सालों के बाद पर्यटकों के लिए खुलेगा बस्तर का इंद्रावती टाइगर रिजर्व, दशकों से खामोश थी वन्य जीवों की आवाज
Arun Tiwari | Apr 10, 2026, 16:51 IST
bastar-indravati-tiger-reserve-reopening-tourism-village
बस्तर का इंद्रावती टाइगर रिजर्व वर्षों बाद पर्यटकों के लिए फिर से खोला जाएगा, जो क्षेत्र में शांति और विकास का प्रतीक बनेगा। यह रिजर्व न केवल जैव विविधता से भरपूर है, बल्कि यहां लुप्तप्राय जंगली भैंस का भी घर है।
Raipur : छत्तीसगढ़ के बस्तर अंचल में लंबे समय तक नक्सल प्रभावित रहे इलाके अब धीरे-धीरे सामान्य स्थिति की ओर लौट रहे हैं। इसी कड़ी में सकारात्मक पहल के तहत
इंद्रावती टाइगर रिजर्व को वर्षों बाद फिर से पर्यटकों के लिए खोलने की तैयारी शुरू कर दी गई है। यह कदम न केवल पर्यटन को बढ़ावा देगा, बल्कि क्षेत्र में शांति और विकास की वापसी का प्रतीक भी माना जा रहा है।
कभी वामपंथी उग्रवाद के कारण यह रिजर्व पूरी तरह से आम लोगों और पर्यटकों के लिए बंद था। सुरक्षा कारणों से न केवल पर्यटक गतिविधियां रुकी हुई थीं, बल्कि प्रशासनिक पहुंच भी सीमित हो गई थी।
हालांकि, पिछले कुछ वर्षों में लगातार सुरक्षा अभियानों और विकास कार्यों के चलते क्षेत्र में नक्सल प्रभाव काफी हद तक कम हुआ है। इसी बदलते माहौल को देखते हुए अब प्रशासन ने इंद्रावती टाइगर रिजर्व के प्राकृतिक और पर्यटन संभावनाओं को फिर से विकसित करने की दिशा में कदम बढ़ाया है।
प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) अरुण कुमार पांडेय ने बताया कि विभाग एक व्यापक इको-टूरिज्म योजना पर काम कर रहा है। इस योजना का उद्देश्य संरक्षण और स्थानीय समुदाय की भागीदारी के बीच संतुलन बनाना है।
इसके तहत इंद्रावती नदी के किनारे एक “टूरिज्म विलेज” विकसित किया जाएगा, जहां पर्यटकों को स्थानीय आदिवासी संस्कृति और प्राकृतिक सौंदर्य का करीब से अनुभव मिल सकेगा।
इंद्रावती टाइगर रिजर्व अपनी जैव विविधता के लिए जाना जाता है। और यह लुप्तप्राय जंगली भैंसे (वाइल्ड वॉटर बफेलो) के प्राकृतिक आवासों में से एक है।
ऐसे में इस रिजर्व का फिर से खुलना पर्यावरणीय दृष्टि से भी एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। पर्यटकों की सुविधा के लिए रिजर्व में प्रवेश के दो प्रमुख मार्ग विकसित किए जा रहे हैं।
पहला प्रवेश द्वार कुटरू–फरसेगढ़ मार्ग पर बनाया जाएगा, जबकि दूसरा मार्ग भोपालपट्टनम–माटीमार्का क्षेत्र से प्रस्तावित है। इन मार्गों के विकसित होने से पर्यटकों की पहुंच आसान होगी और क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
वन विभाग स्थानीय युवाओं को भी इस योजना से जोड़ रहा है। माटीमार्का गांव के युवाओं को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है ताकि वे पर्यटन गतिविधियों में भाग लेकर अपनी आजीविका को मजबूत कर सकें।
इससे न केवल स्थानीय रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। इंद्रावती टाइगर रिजर्व में नक्सल खतरे में कमी आने के बाद अब पर्यटकों के लिए जरूरी सुविधाएं विकसित करने का काम शुरू कर दिया गया है।
इसमें ठहरने की व्यवस्था, गाइड सेवा और सुरक्षा से जुड़े इंतजाम शामिल हैं। इंद्रावती टाइगर रिजर्व का दोबारा खुलना न केवल पर्यावरण संरक्षण के लिहाज से अहम है, बल्कि यह बस्तर में शांति और विकास की नई कहानी भी लिखेगा।
वर्षों तक रेड कॉरिडोर के नाम से पहचान रखने वाला यह क्षेत्र अब ग्रीन ट्रेल्स की ओर बढ़ रहा है, जो आने वाले समय में छत्तीसगढ़ के पर्यटन नक्शे पर एक नई पहचान बना सकता है।
छत्तीसगढ़ वन विभाग में बड़ा खेल! विधानसभा और RTI के आंकड़ों में भारी अंतर
वन विभाग की बड़ी कार्रवाई: बाघ-तेंदुए की खाल के साथ शिकारी गिरोह का भंडाफोड़
छत्तीसगढ़ पर्यटन बीजापुर इंद्रावती टाइगर रिजर्व में दिखा राजकीय पशु वन भैसों का झुंड, वन विभाग ग्रामीणों के साथ मिलकर करेगा इनका संरक्षण
अचानकमार टाइगर रिजर्व दौरे पर पहुंचा सचिन तेंदुलकर का परिवार, आदिवासी बच्चों और ग्रामीणों से की मुलाकात
इंद्रावती टाइगर रिजर्व को वर्षों बाद फिर से पर्यटकों के लिए खोलने की तैयारी शुरू कर दी गई है। यह कदम न केवल पर्यटन को बढ़ावा देगा, बल्कि क्षेत्र में शांति और विकास की वापसी का प्रतीक भी माना जा रहा है।
नदी किनारे बनेगा टूरिज्म विलेज
हालांकि, पिछले कुछ वर्षों में लगातार सुरक्षा अभियानों और विकास कार्यों के चलते क्षेत्र में नक्सल प्रभाव काफी हद तक कम हुआ है। इसी बदलते माहौल को देखते हुए अब प्रशासन ने इंद्रावती टाइगर रिजर्व के प्राकृतिक और पर्यटन संभावनाओं को फिर से विकसित करने की दिशा में कदम बढ़ाया है।
प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) अरुण कुमार पांडेय ने बताया कि विभाग एक व्यापक इको-टूरिज्म योजना पर काम कर रहा है। इस योजना का उद्देश्य संरक्षण और स्थानीय समुदाय की भागीदारी के बीच संतुलन बनाना है।
इसके तहत इंद्रावती नदी के किनारे एक “टूरिज्म विलेज” विकसित किया जाएगा, जहां पर्यटकों को स्थानीय आदिवासी संस्कृति और प्राकृतिक सौंदर्य का करीब से अनुभव मिल सकेगा।
यह है वाइल्ड वॉटर बफेलो का घर
ऐसे में इस रिजर्व का फिर से खुलना पर्यावरणीय दृष्टि से भी एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। पर्यटकों की सुविधा के लिए रिजर्व में प्रवेश के दो प्रमुख मार्ग विकसित किए जा रहे हैं।
पहला प्रवेश द्वार कुटरू–फरसेगढ़ मार्ग पर बनाया जाएगा, जबकि दूसरा मार्ग भोपालपट्टनम–माटीमार्का क्षेत्र से प्रस्तावित है। इन मार्गों के विकसित होने से पर्यटकों की पहुंच आसान होगी और क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
आदिवासी युवा बनेंगे गाइड
इससे न केवल स्थानीय रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। इंद्रावती टाइगर रिजर्व में नक्सल खतरे में कमी आने के बाद अब पर्यटकों के लिए जरूरी सुविधाएं विकसित करने का काम शुरू कर दिया गया है।
इसमें ठहरने की व्यवस्था, गाइड सेवा और सुरक्षा से जुड़े इंतजाम शामिल हैं। इंद्रावती टाइगर रिजर्व का दोबारा खुलना न केवल पर्यावरण संरक्षण के लिहाज से अहम है, बल्कि यह बस्तर में शांति और विकास की नई कहानी भी लिखेगा।
वर्षों तक रेड कॉरिडोर के नाम से पहचान रखने वाला यह क्षेत्र अब ग्रीन ट्रेल्स की ओर बढ़ रहा है, जो आने वाले समय में छत्तीसगढ़ के पर्यटन नक्शे पर एक नई पहचान बना सकता है।
यह खबरें भी पढ़े...
वन विभाग की बड़ी कार्रवाई: बाघ-तेंदुए की खाल के साथ शिकारी गिरोह का भंडाफोड़
छत्तीसगढ़ पर्यटन बीजापुर इंद्रावती टाइगर रिजर्व में दिखा राजकीय पशु वन भैसों का झुंड, वन विभाग ग्रामीणों के साथ मिलकर करेगा इनका संरक्षण
अचानकमार टाइगर रिजर्व दौरे पर पहुंचा सचिन तेंदुलकर का परिवार, आदिवासी बच्चों और ग्रामीणों से की मुलाकात
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari