आदिवासी जिलों में नहीं मिल पा रहा 3 माह का चावल, CM के जिले में ही 9 फीसदी बंटा राशन
Arun Tiwari | Jun 16, 2025, 15:32 IST
3 months' rice is not available in tribal districts, only 9% ration was distributed in CM's district the sootr
छत्तीसगढ़ में 30 जून तक तीन महीने का चावल बांटना है और 19 जिलों में अभी सिस्टम ही अपग्रेड नहीं हुआ है। अधिकांश जिलों में 25 फीसदी चावल बंट पाया है। जबकि अब तक 50 फीसदी से ज्यादा राशन बंट जाना चाहिए था। सीएम के जिले में ही महज़ 9 फीसदी चावल बंट पाया है।
रायपुर : सरकार ने 3 माह का चावल एक साथ देने का फैसला तो कर लिया लेकिन इसके लिए व्यवस्थाएं तैयार नहीं हैं। 30 जून तक चावल बांटना है और 19 जिलों में अभी सिस्टम ही अपग्रेड नहीं हुआ है। इसका नतीजा ये हो रहा है कि अधिकांश जिलों में से 20-25 फीसदी चावल का वितरण हो पाया है। जबकि अब तक 50 फीसदी से ज्यादा राशन बंट जाना चाहिए था। सीएम के जिले जशपुर में ही महज़ 9 फीसदी चावल बंट पाया है।
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3100 रुपये में धन खरीदने की घोषणा के कारण छत्तीसगढ़ में अब तक कि सबसे ज्यादा धान की पैदावार हुई। सरकार ने भी धन की रिकॉर्ड खरीदारी की । नतीजा ये हुआ कि सरकार के पास इतनी धान रखने के लिए गोदाम ही नहीं हैं। बारिश आ जाने के कारण धान के खराब होने का संकट मंडराने लगा है। यही कारण है कि सरकार ने लोगों को 3 महीने का चावल एक साथ देने का फैसला कर लिया। लेकिन इस फैसले से अफरा तफरी मच गई है। राशन बांटने की पूरी व्यवस्थाएं चरमरा गई हैं।
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3 महीने का चावल बांटने का काम 1 जून से 30 तक होना है। इसके लिए पीओएस डिवाइस का 31 मई तक अपग्रेड होना ज़रूरी था। लेकिन जानकारी के मुताबिक 19 जिलों में ये डिवाइस अपडेट ही नहीं हो पाई जिससे राशन बांटने की व्यवस्था ठप्प पड़ी है। पुराना सिस्टम 31 मई तक ही वैलिड था। नई व्यवस्था के लिए नया सिस्टम बनाया गया है ताकि राशन में फर्जीवाड़ा न हो। आधा महीना बीत जाने के बाद भी बमुश्किल 25 फीसदी चावल भी नहीं बंट पाया है। जबकि 30 जून तक 3 महीने का चावल हर राशन कार्डधारी को बांटना है।
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इन आदिवासी जिलों में इतना ही बंटा चावल
नारायणपुर - 2 फीसदी
कोरबा - 4 फीसदी
सूरजपुर - 6 फीसदी
बिलासपुर - 9 फीसदी
जशपुर - 9 फीसदी
जांजगीर - 12 फीसदी
सुकमा - 12 फीसदी
बीजापुर - 14 फीसदी
गरियाबंद - 16 फीसदी
बस्तर - 20 फीसदी
इन जिलों में ज्यादा बंटा चावल
बालोद - 40 फीसदी
बेमेतरा - 40 फीसदी
बलौदाबाजार - 31 फीसदी
धमतरी - 36 फीसदी
रायगढ़ - 35 फीसदी
दंतेवाड़ा - 30 फीसदी
दुर्ग - 33 फीसदी
मुंगेली - 33 फीसदी
कवर्धा - 29 फीसदी
जीपीएम - 28 फीसदी
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3 महीनों का चावल लेने के लिए राशनकार्ड का केवायसी कराया जा रहा है। नई डिवाइस में हितग्राहियों का 6 बार आधार प्रमाणीकरण कराया जा रहा है। जिससे काफी समय लग रहा है। इसमें भी कई तकनीकी समस्याएं आ रही हैं। यह पहली बार हो रहा है जब लोगों को 3 महीने का चावल एक साथ दिया जा रहा है। वहीं लोगों से ये भी कहा जा रहा है कि यदि अभी चावल नहीं लिया तो बाद में नहीं मिलेगा। यही कारण है कि राशन दुकानों पर लोगों की भीड़ उमड़ रही है। सरकार का कहना है कि सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त कर ली जाएंगी औऱ 30 जून तक सभी पात्र हितरहियों को 3 महीने का चावल मिल जाएगा।
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चरमरा गईं राशन बांटने की व्यवस्था
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15 दिन में 25 फीसदी भी नहीं बंटा चावल
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इन आदिवासी जिलों में इतना ही बंटा चावल
नारायणपुर - 2 फीसदी
कोरबा - 4 फीसदी
सूरजपुर - 6 फीसदी
बिलासपुर - 9 फीसदी
जशपुर - 9 फीसदी
जांजगीर - 12 फीसदी
सुकमा - 12 फीसदी
बीजापुर - 14 फीसदी
गरियाबंद - 16 फीसदी
बस्तर - 20 फीसदी
इन जिलों में ज्यादा बंटा चावल
बालोद - 40 फीसदी
बेमेतरा - 40 फीसदी
बलौदाबाजार - 31 फीसदी
धमतरी - 36 फीसदी
रायगढ़ - 35 फीसदी
दंतेवाड़ा - 30 फीसदी
दुर्ग - 33 फीसदी
मुंगेली - 33 फीसदी
कवर्धा - 29 फीसदी
जीपीएम - 28 फीसदी
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6 बार आधार प्रमाणीकरण
chattisgarh | 3 months | tribal | Chhattisgarh PDS system | छत्तीसगढ़ | आदिवासी इलाके
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