अरुण देव गौतम बने छत्तीसगढ के पूर्णकालिक डीजीपी, आदेश जारी
VINAY VERMA | May 16, 2026, 12:28 IST
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सरकार ने वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी अरुण देव गौतम को राज्य का पूर्णकालिक DGP नियुक्त किया है। इससे पहले वे 14 महीनों तक प्रभारी DGP के रूप में कार्यरत थे। सुप्रीम कोर्ट ने इस नियुक्ति को लेकर यूपीएससी से जवाब-तलब किया था।
छत्तीसगढ़ सरकार ने वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी अरुण देव गौतम को छत्तीसगढ़ का पूर्णकालिक पुलिस महानिदेशक (DGP) नियुक्त किया है। इससे पहले वे बीते 14 महीने से प्रभारी DGP के रूप में राज्य की पुलिस व्यवस्था का संचालन कर रहे थे। शनिवार 16 मई 2026 को जारी आदेश के बाद गौतम अब नियमित तौर पर राज्य पुलिस की कमान संभालेंगे।
इस नियुक्ति को लेकर पहले सुप्रीम कोर्ट ने यूपीएससी से जवाब-तलब किया था। यूपीएससी ने राज्य सरकार से नोटिस जारी कर पूछा था कि पूर्णकालिक DGP की नियुक्ति कब और किस आधार पर की जाएगी। इसके बाद राज्य सरकार ने शनिवार को आधिकारिक आदेश जारी कर अरुण देव को DGP नियुक्त कर दिया।
अरुण देव गौतम 1992 बैच के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी हैं। उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले के मूल निवासी गौतम छत्तीसगढ़ कैडर के अनुभवी अधिकारियों में गिने जाते हैं। प्रशासनिक और पुलिस दोनों स्तरों पर उनका लंबा अनुभव रहा है। वे छत्तीसगढ़ में सबसे लंबे समय तक गृह सचिव रहने वाले अधिकारियों में भी शामिल रहे हैं। शासन और पुलिस प्रशासन में उनकी मजबूत पकड़ के कारण उन्हें सरकार का भरोसेमंद अधिकारी माना जाता रहा है।
आईपीएस अरुण देव गौतम(IPS Arun Dev Gautam) को उनके सेवाकाल के दौरान कई प्रतिष्ठित सम्मान भी मिल चुके हैं। वर्ष 2002 में उन्हें संयुक्त राष्ट्र मिशन के तहत कोसोवो में सेवा देने पर यूनाइटेड नेशंस मेडल से सम्मानित किया गया था। इसके अलावा वर्ष 2010 में भारतीय पुलिस पदक और वर्ष 2018 में राष्ट्रपति पुलिस पदक भी उन्हें प्रदान किया गया। पुलिसिंग और प्रशासनिक अनुभव के चलते उनकी नियुक्ति को राज्य पुलिस महकमे के लिए अहम माना जा रहा है।
दरअसल, पूर्व डीजीपी अशोक जुनेजा के रिटायर होने के बाद राज्य सरकार ने अरुण देव (डीजीपी अरुण देव गौतम) को प्रभारी डीजीपी बनाया था। तब से वे राज्य पुलिस मुख्यालय की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। बीते 14 महीनों के दौरान कानून-व्यवस्था, नक्सल ऑपरेशन और पुलिस प्रशासन से जुड़े कई अहम फैसलों में उनकी भूमिका प्रमुख रही। अब नियमित नियुक्ति के बाद उनके कार्यकाल को और स्थायित्व मिलने की संभावना जताई जा रही है।
पिछले कई महीनों से राज्य में पूर्णकालिक डीजीपी नियुक्ति को लेकर चर्चाएं चल रही थीं। अलग-अलग नामों को लेकर प्रशासनिक गलियारों में अटकलें लगाई जा रही थीं, लेकिन सरकार ने आखिरकार अरुण देव गौतम पर भरोसा जताया। आदेश जारी होने के साथ ही इन चर्चाओं पर विराम लग गया है। अब माना जा रहा है कि राज्य पुलिस व्यवस्था में नेतृत्व को लेकर लंबे समय से बनी असमंजस की स्थिति भी खत्म हो जाएगी।
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सुप्रीम कोर्ट के नोटिस के बाद फैसला
कौन हैं अरुण देव गौतम?
अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर मिल चुके सम्मान
अशोक जुनेजा के रिटायरमेंट के बाद मिली थी जिम्मेदारी
प्रशासनिक अटकलों पर विराम
FAQ
- छत्तीसगढ़ का DGP कौन है?
वर्तमान में छत्तीसगढ़ का पूर्णकालिक पुलिस महानिदेशक (DGP) अरुण देव गौतम हैं। वे 1992 बैच के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी हैं और पहले 14 महीनों तक प्रभारी DGP के रूप में कार्यरत रहे। - अरुण देव गौतम कौन हैं?
अरुण देव गौतम 1992 बैच के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी हैं, जो वर्तमान में छत्तीसगढ़ के पूर्णकालिक पुलिस महानिदेशक (DGP) के पद पर कार्यरत हैं। वे उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले के मूल निवासी हैं और छत्तीसगढ़ में लंबे समय तक गृह सचिव के पद पर रहे हैं। उन्हें संयुक्त राष्ट्र मेडल (2002), भारतीय पुलिस पदक (2010), और राष्ट्रपति पुलिस पदक (2018) जैसे सम्मान मिल चुके हैं। - छत्तीसगढ़ में DGP की नियुक्ति प्रक्रिया कैसे होती है?
छत्तीसगढ़ में पुलिस महानिदेशक (DGP) की नियुक्ति राज्य सरकार और UPSC (संघ लोक सेवा आयोग) की प्रक्रिया के तहत होती है। जब भी पूर्णकालिक DGP की नियुक्ति होती है, राज्य सरकार आदेश जारी करती है और सुप्रीम कोर्ट या UPSC आवश्यकतानुसार जवाब-तलब कर सकते हैं। DGP नियुक्ति में वरिष्ठता, अनुभव और अधिकारी की कार्यकुशलता को ध्यान में रखा जाता है।
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