अनुज शर्मा केस : हाईकोर्ट सख्त, सोशल मीडिया से विवादित पोस्ट हटाने का आदेश
Umeshwari Baghel | Jul 26, 2026, 20:11 IST
अनुज शर्मा सोशल मीडिया विवाद
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने विधायक अनुज शर्मा की याचिका पर सोशल मीडिया से कथित आपत्तिजनक पोस्ट, मॉर्फ्ड वीडियो और अश्लील सामग्री हटाने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने संबंधित प्लेटफॉर्म और कंटेंट पोस्ट करने वालों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
समझें क्या है पूरा मामला
- अनुज शर्मा सोशल मीडिया केस में हाईकोर्ट सख्त
- मॉर्फ्ड वीडियो और आपत्तिजनक पोस्ट हटाने के आदेश
- विधायक की याचिका पर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला
- सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को नोटिस
- डिजिटल प्रतिष्ठा और निजता पर हाईकोर्ट की अहम टिप्पणी
मामले की सुनवाई 24 जुलाई 2026 को बिलासपुर हाईकोर्ट में न्यायमूर्ति अमितेंद्र किशोर प्रसाद की एकलपीठ ने की। कोर्ट ने प्रथम दृष्टया मामले को गंभीर मानते हुए याचिका पर सुनवाई आगे बढ़ाने का फैसला लिया।
सोशल मीडिया पर बदनाम करने का आरोप
याचिका में कहा गया कि उनकी पुरानी फिल्मों, गीतों और सार्वजनिक छवि से जुड़ी सामग्री को एडिट कर गलत तरीके से पेश किया गया। इसके अलावा मॉर्फ्ड वीडियो, आपत्तिजनक तस्वीरें और अभद्र टिप्पणियों के जरिए उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई।
याचिकाकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ सामग्री में उनके परिवार को भी निशाना बनाया गया और व्यक्तिगत गरिमा को ठेस पहुंचाने वाली टिप्पणियां की गईं।
व्यक्तित्व अधिकार और निजता का मुद्दा उठा
याचिकाकर्ता पक्ष ने संविधान के अनुच्छेद-21 का हवाला देते हुए कहा कि हर व्यक्ति को अपनी प्रतिष्ठा और गरिमा की सुरक्षा का अधिकार है। किसी व्यक्ति की पहचान का गलत इस्तेमाल कर सोशल मीडिया पर भ्रामक सामग्री फैलाना गंभीर विषय है।
हाईकोर्ट ने दिए ये निर्देश
मॉर्फ्ड वीडियो, एडिटेड फोटो, कैरिकेचर और मानहानिकारक पोस्ट की पहुंच सीमित करने को कहा गया है।
सोशल मीडिया अकाउंट संचालकों और कंटेंट क्रिएटर्स से जवाब मांगा गया है।
बिना अनुमति किसी व्यक्ति की पहचान या छवि के इस्तेमाल को लेकर स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए गए हैं।
डिजिटल अधिकारों से जुड़ा अहम मामला
सोशल मीडिया पर फर्जी सामग्री, डीपफेक और मॉर्फ्ड कंटेंट के बढ़ते मामलों के बीच हाईकोर्ट का यह आदेश महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आने वाले समय में ऐसे मामलों में यह आदेश एक उदाहरण के रूप में देखा जा सकता है।
फिलहाल कोर्ट ने सभी संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। आगे की सुनवाई में मामले से जुड़े अन्य पहलुओं पर विचार किया जाएगा।
यह खबरें भी पढ़े...
सोशल मीडिया पर मीठी और प्यारी बातें कर रही कंगाल, अकेले ग्वालियर में 23 करोड़ साफ
भूपेश बघेल और परिवार के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी का मामला, छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने सेना के जवान की याचिका खारिज की
पीएम मोदी और RSS पर आपत्तिजनक पोस्ट, दो युवक पुलिस हिरासत में
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari