छत्तीसगढ़ में सूचना आयुक्त की नियुक्ति का रास्ता साफ, HC ने खारिज की याचिकाएं, 25 साल अनुभव की शर्त को दी थी चुनौती
Sanjay Dhiman | Nov 13, 2025, 18:17 IST
Photograph: (the sootr)
राज्य सूचना आयुक्त की नियुक्ति प्रक्रिया पर हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला दिया है। कोर्ट ने 25 साल के अनुभव की शर्त को चुनौती देने वाली याचिकाएं खारिज कर दी है। इस तरह नियुक्ति प्रक्रिया को मंजूरी मिली है।
BILASPUR. छत्तीसगढ़ राज्य सूचना आयुक्त के पद पर 25 साल अनुभव की शर्त पर हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया है। हाईकोर्ट ने इस शर्त को सही मानते हुए सभी याचिकाएं खारिज कर दी हैं। जस्टिस नरेंद्र कुमार व्यास की सिंगल बेंच ने कहा कि जब आवेदन अधिक होते हैं, तो चयन प्रक्रिया में शॉर्टलिस्टिंग महत्वपूर्ण होती है।
अनिल तिवारी, राजेंद्र कुमार पाध्ये और डॉ. दिनेश्वर प्रसाद सोनी ने राज्य सूचना आयुक्त की नियुक्ति प्रक्रिया को चुनौती दी। इन याचिकाओं में 25 साल के अनुभव की शर्त को अनुचित बताया गया। याचिकाकर्ताओं ने कहा कि अनुभव की यह शर्त उम्मीदवारों के लिए असमानता पैदा करती है। याचिका में यह भी तर्क दिया गया कि शर्तें चयन प्रक्रिया के बाद बदली गई हैं। उम्मीदवारों को विधि, विज्ञान, समाजसेवा, पत्रकारिता या प्रशासन के क्षेत्र में अनुभव होना चाहिए। इसके अलावा उम्मीदवारों की आयु 65 साल से कम होनी चाहिए।
यह खबरें भी पढ़ें...
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने दिए निर्देश: सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का कड़ाई से पालन करें अधिकारी
38 साल की सेवा के बाद भी ‘अवैध नियुक्ति’ का ठप्पा, हाईकोर्ट ने सरकार से मांगा जवाब
याचिकाकर्ताओं का कहना था कि आरटीआई एक्ट में अनुभव की कोई न्यूनतम शर्त नहीं है। उन्होंने सरकार के फैसले को खेल के बीच में नियम बदलने जैसा बताया। छत्तीसगढ़ सरकार ने सर्च कमेटी के फैसले का समर्थन किया और इसे उचित ठहराया। सरकार का कहना था कि अनुभव की शर्त आरटीआई एक्ट के अनुसार है। बिलासपुर हाईकोर्ट ने सर्च कमेटी की शर्तों को सही ठहराया और याचिकाओं को खारिज किया। इस फैसले के बाद सूचना आयुक्त की नियुक्ति का रास्ता साफ हो गया है। अब 25 साल का अनुभव और आयु सीमा तय कर नियुक्ति प्रक्रिया को मंजूरी मिल गई है।
राज्य सरकार ने इस फैसले का स्वागत किया है। सरकार के अनुसार सर्च कमेटी को शर्तें तय करने का पूरा अधिकार है। उनका कहना था कि आरटीआई एक्ट के तहत सूचना आयुक्त पद के लिए एक अनुभव और ज्ञान जरूरी है। उच्च न्यायालय ने इस पक्ष को सही ठहराया और याचिकाओं को खारिज कर दिया।
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि किसी पद के लिए बहुत सारे आवेदन आते हैं। इसलिए सर्च कमेटी को शॉर्टलिस्टिंग के मानदंड तय करने का अधिकार है। यही नहीं, कोर्ट ने यह भी माना कि 25 साल का अनुभव इस पद के लिए जरूरी है। यह किसी प्रकार से मनमाना या अवैध नहीं है।
यह खबरें भी पढ़ें...
छत्तीसगढ़ में रद्द हुई 3 ट्रेनें, 2 ट्रेनों का बदला रूट, रेल यात्रियों को होगी परेशानी, जानें क्या है वजह
ठेके पर नहीं मिलेगी शराब, छत्तीसगढ़ में जारी रहेगा सरकारी सिस्टम, नई पॉलिसी में इस बदलाव पर राजी नहीं सीएम
सर्च कमेटी का अधिकार: कोर्ट ने सर्च कमेटी को उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्ट करने के मानदंड तय करने का अधिकार दिया।
निर्धारित मानदंड: 25 साल का अनुभव और आयु सीमा के आधार पर उम्मीदवारों का चयन होगा।
आरटीआई एक्ट 2005: याचिकाकर्ताओं का तर्क था कि आरटीआई एक्ट में इस तरह के अनुभव की शर्त नहीं है, लेकिन कोर्ट ने इसे सही माना।
25 साल के अनुभव की शर्त पर कोर्ट का फैसला
यह खबरें भी पढ़ें...
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने दिए निर्देश: सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का कड़ाई से पालन करें अधिकारी
38 साल की सेवा के बाद भी ‘अवैध नियुक्ति’ का ठप्पा, हाईकोर्ट ने सरकार से मांगा जवाब
अनुभव की कोई न्यूनतम शर्त नहीं है
राज्य सरकार का पक्ष
शॉर्टलिस्टिंग प्रक्रिया को लेकर कोर्ट का रुख
यह खबरें भी पढ़ें...
छत्तीसगढ़ में रद्द हुई 3 ट्रेनें, 2 ट्रेनों का बदला रूट, रेल यात्रियों को होगी परेशानी, जानें क्या है वजह
ठेके पर नहीं मिलेगी शराब, छत्तीसगढ़ में जारी रहेगा सरकारी सिस्टम, नई पॉलिसी में इस बदलाव पर राजी नहीं सीएम
फैसले से जुड़ी अन्य महत्वपूर्ण बातें
निर्धारित मानदंड: 25 साल का अनुभव और आयु सीमा के आधार पर उम्मीदवारों का चयन होगा।
आरटीआई एक्ट 2005: याचिकाकर्ताओं का तर्क था कि आरटीआई एक्ट में इस तरह के अनुभव की शर्त नहीं है, लेकिन कोर्ट ने इसे सही माना।
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari