छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट : पद खाली नहीं है का बहाना बनाकर बैंक नहीं छीन सकता अनुकंपा नियुक्ति का हक
Umeshwari Baghel | May 17, 2026, 15:03 IST
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छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने कहा कि कर्मचारी की मृत्यु के समय ही उसका पद रिक्त माना जाएगा और पद खाली नहीं का बहाना नहीं चलेगा। संतोष सिन्हा के आवेदन को बैंक ने सालों तक लटकाया था।
NEWS IN SHORT
- हाईकोर्ट ने बैंक की टालमटोल पर जताई सख्त नाराजगी
- पद खाली नहीं' कहकर हक से नहीं कर सकते वंचित : हाईकोर्ट
- हाईकोर्ट का फैसला कर्मचारी की मौत के वक्त का ही पद रिक्त माना जाए
- अनुकंपा नियुक्ति में तकनीकी बहानेबाजी नहीं चलेगी
- कोर्ट का बैंक को सख्त निर्देश : 90 दिनों के भीतर दें नौकरी
NEWS IN DETAIL
क्या है पूरा मामला?
बैंक प्रबंधन ने किया भेदभाव, सालों तक लटकाए रखा मामला
इसके खिलाफ संतोष सिन्हा ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। याचिकाकर्ता के वकील अनादि शर्मा ने कोर्ट में दलील दी कि बैंक ने अपनी ही अनुकंपा नीति के नियमों को ताक पर रखकर काम किया है। बैंक की नीति में साफ लिखा है कि ऐसे संकटग्रस्त परिवारों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। वकील ने यह भी बताया कि इसी तरह के दूसरे मामलों में अन्य उम्मीदवारों को नौकरियां दी गईं, लेकिन याचिकाकर्ता के साथ सीधा भेदभाव किया गया।
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कही यह बड़ी बात
90 दिनों के भीतर नौकरी देने का आदेश
हाईकोर्ट का यह फैसला आने वाले समय में महत्वपूर्ण साबित होगा। अक्सर देखा जाता है कि कई विभाग और संस्थाएं तकनीकी कमियों या खाली पद न होने का बहाना बनाकर आश्रित परिवारों को सालों तक चक्कर कटवाती हैं, अब उन मामलों में इस फैसले से सीधा फायदा मिलेगा।
FAQ
- हाईकोर्ट का नया नियम क्या है?
कर्मचारी की मौत के वक्त ही उसका पद खाली माना जाएगा। बाद में 'पद खाली नहीं है' का बहाना नहीं चलेगा। - क्या विभाग तकनीकी कारणों से आवेदन निरस्त कर सकता है?
नहीं। अनुकंपा नियुक्ति का मकसद परिवार को तुरंत आर्थिक राहत देना है, इसलिए इसमें मानवीय नजरिया जरूरी है। - अगर विभाग आश्रितों के साथ भेदभाव करे तो क्या करें?
पीड़ित पक्ष सीधे हाईकोर्ट में चुनौती दे सकता है। इस मामले में भी भेदभाव के कारण बैंक का आदेश रद्द हुआ। - आवेदन कब तक कर देना चाहिए?
मृत कर्मचारी के आश्रित को तय समयसीमा के भीतर (जैसे इस मामले में 2 महीने के भीतर) तुरंत आवेदन कर देना चाहिए। - कोर्ट ने बैंक को क्या आदेश दिया?
छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक को 90 दिनों के भीतर याचिकाकर्ता को चतुर्थ श्रेणी (Class-4) पद पर नौकरी देने का निर्देश दिया।
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