मृत शिक्षकों की विधवाओं से 4 लाख की रिश्वत, शिक्षा विभाग के लिपिक पर गंभीर आरोप
Harrison Masih | Jun 17, 2025, 20:27 IST
Bribe of 4 lakhs taken widows of dead teachers allegation on education department clerk the sootr
शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली और संवेदनहीनता एक बार फिर सवालों के घेरे में है। गरियाबंद जिले के फिंगेश्वर बीईओ कार्यालय में पदस्थ लिपिक पर मृत शिक्षकों की पत्नियों से पेंशन और उपादान राशि दिलाने के नाम पर 4 लाख रुपये की रिश्वत लेने का गंभीर आरोप लगा है।
शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली और संवेदनहीनता एक बार फिर सवालों के घेरे में है। गरियाबंद जिले के फिंगेश्वर बीईओ कार्यालय में पदस्थ लिपिक पर मृत शिक्षकों की पत्नियों से पेंशन और उपादान राशि दिलाने के नाम पर 4 लाख रुपये की रिश्वत लेने का गंभीर आरोप लगा है। मामले का खुलासा तब हुआ जब पीड़ित विधवाओं ने लिखित शिकायत बीईओ कार्यालय में दी और भाजपा नेता प्रीतम सिन्हा ने इस प्रकरण को लेकर पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा।
ये खबर भी पढ़ें... छत्तीसगढ़ चिकित्सा शिक्षा कार्यालय के बाबू को ACB ने रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा
फिंगेश्वर ब्लॉक के शिक्षक गेसराम दीवान और चेनसिंह दीवान की मृत्यु के बाद उनकी विधवाओं को शासन द्वारा पेंशन और उपादान की राशि मिलनी थी। लेकिन, इस पूरी प्रक्रिया को सहज रूप से लागू करने की बजाय पेंशन शाखा में पदस्थ लिपिक मजहर खान ने दोनों विधवाओं से 2-2 लाख रुपये की रिश्वत मांगी और यह राशि स्कूल के चपरासी खोरबहारा ध्रुव के माध्यम से दिसंबर 2024 में वसूली गई।
हालांकि, रिश्वत देने के बाद भी आज तक दोनों महिलाओं को न तो पेंशन मिली और न ही उपादान की राशि। गेसराम दीवान बोरिद हाईस्कूल में पदस्थ थे, जबकि उसका DDO कार्यालय फिंगेश्वर बीईओ के अधीन नहीं था, इसके बावजूद उसकी पत्नी से झांसा देकर रिश्वत वसूली गई।
ये खबर भी पढ़ें... BDA में रिश्वतखोरी: मॉडलर शहाबुद्दीन रिश्वत लेते पकड़ा गया, इस काम के लिए लेता था घूस
पीड़ितों के अनुसार, इस अवैध लेन-देन के समय कुछ गवाह भी मौजूद थे। रिश्वतखोरों ने यह कहकर डराया कि "बीईओ तक पैसा पहुंचाना है और किसी से कुछ मत कहना।" पीड़ितों ने कई बार बीईओ कार्यालय का चक्कर काटा, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
शिकायत मिलने के बावजूद बीईओ कार्यालय ने क्लर्क मजहर खान का केवल विभागीय स्थानांतरण कर दिया और कोई कठोर कार्रवाई नहीं की गई। इस लचर रवैये ने शिक्षा विभाग की संवेदनहीनता और मिलीभगत को उजागर कर दिया है।
ये खबर भी पढ़ें... भोपाल EOW ने राजस्व निरीक्षक को 4 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगेहाथ किया गिरफ्तार
भाजपा नेता प्रीतम सिन्हा ने इस घोटाले की शिकायत सीधे एसपी गरियाबंद से की। इसके बाद मामला मीडिया और प्रशासन की नज़र में आया और जिला शिक्षा अधिकारी ए.के. सारस्वत ने मामले की जांच के लिए टीम गठित करने की घोषणा की है।
हालांकि, फिंगेश्वर बीईओ रामेंद्र जोशी ने जांच से ज्यादा खुद को बचाते हुए केवल यह कहा कि आरोपी क्लर्क का स्थानांतरण पहले ही किया जा चुका है। उन्होंने कार्रवाई के सवाल पर चुप्पी साध ली।
इस मामले ने साफ कर दिया है कि शिक्षा विभाग में पेंशन और लाभ की प्रक्रियाएं रिश्वत और दलाली पर टिकी हुई हैं। मृत शिक्षकों की विधवाओं से धन ऐंठना सिर्फ भ्रष्टाचार नहीं, बल्कि मानवीय संवेदना का भी चीरहरण है। अब देखना यह है कि शिक्षा विभाग व शासन इस पर केवल औपचारिक जांच तक सीमित रहता है या सख्त कानूनी कार्रवाई करके एक मिसाल पेश करता है।
ये खबर भी पढ़ें... 32 लाख रिश्वत और अब किडनी का संकट! आरोपी MD ने मांगी जमानत
विधवाओं से 4 लाख की रिश्वत | लिपिक पर रिश्वत का आरोप | गरियाबंद क्लर्क | gariyaband | bribe alligation
अगर आपको ये खबर अच्छी लगी हो तो 👉 दूसरे ग्रुप्स, 🤝दोस्तों, परिवारजनों के साथ शेयर करें 📢🔃 🤝💬👩👦👨👩👧👧
ये खबर भी पढ़ें... छत्तीसगढ़ चिकित्सा शिक्षा कार्यालय के बाबू को ACB ने रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा
क्या है पूरा मामला?
हालांकि, रिश्वत देने के बाद भी आज तक दोनों महिलाओं को न तो पेंशन मिली और न ही उपादान की राशि। गेसराम दीवान बोरिद हाईस्कूल में पदस्थ थे, जबकि उसका DDO कार्यालय फिंगेश्वर बीईओ के अधीन नहीं था, इसके बावजूद उसकी पत्नी से झांसा देकर रिश्वत वसूली गई।
ये खबर भी पढ़ें... BDA में रिश्वतखोरी: मॉडलर शहाबुद्दीन रिश्वत लेते पकड़ा गया, इस काम के लिए लेता था घूस
गवाह भी मौजूद, फिर भी कार्रवाई नहीं
शिकायत मिलने के बावजूद बीईओ कार्यालय ने क्लर्क मजहर खान का केवल विभागीय स्थानांतरण कर दिया और कोई कठोर कार्रवाई नहीं की गई। इस लचर रवैये ने शिक्षा विभाग की संवेदनहीनता और मिलीभगत को उजागर कर दिया है।
ये खबर भी पढ़ें... भोपाल EOW ने राजस्व निरीक्षक को 4 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगेहाथ किया गिरफ्तार
राजनीतिक दबाव के बाद हरकत में आया शिक्षा विभाग
हालांकि, फिंगेश्वर बीईओ रामेंद्र जोशी ने जांच से ज्यादा खुद को बचाते हुए केवल यह कहा कि आरोपी क्लर्क का स्थानांतरण पहले ही किया जा चुका है। उन्होंने कार्रवाई के सवाल पर चुप्पी साध ली।
इस मामले ने साफ कर दिया है कि शिक्षा विभाग में पेंशन और लाभ की प्रक्रियाएं रिश्वत और दलाली पर टिकी हुई हैं। मृत शिक्षकों की विधवाओं से धन ऐंठना सिर्फ भ्रष्टाचार नहीं, बल्कि मानवीय संवेदना का भी चीरहरण है। अब देखना यह है कि शिक्षा विभाग व शासन इस पर केवल औपचारिक जांच तक सीमित रहता है या सख्त कानूनी कार्रवाई करके एक मिसाल पेश करता है।
ये खबर भी पढ़ें... 32 लाख रिश्वत और अब किडनी का संकट! आरोपी MD ने मांगी जमानत
विधवाओं से 4 लाख की रिश्वत | लिपिक पर रिश्वत का आरोप | गरियाबंद क्लर्क | gariyaband | bribe alligation
अगर आपको ये खबर अच्छी लगी हो तो 👉 दूसरे ग्रुप्स, 🤝दोस्तों, परिवारजनों के साथ शेयर करें 📢🔃 🤝💬👩👦👨👩👧👧
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari