नकटी बुलडोजर एक्शन पर बृजमोहन अग्रवाल नाराज : बोले- अफसरों पर हो सख्त एक्शन...
Harrison Masih | Jul 02, 2026, 19:39 IST
नकटी विवाद पर बोले सांसद बृजमोहन अग्रवाल 2026
रायपुर के माना क्षेत्र स्थित नकटी गांव में बेदखली कार्रवाई को लेकर विवाद गहरा गया है। विधायक कॉलोनी के लिए मकानों को तोड़े जाने के बाद सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने प्रशासन की कार्रवाई पर नाराजगी जताई है। उन्होंने अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
राजधानी रायपुर के माना क्षेत्र स्थित नकटी गांव में बेदखली और मकान तोड़ने की कार्रवाई को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। अब इस मामले में रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने खुलकर नाराजगी जताई है। उन्होंने रात में की गई प्रशासनिक कार्रवाई को गलत बताते हुए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
सांसद ने स्पष्ट कहा कि ग्रामीणों से बातचीत और आश्वासन के बावजूद जिस तरह से घरों में तोड़फोड़ की गई, वह किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रशासन को संवेदनशील मामलों में मानवीय दृष्टिकोण अपनाना चाहिए था।
मीडिया से बातचीत में सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि उनसे चर्चा होने के बाद भी ग्रामीणों के घरों पर बुलडोजर चलाया गया, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
उन्होंने कहा, "रात के अंधेरे में पहुंचकर इस तरह की कार्रवाई करना पूरी तरह गलत है। जिन अधिकारियों ने यह दुस्साहस किया है, उनके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।"
सांसद ने कहा कि नकटी गांव का मामला बेहद संवेदनशील है और वे पहले दिन से ग्रामीणों के पक्ष में खड़े हैं।
बृजमोहन अग्रवाल ने दोहराया कि उनका रुख पहले जैसा ही है और वे ग्रामीणों को बेदखल किए जाने के पक्ष में नहीं हैं। उन्होंने कहा कि गांव के लोगों की समस्याओं का समाधान मानवीय आधार पर निकाला जाना चाहिए।
"मैं अपने स्टैंड पर कायम हूं। नकटी गांव के लोगों के साथ कल भी था, आज भी हूं और आगे भी रहूंगा।"
सांसद ने यह भी कहा कि जिस मंच पर और जहां बात रखने की जरूरत होती है, वे वहां अपनी बात मजबूती से रखते हैं।
पूर्व उप मुख्यमंत्री टी एस सिंहदेव और प्रदेश महिला कांग्रेस की कार्यकारी अध्यक्ष संगीता सिंह भी नकटी गांव पहुंचे। दोनों नेताओं ने स्थानीय लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने प्रभावित परिवारों को हरसंभव मदद का भरोसा देते हुए कहा कि कांग्रेस इस पूरे मामले में ग्रामीणों के साथ मजबूती से खड़ी है और उनके अधिकारों की लड़ाई जारी रखेगी।
दरअसल, रायपुर के माना क्षेत्र स्थित नकटी गांव में प्रस्तावित विधायक कॉलोनी परियोजना के लिए प्रशासन ने सोमवार को बड़ी बेदखली कार्रवाई की।
प्रशासनिक टीम ने जेसीबी मशीनों की मदद से करीब 77 मकानों को ध्वस्त कर दिया, जिनमें प्रधानमंत्री आवास योजना और इंदिरा आवास योजना के तहत बने 32 मकान भी शामिल बताए जा रहे हैं।
बेदखली कार्रवाई को लेकर किसी भी विरोध की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने रविवार देर रात से ही इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी थी। जानकारी के मुताबिक 1000 से अधिक पुलिस जवानों की तैनाती की गई थी।
सोमवार सुबह जैसे ही प्रशासनिक अमला जेसीबी मशीनों के साथ गांव पहुंचा, ग्रामीणों ने विरोध शुरू कर दिया। कई लोग मशीनों के सामने खड़े हो गए, जिसके बाद पुलिस और ग्रामीणों के बीच धक्का-मुक्की और तीखी नोकझोंक भी हुई।
ग्रामीणों में नाराजगी की एक बड़ी वजह यह भी है कि बेदखली से दो दिन पहले सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने गांव पहुंचकर लोगों को भरोसा दिलाया था कि बरसात के मौसम में किसी के मकान नहीं तोड़े जाएंगे।
ग्रामीणों का आरोप है कि सांसद के आश्वासन के बावजूद प्रशासन ने अचानक कार्रवाई करते हुए उनके घरों को तोड़ दिया। इसी कारण प्रभावित परिवारों और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है।
नकटी गांव बेदखली विवाद अब प्रशासनिक मुद्दे से आगे बढ़कर राजनीतिक विषय बनता जा रहा है। एक ओर प्रभावित ग्रामीण कार्रवाई के विरोध में धरना दे रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सांसद बृजमोहन अग्रवाल के बयान ने मामले को और तूल दे दिया है।
अब सबकी नजर इस बात पर है कि सरकार और प्रशासन इस विवाद पर क्या रुख अपनाते हैं और प्रभावित परिवारों के पुनर्वास तथा मुआवजे को लेकर आगे क्या निर्णय लिया जाता है।
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सांसद ने स्पष्ट कहा कि ग्रामीणों से बातचीत और आश्वासन के बावजूद जिस तरह से घरों में तोड़फोड़ की गई, वह किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रशासन को संवेदनशील मामलों में मानवीय दृष्टिकोण अपनाना चाहिए था।
रात के अंधेरे में कार्रवाई करना गलत
उन्होंने कहा, "रात के अंधेरे में पहुंचकर इस तरह की कार्रवाई करना पूरी तरह गलत है। जिन अधिकारियों ने यह दुस्साहस किया है, उनके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।"
सांसद ने कहा कि नकटी गांव का मामला बेहद संवेदनशील है और वे पहले दिन से ग्रामीणों के पक्ष में खड़े हैं।
नकटी वालों के साथ था, हूं और रहूंगा
"मैं अपने स्टैंड पर कायम हूं। नकटी गांव के लोगों के साथ कल भी था, आज भी हूं और आगे भी रहूंगा।"
सांसद ने यह भी कहा कि जिस मंच पर और जहां बात रखने की जरूरत होती है, वे वहां अपनी बात मजबूती से रखते हैं।
टीएस सिंहदेव ने भी दिया समर्थन
क्या है नकटी गांव बेदखली मामला?
प्रशासनिक टीम ने जेसीबी मशीनों की मदद से करीब 77 मकानों को ध्वस्त कर दिया, जिनमें प्रधानमंत्री आवास योजना और इंदिरा आवास योजना के तहत बने 32 मकान भी शामिल बताए जा रहे हैं।
रात से तैनात थी भारी पुलिस फोर्स
सोमवार सुबह जैसे ही प्रशासनिक अमला जेसीबी मशीनों के साथ गांव पहुंचा, ग्रामीणों ने विरोध शुरू कर दिया। कई लोग मशीनों के सामने खड़े हो गए, जिसके बाद पुलिस और ग्रामीणों के बीच धक्का-मुक्की और तीखी नोकझोंक भी हुई।
सांसद के आश्वासन के बाद भी चली कार्रवाई
ग्रामीणों का आरोप है कि सांसद के आश्वासन के बावजूद प्रशासन ने अचानक कार्रवाई करते हुए उनके घरों को तोड़ दिया। इसी कारण प्रभावित परिवारों और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है।
राजनीतिक रंग लेने लगा मामला
अब सबकी नजर इस बात पर है कि सरकार और प्रशासन इस विवाद पर क्या रुख अपनाते हैं और प्रभावित परिवारों के पुनर्वास तथा मुआवजे को लेकर आगे क्या निर्णय लिया जाता है।
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