिला नेता गईं तो थीं सीएम से मिलने लेकिन सीएम हाउस में उनको एंट्री तक नहीं मिली। एक घंटे सीएम हाउस से बाहर खड़े रहने के बाद वे नाराज होकर वापस लौट गईं। हुआ कुछ यूं कि मैडम ने सीएम के स्टॉफ से सीएम से मिलने का समय मांगा। उनको सीएम हाउस बुला लिया गया। लेकिन जब वे सीएम हाउस पहुंची और सीएम के स्टॉफ को फोन लगाया तो किसी ने फोन नहीं उठाया। यहां तक कि जिन्होंने उन्हें समय दिया था उनका फोन भी नहीं उठा। मैडम एक घंटे तक बाहर खड़ी रहीं। आखिरकार वे नाराज होकर पूर्व मुख्यमंत्री के यहां पहुंची। उन्होंने सीएम को फोन कर ये बात बताई तो सीएम ने इस पर खेद जताया और कहा कि वे हमारी सम्मानीय नेता हैं, उनका पूरा सम्मान है। बता दें कि ये मैडम विधायक हैं, पूर्व केंद्रीय मंत्री और सीएम पद की भी बड़ी दावेदार रही हैं।

ये खबर भी पढ़िए...सिंहासन छत्तीसी : मंत्रियों को लगी छपास की बीमारी, अफसरों को डर,क्या ईडी के दफ्तर में अब उनकी बारी

ये अंदाज_ए_मोदी है या उनकी नाराजगी


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हाल ही में छत्तीसगढ़ दौरे पर आए। मोदी इस दौरान एक राज राजभवन में रुके। इस दौरान वे किसी अफसर या नेता से नहीं मिले। वे देर रात तक पीएम हाउस की फाइल देखते रहे, लेकिन उन्होंने किसी से मुलाकात नहीं की। उनसे मिलने की कोशिश मंत्री और अफसरों ने की लेकिन किसी की मुलाकात नहीं हो सकी। राजभवन में मोदी ने अकेले ही खाना खाया। अब लोग ये अंदाजा नहीं लगा पा रहे कि ये पीएम मोदी का अपना अलग अंदाज है या फिर किसी बात पर वे किसी से खफा हैं।

चर्चा में साहब का पांच मंजिला शॉपिंग काम्प्लेक्स


एक पूर्व आईएएस का पांच पंजिला शॉपिंग काम्प्लेक्स बहुत चर्चा में है। ये शापिंग काम्प्लेक्स राजधानी के पॉश इलाके में है। इसकी बुकिंग भी साहब के परिजन ही कर रहे हैं। ये शॉपिंग काम्प्लेक्स इसलिए चर्चा में है क्योंकि इन साहब पहले की सरकारों के बहुत खास रहे हैं। इन दिनों कुछ अफसर ईडी के गिरफ्त में हैं। इसमें कुछ के रिटायर होने के बाद उनको पेंशन तक नहीं मिल रही है और न ही उनको प्रोविडेंट फंड का पैसा मिला है। लोगों में चर्चा है कि फिर से शापिंग काम्प्लेक्स कहां से तन गया। साहब पिछली दो सरकारों के खास होने के साथ अहम पदों पर रहे हैं।

दलबदलुओं की टोह लेने बीजेपी ने छोड़े जासूस


बीजेपी ने कांग्रेस नेताओं को अपने पाले में लाने के लिए जासूस छोड़ रखे हैं। ये जासूस कोई और नहीं बीजेपी के वे नेता हैं जिनके कांग्रेस नेताओं से परिवारिक संबंध हैं। कुछ नेता तो आपस में रिश्तेदार भी हैं। ये नेता ही कांग्रेस के लोगों से संपर्क कर बीजेपी में शामिल करा रहे हैं। ये जासूस नेता कांग्रेस के नेताओं का वजन देखकर अपनी पार्टी संगठन से बात करते हैं और उनको पार्टी में शामिल करा लेते हैं। इस बात की तस्दीक कांग्रेस नेता भी करते हैं। वे कहते हैं कि उनके लूप होल्स जानकर उन पर राजनीतिक और भावनात्मक दबाव डालकर बीजेपी में शामिल किया जा रहा है।

ये खबर भी पढ़िए...पूर्व निगमायुक्त के चहेते इंजीनयर पर घूम रही बिल घोटाले में शंका की सुई, बचाने के लिए पुलिस लाइजनर जेजे हुआ सक्रिय

अब पछताए होत का जब चिड़िया चुग गई खेत


चुनावी सीजन में धड़धड़ दल बदलने वाले नेता अब पछता रहे हैं। दरअसल बीजेपी में शामिल होने वाले इन नेताओं के पास कोई काम नहीं है। बस एक दिन खबर में आकर सीएम या किसी बड़े नेता के साथ माला पहनने की फोटो छपती है और फिर इनकी कोई पूछ परख नहीं हो रही है। जितने भी नेता शामिल हुए हैं न उनका प्रचार में नाम है, न वे किसी बड़े नेता के साथ प्रचार पर जा रहे हैं और न ही उनको कोई चुनावी सभा लेने अकेले भेजा जा रहा है। ये नेता बीजेपी में शामिल होकर घर बैठ गए हैं। वहीं कुछ बड़ी महिला नेता भी बीजेपी में शामिल हुईं, उनके हिस्से सिर्फ एक प्रेस कान्फ्रेंस आई बस। इन नेताओं को लगने लगा है कि अभी तो चुनाव है लेकिन बाकी के चार साल अब क्या करेंगे। कुछ नेता कहते हैं कि उनसे गलती तो हो गई है। बीजेपी नेताओं का दावा है कि अब तक बीस हजार से ज्यादा लोग उनकी पार्टी में शामिल हो चुके हैं।

Tags:
  • सिंहासन छत्तीसी
  • sinhaasan chhatteesee
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग

By Atul Dwivedi

MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री

By Ramanand Tiwari

एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा

By Ramanand Tiwari

मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन

By Jitendra Shrivastava

मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा