केवल 8 महीने डीजीपी रहेंगे अरुण देव गौतम, नहीं मिलेगा दो साल का लाभ
Harrison Masih | May 16, 2026, 15:24 IST
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अरुण देव गौतम को छत्तीसगढ़ का पूर्णकालिक DGP नियुक्त किया गया है। लेकिन आदेश में उनके कार्यकाल की गिनती 2025 से है, जब उन्हें प्रभारी डीजीपी नियुक्त किया गया था।
छत्तीसगढ़ के प्रभारी डीजीपी अरुण देव गौतम आखिरकार राज्य के पूर्णकालिक पुलिस महानिदेशक (DGP) बनने में सफल हो गए हैं। वे छत्तीसगढ़ के 12वें DGP होंगे। हालांकि खुशी के साथ उन्हें यह मायूसी भी होगी कि उनका कार्यकाल सिर्फ आठ महीने का रहेगा।
गृह विभाग के आदेश में यह नहीं लिखा गया कि, नियमानुसार पूर्णकालिक DGP बनने की तारीख से उन्हें दो साल का कार्यकाल मिलेगा। यह परंपरा पूर्व डीजीपी अशोक जुनेजा के आदेश में दर्ज थी, जिनका कार्यकाल 11 महीने प्रभारी DGP के रूप में हुआ और बाद में पूर्णकालिक नियुक्ति के बाद दो साल का लाभ मिला।
आईपीएस अरुण देव गौतम (DGP अरूण देव गौतम) को 5 फरवरी 2025 की तारीख से DGP बनाया गया है, जबकि सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के अनुसार DGP का कार्यकाल दो साल होना चाहिए। इससे उनका कार्यकाल 4 फरवरी 2027 को समाप्त होगा।
मई 2025 में UPSC ने DGP के लिए दो नामों का पैनल भेजा था: अरुण देव गौतम और हिमांशु गुप्ता। गृह विभाग पेनल में से निर्णय नहीं कर पा रहा था, जिससे नियुक्ति में देर हुई। सुप्रीम कोर्ट ने भी मामले की 19 मई 2026 को सुनवाई की थी और सरकार से पूछा था कि पेनल मिलने के बाद पूर्णकालिक DGP क्यों नहीं नियुक्त किया गया।
गृह विभाग ने सुरक्षित रास्ता अपनाया। अरुण देव गौतम (IPS Arun Dev Gautam) को DGP बना दिया गया, लेकिन 14 महीने पहले की तारीख (5 फरवरी 2025) से कार्यकाल शुरू कर दिया गया। इस कारण, वे केवल आठ महीने तक इस पद पर रह पाएंगे।
चूंकि उनका कार्यकाल 4 फरवरी 2027 को समाप्त होगा, गृह विभाग दो-तीन महीने पहले UPSC को नए DGP के लिए नाम भेज देगा। यानी इस साल नवंबर तक अगले DGP की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
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आदेश में कन्फ्यूजन
आईपीएस अरुण देव गौतम (DGP अरूण देव गौतम) को 5 फरवरी 2025 की तारीख से DGP बनाया गया है, जबकि सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के अनुसार DGP का कार्यकाल दो साल होना चाहिए। इससे उनका कार्यकाल 4 फरवरी 2027 को समाप्त होगा।
पृष्ठभूमि और यूपीएससी का पैनल
गृह विभाग ने सुरक्षित रास्ता अपनाया। अरुण देव गौतम (IPS Arun Dev Gautam) को DGP बना दिया गया, लेकिन 14 महीने पहले की तारीख (5 फरवरी 2025) से कार्यकाल शुरू कर दिया गया। इस कारण, वे केवल आठ महीने तक इस पद पर रह पाएंगे।
आगे की प्रक्रिया
FAQ
- छत्तीसगढ़ का DGP कौन है?
वर्तमान में छत्तीसगढ़ का पूर्णकालिक पुलिस महानिदेशक (DGP) अरुण देव गौतम हैं। वे 1992 बैच के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी हैं और पहले 14 महीनों तक प्रभारी DGP के रूप में कार्यरत रहे। - अरुण देव गौतम कौन हैं?
अरुण देव गौतम 1992 बैच के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी हैं, जो वर्तमान में छत्तीसगढ़ के पूर्णकालिक पुलिस महानिदेशक (DGP) के पद पर कार्यरत हैं। वे उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले के मूल निवासी हैं और छत्तीसगढ़ में लंबे समय तक गृह सचिव के पद पर रहे हैं। उन्हें संयुक्त राष्ट्र मेडल (2002), भारतीय पुलिस पदक (2010), और राष्ट्रपति पुलिस पदक (2018) जैसे सम्मान मिल चुके हैं। - छत्तीसगढ़ में DGP की नियुक्ति प्रक्रिया कैसे होती है?
छत्तीसगढ़ में पुलिस महानिदेशक (DGP) की नियुक्ति राज्य सरकार और UPSC (संघ लोक सेवा आयोग) की प्रक्रिया के तहत होती है। जब भी पूर्णकालिक DGP की नियुक्ति होती है, राज्य सरकार आदेश जारी करती है और सुप्रीम कोर्ट या UPSC आवश्यकतानुसार जवाब-तलब कर सकते हैं। DGP नियुक्ति में वरिष्ठता, अनुभव और अधिकारी की कार्यकुशलता को ध्यान में रखा जाता है।
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