बस्तर पंडुम में टेंट-पंडाल पर 6 करोड़ का बिल, भुगतान के लिए पहुंची फाइल

VINAY VERMA | Aug 01, 2026, 14:47 IST
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बस्तर पंडुम पंडाल पर विवाद
बस्तर पंडुम पंडाल पर विवाद

बस्तर पंडुम-2026 समाप्त हुए महीनों बीत चुके हैं, लेकिन आयोजन पर हुए 6 करोड़ 14 लाख रूपए के खर्च का मामला अब चर्चा में है। आरोप है कि कार्य बिना टेंडर और बजट स्वीकृति के कराया गया।

बस्तर पंडुम-2026 खत्म हुए महीनों बीत चुके हैं, लेकिन अब उसके खर्च की फाइल चर्चा में है। जगदलपुर के लालबाग मैदान में हुए इस सरकारी आयोजन में टेंट, पंडाल, लाइट और अन्य व्यवस्थाओं पर 6 करोड़ 14 लाख 78 हजार 943 रुपए का बिल बना है। बड़ी बात है कि आरोप है कि इसके लिए बजट ही स्वीकृत नहीं है। विवादों के बीच 6 महीने से भुगतान लटका हुआ है। लेकिन अधिकारी इस फाइल को स्वीकृत करवाने में जुटे हुए हैं। अब इस राशि के भुगतान के लिए लोक निर्माण विभाग ने प्रमुख अभियंता कार्यालय, नवा रायपुर से बजट आवंटन मांगा है।

VVIP कार्यक्रम, करोड़ों का खर्च

7 फरवरी को बस्तर पंडुम का शुभारंभ राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मौजूदगी में हुआ था। वहीं 9 फरवरी को समापन समारोह में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह शामिल हुए। इन दोनों VVIP कार्यक्रमों के लिए मंच, टेंट, पंडाल, लाइट और अन्य व्यवस्थाएं भारत किराया भंडार, रायपुर से कराई गई थीं।

एक ठेकेदार, 6 करोड़ 14 लाख का बिल

प्रतिवेदन के अनुसार पूरा काम भारत किराया भंडार, रायपुर ने किया। इस कार्य के लिए कुल 6 करोड़ 14 लाख रुपए का देयक तैयार हुआ है। जबकि इसके लिए टेंडर ही नहीं हुआ। टेंडर नहीं होने से वित्तीय स्वीकृति नहीं मिली। PWD वही पुरानी बात कर रहा कि काम जल्दबाजी में हुआ और संबंधित ने अनुबंधित दर पर ही काम किया है।

फाइल में भी हरी झंडी

शिकायतों का आधार पर अधिकारियों ने अपनी इंटरनल जांच की जिसमें भी फॉर्म से काम करवाने की प्रक्रिया को सही बताया है। भुगतान के लिए प्रस्ताव के साथ प्रोटोकॉल की प्रति, जिला प्रशासन के पत्र, कार्यपालन अभियंता का प्रतिवेदन, कार्यक्रम के फोटो, वीडियोग्राफी, , सत्यापित बिल, स्वीकृत दर सूची और अन्य तकनीकी दस्तावेज भी लगाए गए हैं। विभाग ने स्पष्ट लिखा है कि कार्यक्रम शासन के प्रोटोकॉल के अनुरूप कराया गया ।

किसने दी जिम्मेदारी

दस्तावेजों में इस कार्य की निगरानी अनुविभागीय अधिकारी खुमानचंद कश्यप और कार्यपालन अभियंता आर.के. बतरा ने भुगतान के लिए बजट आवंटन जल्द जारी करने का अनुरोध किया है।

अब उठ रहे कई सवाल

6 करोड़ 14 लाख का भुगतान सिर्फ एक प्रशासनिक प्रक्रिया है या फिर इसकी लागत और दरों पर भी सवाल उठ रहे हैं। विभाग का कहना है कि सभी दस्तावेज नियमों के अनुसार संलग्न हैं और भुगतान के लिए केवल बजट आवंटन की जरूरत है। लेकिन करोड़ों के सरकारी खर्च की यह फाइल अब स्वाभाविक रूप से सार्वजनिक और राजनीतिक चर्चा का विषय बनी हुई है।

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