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Photograph: (the sootr)
News In Short
- बीजापुर के कर्रेगुट्टा में ऑपरेशन कागर के तहत नक्सलियों के साथ मुठभेड़ हुई।
- सुरक्षा बलों ने पांच नक्सलियों को मार गिराया, मुठभेड़ घंटों तक चली।
- घटनास्थल से हथियार, गोला-बारूद और दैनिक उपयोग की सामग्री बरामद हो सकती है।
- सुरक्षा बलों ने जंगल में सर्चिंग और सैनिटाइजेशन अभियान जारी रखा है।
- बीजापुर में नक्सल गतिविधियों पर दबाव बढ़ाने के लिए लगातार कार्रवाई जारी है।
News In Detail
Bijapur.छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के कर्रेगुट्टा क्षेत्र में सुरक्षा बलों ने नक्सल विरोधी अभियान के तहत बड़ी सफलता का दावा किया है। घने जंगलों में चल रहे विशेष अभियान “ऑपरेशन कागर” के दौरान सुरक्षाबलों और माओवादियों के बीच हुई मुठभेड़ में पांच नक्सलियों के मारे जाने की प्रारंभिक जानकारी सामने आई है। हालांकि, मारे गए उग्रवादियों की आधिकारिक पहचान और बरामद हथियारों का विवरण अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है।
संयुक्त टीम ने चलाया ऑपरेशन
जानकारी के मुताबिक, यह कार्रवाई जिले में लगातार चल रहे सर्च ऑपरेशन और एरिया डोमिनेशन अभियान का हिस्सा है। सुरक्षा बलों को इनपुट मिला था कि कर्रेगुट्टा के जंगलों में माओवादी बड़ी संख्या में मौजूद हैं और किसी बड़ी वारदात की तैयारी कर रहे हैं। इसी सूचना के आधार पर संयुक्त टीम को रवाना किया गया। तलाशी अभियान के दौरान जंगल के भीतर अचानक फायरिंग शुरू हो गई, जिसके बाद दोनों ओर से जवाबी गोलीबारी हुई।
गोलीबारी रुकने के बाद तलाशी अभियान
सूत्रों के अनुसार, मुठभेड़ कई घंटों तक रुक-रुक कर चलती रही। सुरक्षा बलों ने मोर्चा संभालते हुए जंगल के अंदरूनी हिस्सों में दबाव बनाया। गोलीबारी थमने के बाद इलाके की सघन तलाशी ली गई, जहां पांच नक्सलियों के शव बरामद होने की खबर है। घटनास्थल से हथियार, गोला-बारूद और दैनिक उपयोग की सामग्री भी मिलने की संभावना जताई जा रही है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी शेष है।
माओवादियों के छिपे होने की आशंका
वरिष्ठ अधिकारियों को घटना की सूचना दे दी गई है। उच्च स्तर पर पूरे ऑपरेशन की समीक्षा की जा रही है। सुरक्षा बलों का कहना है कि इलाके में अभी भी सर्च और सैनिटाइजेशन अभियान जारी है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि आसपास कोई अन्य उग्रवादी छिपा न हो। जंगल क्षेत्र को पूरी तरह सुरक्षित घोषित करने से पहले विस्तृत जांच की जा रही है।
बीजापुर और आसपास का इलाका लंबे समय से नक्सली गतिविधियों के लिए संवेदनशील माना जाता रहा है। ऐसे में “ऑपरेशन कागर” को सुरक्षा बलों की रणनीतिक पहल के रूप में देखा जा रहा है। हाल के महीनों में लगातार चल रही कार्रवाई ने माओवादियों की गतिविधियों पर दबाव बनाया है।
आधिकारिक जानकारी का इंतजार
फिलहाल प्रशासन की ओर से आधिकारिक प्रेस नोट जारी होने का इंतजार है, जिसमें मारे गए नक्सलियों की पहचान, बरामद हथियारों का ब्यौरा और मुठभेड़ के क्रम की विस्तृत जानकारी साझा की जाएगी। तब तक क्षेत्र में सुरक्षा बल पूरी सतर्कता के साथ अभियान जारी रखे हुए हैं।
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