35 करोड़ की सड़क उखड़ी, 2 हजार गड्ढों ने बढ़ाई मुसीबत
Pravesh Shukla | Jul 09, 2025, 12:46 IST
bilaspur-mopka-bypass-pit- problem the sootr
बिलासपुर के मोपका बायपास को कुछ साल तक वैकल्पिक और सुरक्षित माना जाता था। लेकिन आज के दौर में इस सड़क पर हर जगह बस गड्ढे ही नजर आ रहे हैं। इन गड्ढों की लंबाई एक से सवा फीट तक है। जिस वजह से लोगों की जान हर रो जखतरे में पड़ रही है।
बिलासपुर। मोपका बायपास को कुछ साल तक वैकल्पिक और सुरक्षित माना जाता था। लेकिन आज के दौर में इस सड़क पर हर जगह बस गड्ढे ही नजर आ रहे हैं। इन गड्ढों की लंबाई एक से सवा फीट तक है। जिस वजह से लोगों की जान हर रो जखतरे में पड़ रही है।
इस बायपास को राज्य सरकार ने साल 2016 में करीब 35.88 करोड़ रुपए की लागत बनवाया था। लेकिन रख रखाव नहीं होने की वजह से मियाद खत्म होने से पहले ही पूरी सड़क गड्ढों में तब्दील हो चुकी है। हर दिन जाम गड्ढों में फंसे हुए वाहन और हादसों के खतरे को देखते हुए अब लोगों ने कार और बाइक से इस सड़क पर चलना बंद कर दिया है।
पढ़ें: 20 साल से अटका है लेमरू एलिफेंट रिजर्व, आखिर कब मिलेगा हाथियों को ठिकाना
मोपका से रतनपुर हाईवे तक इस सड़क की लंबाई 14 किलोमीटर है, जिसमें करीब 2 हजार छोटे-बड़े गड्ढे हैं। इसमें से करीब 100 गड्ढे तो इतने खतरनाक हैं कि, इसमें फंसकर किसी की जान भी जान सकती है। गड्ढों की वजह से सड़क पर आय दिन जाम के हालत बन रहे हैं। जाम की वजह से इस सड़क पर ट्रकों की लंबी लाइन लगी है। घंटों लंबा जाम लग रहा है, जिससे इस मार्ग से गुजरने वाले लोगों को मुसीबत का सामना करना पड़ता है।
पढ़ें: इंजीनियरिंग स्टूडेंट्स को प्लेसमेंट देने छत्तीसगढ़ आएंगी गूगल और माइक्रोसॉफ्ट कंपनी
रतनपुर से कटघोरा की तरफ जाने के लिए लोग को शहर के अंदर से होकर आवजाही करनी पड़ती है। मोपका बायपास से अब सिर्फ भारी वाहनों का आना-जाना हो रहा है। लेकिन अब इन वाहनों का चलना भी मुश्किल हो चुका है। इस वजह से सड़क पूरी तरह उखड़ चुकी है। इस सड़क पर भारी वाहन तो क्या टू व्हीलर चलाना भी मुश्किल और जोखिम भरा हो चला है। इस सड़क का निर्माण साल 2016 में 35 करोड़ 88 लाख रुपए की लागत से बनाया गया था, जो उखड़नी शुरू हो गई। मरम्मत पर 5 करोड़ खर्च हो चुके हैं।
पढ़ें: भारी बारिश से टापू बने कांकेर के इलाके... बस्तर में बाढ़ जैसी स्थिति
विभागीय सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक सड़क पर मुरुम कालेयर 8 सीबीआर से अधिक होना था, लेकिन तत्कालीन इंजीनियरों और ठेकेदार ने आसपास के खेतों की काली मिट्टी डाल दी, वह भी 8 CBR से कम है। डामर के उखड़ने और काली मिट्टी होने की वजह से सड़क दलदली हो गई।
पढ़ें: पीएम सूर्यघर योजना से घर बैठे करें सोलर प्लांट के लिए ऑनलाइन आवेदन, पाएं 40% तक सब्सिडी
सड़क नए सिरे से बनाई जाएगी तो पहले 1 मीटर तक खुदाई करनी पड़ेगी,तब जाकर मापदंड के मुताबिक सही सड़क बनेगी। बता दें कि यह सड़क पीडब्ल्यूडी की है और इसका निर्माण ठेकेदार अनिल अग्रवाल ने किया था। जानकारी के मुताबिक निर्माण के दौरान गुणवत्ता से जुड़े तमाम मापदंडों की अनदेखी की गई।
Bilaspur, Road, potholes in the road, traffic jam, Negligence, allegation of negligence, allegation of negligence on management, poor construction, Chhattisgarh, Chhattisgarh News, ट्रैफिक जाम, लापरवाही, घटिया निर्माण, छत्तीसगढ़, छत्तीसगढ़ न्यूज
गड्ढे में तब्दील हुई सड़क
पढ़ें: 20 साल से अटका है लेमरू एलिफेंट रिजर्व, आखिर कब मिलेगा हाथियों को ठिकाना
ट्रकों की लगी लंबी लाइन
पढ़ें: इंजीनियरिंग स्टूडेंट्स को प्लेसमेंट देने छत्तीसगढ़ आएंगी गूगल और माइक्रोसॉफ्ट कंपनी
35 करोड़ की लागत से बनी थी सड़क
पढ़ें: भारी बारिश से टापू बने कांकेर के इलाके... बस्तर में बाढ़ जैसी स्थिति
गड़बड़ी की यह है वजह
पढ़ें: पीएम सूर्यघर योजना से घर बैठे करें सोलर प्लांट के लिए ऑनलाइन आवेदन, पाएं 40% तक सब्सिडी
करनी पड़ेगी खुदाई
Bilaspur, Road, potholes in the road, traffic jam, Negligence, allegation of negligence, allegation of negligence on management, poor construction, Chhattisgarh, Chhattisgarh News, ट्रैफिक जाम, लापरवाही, घटिया निर्माण, छत्तीसगढ़, छत्तीसगढ़ न्यूज
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari