नकटी पर बोले बृजमोहन इससे बहुत बदनामी हुई, मार्कण्डेय ने बताया कांग्रेस का काम

Arun Tiwari | Jul 05, 2026, 13:41 IST
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नकटी एक्शन पर भड़के बृजमोहन
नकटी एक्शन पर भड़के बृजमोहन

नकटी गांव में कार्रवाई पर बीजेपी में मतभेद देखने को मिल रहा है। बृजमोहन अग्रवाल ने इसे सरकार की छवि खराब करने वाला कदम बताया। नवीन मार्कण्डेय ने विवाद के लिए कांग्रेस शासन को जिम्मेदार ठहराया।

समझें क्या है पूरा मामला

Raipur : रायपुर के नकटी गांव में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को लेकर सियासत थमने का नाम नहीं ले रही है। इस पर बीजेपी में घमासान मचा हुआ है। एक ओर रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने इस कार्रवाई के लिए प्रशासनिक अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए इसे बीजेपी सरकार की छवि को नुकसान पहुंचाने वाला कदम बताया है।

उन्होंने कहा कि इससे बीजेपी की बहुत बदनामी हुई है जिसकी भरपाई मुश्किल है। वहीं दूसरी ओर बीजेपी प्रदेश महामंत्री नवीन मार्कण्डेय ने पूरे विवाद के लिए कांग्रेस की पूर्ववर्ती सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। इस तरह नकटी मामले पर बीजेपी के भीतर अलग-अलग बयान सामने आने से राजनीतिक बहस तेज हो गई है।

क्या बोले बृजमोहन

रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि नकटी गांव के लोगों से उनका लंबे समय से संपर्क रहा है। जैसे ही ग्रामीणों को नोटिस मिले, तब से वे लगातार प्रशासन और प्रभावित परिवारों के बीच समाधान निकालने का प्रयास कर रहे थे। उन्होंने बताया कि कार्रवाई से दो दिन पहले भी अधिकारियों और ग्रामीणों के साथ उनकी चर्चा हुई थी। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया था

कि बरसात के मौसम में मकान तोड़ने जैसी कार्रवाई न की जाए और ऐसा रास्ता निकाला जाए जिससे किसी गरीब परिवार को बेघर न होना पड़े। सांसद ने आरोप लगाया कि बातचीत जारी रहने के बावजूद अधिकारियों ने जल्दबाजी में कार्रवाई कर दी। उनका कहना है कि कुछ अधिकारियों ने अपनी सक्रियता दिखाने के लिए यह कदम उठाया, जिससे गरीब परिवारों को नुकसान पहुंचा और सरकार के साथ-साथ बीजेपी की छवि भी प्रभावित हुई। उन्होंने कहा कि इस नुकसान से जो बदनामी हुई है उसकी भरपाई आसान नहीं होगी।

पार्टी फोरम उठाएंगे मामला

बृजमोहन ने कहा कि यह बीजेपी की बड़ी बदनामी का मामला है और वे इस पूरे मामले को पार्टी मंच पर भी उठाएंगे। बृजमोहन ने कहा कि जो कुछ हुआ वह दुर्भाग्यपूर्ण है। अब प्राथमिकता प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और उन्हें सुरक्षित आवास उपलब्ध कराने की होनी चाहिए।

उन्होंने भरोसा दिलाया कि पुनर्वास से जुड़े हर प्रयास में वे पूरा सहयोग करेंगे। कांग्रेस द्वारा इस मुद्दे को लेकर सरकार पर हमले के सवाल पर उन्होंने कहा कि विपक्ष को मौका मिलेगा तो वह राजनीति करेगा, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर हुई गलती की जिम्मेदारी भी तय होनी चाहिए।

बीजेपी संगठन का अलग सुर

इधर बीजेपी प्रदेश महामंत्री नवीन मार्कण्डेय ने पूरे विवाद को कांग्रेस शासन की नीतियों का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि नकटी का मामला भूपेश बघेल सरकार के कार्यकाल में शुरू हुआ था। उनके अनुसार वर्ष 2020 में हाउसिंग बोर्ड ने इस क्षेत्र में आवासीय कॉलोनी की प्रक्रिया शुरू की थी और बाद में अतिक्रमण से जुड़े मामले सामने आए।

उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार के समय शासकीय भूमि से जुड़े फैसलों के कारण यह स्थिति बनी। मार्कण्डेय ने कहा कि वर्तमान सरकार प्रभावित परिवारों के पुनर्वास को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने दावा किया कि 61 प्रभावित परिवारों को सेक्टर-30 में आवास आवंटित किए जा चुके हैं और पुनर्वास की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। उन्होंने कांग्रेस पर भोले-भाले ग्रामीणों को गुमराह कर राजनीतिक माहौल बनाने का आरोप भी लगाया।

NDRA की सफाई

इस बीच नया रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण (एनआरडीए) ने ग्राम तूता को लेकर चल रही चर्चाओं पर भी स्थिति स्पष्ट की है। प्राधिकरण ने कहा कि फिलहाल गांव में किसी प्रकार की विस्थापन कार्रवाई प्रस्तावित नहीं है। अधिकारियों के अनुसार अतिक्रमण संबंधी शिकायतों पर केवल नियमानुसार नोटिस जारी किए गए हैं और किसी परिवार को हटाने की कार्रवाई नहीं की जा रही है। एनआरडीए ने यह भी बताया कि गांव के प्रतिनिधियों के साथ चर्चा का सिलसिला जारी है।

नकटी बना बड़ा मुद्दा

नकटी प्रकरण अब प्रशासनिक कार्रवाई से आगे बढ़कर राजनीतिक मुद्दा बन चुका है। एक ओर बीजेपी के वरिष्ठ नेता अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठा रहे हैं, तो दूसरी ओर पार्टी संगठन इस पूरे विवाद की जड़ कांग्रेस सरकार के समय लिए गए फैसलों को बता रहा है। ऐसे में आने वाले दिनों में यह मामला राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बना रहने वाला है।

FAQ

  1. नकटी गांव का मामला क्या है?
    नकटी गांव में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई हुई। इसी कार्रवाई को लेकर राजनीतिक विवाद बढ़ गया।
  2. बृजमोहन अग्रवाल ने क्या कहा?
    उन्होंने कहा कि कार्रवाई जल्दबाजी में हुई। इससे बीजेपी सरकार की बदनामी हुई।
  3. नवीन मार्कण्डेय ने किसे जिम्मेदार बताया?
    उन्होंने इस विवाद के लिए कांग्रेस की पिछली सरकार को जिम्मेदार बताया।

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