सेक्स सीडी कांड में हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, भूपेश बघेल के खिलाफ कार्रवाई पर रोक

Harrison Masih | Jul 30, 2026, 16:28 IST
Share
भूपेश बघेल सेक्स सीडी कांड
भूपेश बघेल सेक्स सीडी कांड

छत्तीसगढ़ के चर्चित सेक्स सीडी कांड में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। हाईकोर्ट ने CBI की विशेष अदालत में चल रही आगे की कार्रवाई पर अंतरिम रोक लगा दी है।

समझें क्या है पूरा मामला

छत्तीसगढ़ के चर्चित सेक्स सीडी कांड में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को हाईकोर्ट से राहत मिली है। बघेल पर आरोप था कि साल 2017 में तत्कालीन मंत्री राजेश मूणत की छवि खराब करने के लिए उनका एक अश्लील मॉर्फ्ड वीडियो बनाकर फैलाया गया था। हाईकोर्ट ने CBI (Central Bureau of Investigation) की विशेष अदालत की आगे की कार्रवाई पर रोक लगा दी है। न्यायमूर्ति राधाकिशन अग्रवाल की एकलपीठ ने बघेल की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह अंतरिम आदेश दिया है।

भूपेश बघेल ने 24 जनवरी 2026 को CBI की स्पेशल कोर्ट के उस आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी, जिसमें मार्च 2025 में मिली डिस्चार्ज यानी आरोपमुक्त राहत को रद्द करते हुए उनके खिलाफ आरोप तय करने का निर्देश दिया गया था।

इस केस में विनोद वर्मा का नाम भी सामने आया था। यह मामला शुरू से ही प्रदेश की राजनीति में बड़ी चर्चा का विषय रहा है।

क्या है पूरा मामला

यह मामला साल 2017 का है। आरोप है कि तत्कालीन मंत्री राजेश मूणत की छवि खराब करने के लिए उनका एक अश्लील मॉर्फ्ड वीडियो बनाकर फैलाया गया था। बाद में इस मामले की जांच CBI को सौंपी गई।

CBI ने अपनी चार्जशीट में भूपेश बघेल समेत अन्य लोगों पर आपराधिक साजिश, जालसाजी, फर्जी इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड के इस्तेमाल और अश्लील सामग्री प्रसारित करने के आरोप लगाए थे।

पहले डिस्चार्ज हुए, फिर पलटा गया आदेश

मार्च 2025 में विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट ने कहा था कि भूपेश बघेल के खिलाफ ऐसा कोई सबूत नहीं है, जिससे उन्हें इस मामले में आरोपी बनाया जा सके। इसी आधार पर उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया था।

लेकिन जनवरी 2026 में CBI की विशेष अदालत ने यह आदेश रद्द करते हुए उनके खिलाफ आरोप तय करने का निर्देश दे दिया। भूपेश बघेल ने इसी आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी है।

वकील ने रखी अपनी दलील

भूपेश बघेल के वकील हर्षवर्धन परगनिहा ने हाईकोर्ट में कहा कि CBI की विशेष अदालत ने अपने अधिकार से आगे बढ़कर डिस्चार्ज का आदेश पलट दिया और आरोपों की प्रकृति तक बदल दी। उनके मुताबिक ऐसा फैसला ट्रायल कोर्ट को ही उचित समय पर करना चाहिए था।

उन्होंने यह भी दलील दी कि किसी डिस्चार्ज आदेश में ऊपरी अदालत तभी हस्तक्षेप कर सकती है, जब वह आदेश पूरी तरह गलत हो या रिकॉर्ड पर मौजूद सबूतों के खिलाफ हो।

होटल में ठहरना साजिश का सबूत नहीं

वकील हर्षवर्धन परगनिहा ने कोर्ट में यह भी कहा कि जांच में ऐसा कोई मजबूत सबूत नहीं है, जिससे भूपेश बघेल के खिलाफ आरोप तय किए जा सकें। उनके मुताबिक केवल सह-आरोपियों के साथ होटल में ठहरना किसी साजिश में शामिल होने का सबूत नहीं माना जा सकता।

उन्होंने कोर्ट को बताया कि गवाहों के बयान से सिर्फ इतना पता चलता है कि भूपेश बघेल ने सह-आरोपी विनोद वर्मा की गिरफ्तारी के विरोध में प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। उनके मुताबिक ऐसा कोई सबूत नहीं है कि बघेल ने खुद कथित आपत्तिजनक सीडी बांटी या उसका प्रसार किया।

याचिका बेमानी होने की दलील

वकील ने कोर्ट में यह भी कहा कि स्पेशल कोर्ट के आदेश के बाद ट्रायल कोर्ट आरोप तय करने की प्रक्रिया पहले ही आगे बढ़ा चुका है। उनके मुताबिक अगर ट्रायल जारी रहा, तो हाईकोर्ट में दायर याचिका का कोई मतलब नहीं रह जाएगा।

इसी वजह से उन्होंने अंतिम फैसला आने तक ट्रायल कोर्ट की कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की थी।

हाईकोर्ट ने लगाई अंतरिम रोक

इन सभी दलीलों पर विचार करने के बाद छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने CBI की विशेष अदालत में चल रही आगे की कार्रवाई पर अंतरिम रोक लगा दी है। अब अगली सुनवाई तक ट्रायल कोर्ट में भूपेश बघेल के खिलाफ आगे की कार्रवाई नहीं होगी।

यह मामला अभी हाईकोर्ट में विचाराधीन है। आने वाले समय में इस पर अंतिम फैसला आना बाकी है।

FAQ

  1. भूपेश बघेल सेक्स सीडी कांड क्या है?
    भूपेश बघेल सेक्स सीडी कांड साल 2017 का मामला है, जिसमें आरोप लगाया गया था कि तत्कालीन मंत्री राजेश मूणत की छवि खराब करने के लिए उनका एक अश्लील मॉर्फ्ड वीडियो बनाया और फैलाया गया। इस मामले की जांच बाद में CBI को सौंपी गई थी।

ये खबरें भी पढ़ें...

सेक्स सीडी कांड: सेशन कोर्ट के फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट जाएंगे भूपेश बघेल, बीजेपी बोली- अब बहुत देर हो चुकी

सेक्स सीडी केस में नया ट्विस्ट : क्या बरी होंगे विनोद वर्मा? छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने सीबीआई को किया तलब

मूणत सेक्स सीडी केस में भूपेश बघेल को नहीं छोड़ रही CBI... पहुंची कोर्ट

राजेश मूणत का सेक्स सीडी कांड फिर निकला बाहर... बघेल का बढ़ा संकट

Tags:
  • भूपेश बघेल
  • छत्तीसगढ़
  • CBI
  • छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट
  • सेक्स सीडी कांड
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग

By Atul Dwivedi

MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री

By Ramanand Tiwari

एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा

By Ramanand Tiwari

मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन

By Jitendra Shrivastava

मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा