छत्तीसगढ़ में स्टार्टअप के लिए 52 लोगों ने दी अर्जी,7 की इंडस्ट्री लगाने में ही ओवर हो गया बजट
Arun Tiwari | Aug 22, 2025, 18:28 IST
CG-startup-report-2025-unemployment-budget-crisis the sootr
रायपुर : बेरोजगारी देश और प्रदेश की सबसे बड़ी समस्या है। राज्य सरकार के पास रोजगार के लिए कोई फुल प्रूफ प्लान भी नजर नहीं आता है। इस मुश्किल से निजात पाने के लिए ही स्टार्टअप योजना को केंद्र से लेकर राज्य सरकार तक बड़े टूल के रुप में देख रही हैं।
रायपुर : बेरोजगारी देश और प्रदेश की सबसे बड़ी समस्या है। राज्य सरकार के पास रोजगार के लिए कोई फुल प्रूफ प्लान भी नजर नहीं आता है। इस मुश्किल से निजात पाने के लिए ही स्टार्टअप योजना को केंद्र से लेकर राज्य सरकार तक बड़े टूल के रुप में देख रही हैं। हाल ही में 15 अगस्त के भाषण पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मंच से कहा कि स्टार्टअप योजना उनकी प्राथमिकता में है।
इस योजना के छत्तीसगढ़ में हाल क्या हैं इसकी पड़ताल द सूत्र ने की। खासतौर पर तब की जब से विष्णु सरकार ने सत्ता संभाली है। बीजेपी सरकार ने दो बार अपना बजट पेश किया है। इन दोनों बजट में ही स्टार्टअप के लिए कोई बड़ा फंड नहीं रखा गया। प्रदेश में 52 लोगों ने स्टार्टअप शुरु करने की अर्जी दी है लेकिन छत्तीसगढ़ की जमीन पर महज 7 इंडस्ट्री ही शुरु हो पाई हैं। इनको शुरु करवाने में ही सरकार का पूरा बजट लग गया। अब बाकी को अपनी बारी का इंतजार है।
ये खबर भी पढ़ें... अरपा भैंसाझार भूमि घोटाला: अब EOW करेगी 1100 करोड़ के भूमि घोटाले की जांच
स्टार्टअप मोदी सरकार की सबसे महत्वाकांक्षी योजना है। बीजेपी शासित राज्य भी इस पर खास फोकस कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ में 35 लाख से ज्यादा पढ़े लिखे बेरोजगार हैं। अब इनके हाथों को काम देने के लिए सरकार के पास न तो सरकारी नौकरी हैं और न ही इतना निवेश है कि इनको रोजगार दिया जा सके। रोजगार के लिए विष्णु सरकार स्टार्टअप को प्रायोरिटी में शामिल करने की बात करती है।
द सूत्र ने छत्तीसगढ़ में स्टार्टअप को लेकर पड़ताल की। बीजेपी सरकार बनने के बाद पिछले डेढ़ साल में आखिर यहां पर कितने स्टार्टअप शुरु हुए और लोगों ने स्टार्टअप के लिए दिलचस्पी दिखाई। स्टार्टअप शुरु करने में सरकार का लोन ही आधार होता है। सरकार रियायती दर पर लोन देकर ही स्टार्टअप शुरु करवाती है और कुछ सुविधाएं भी मुहैया कराती है।
सरकार इस लोन को वसूलने के लिए इंडस्ट्री लगाने वाले युवाओं को कुछ साल की मोहलत भी देती है। स्टार्टअप का एक फायदा ये भी नजर आता है कि इसमें कुछ और लोगों को रोजगार मिल जाता है। आइए आपको बताते हैं कि आखिर छत्तीसगढ़ सरकार ने इसके लिए कितने बजट का प्रावधान किया।
ये खबर भी पढ़ें... पत्रकार मुकेश चंद्राकर हत्याकांड के आरोपी ठेकेदार को हाईकोर्ट से झटका, याचिका खारिज
पिछले डेढ़ साल में सरकार ने दो बजट पेश किए हैं। पहला बजट साल 2024-25 में आया था जिसमें स्टार्टअप के लिए 3 करोड़ रुपए बजट में रखे गए थे। इसके बाद साल 2025-26 का बजट आया। इस बजट में स्टार्टअप का फंड 5 करोड़ रुपए रखा गया है। इन डेढ़ सालों में स्टार्टअप शुरु करने की 52 अर्जियां आईं। यानी 52 लोगों ने ऑनलाइन पोर्टल में रजिस्ट्रेशन करवाया।
लेकिन अब तक छत्तीसगढ़ की जमीन पर 7 उद्योग ही शुरु हो पाए हैं। क्योंकि इनको लोन देने में ही सरकार का बजट पूरा हो गया। अब बाकी को अपनी बारी का इंतजार है। जो 7 उद्योग शुरु हो पाए हैं उनको 5 करोड़ 45 लाख 52 हजार 117 रुपए का वित्त पोषण सरकार की तरफ से किया गया।
ये खबर भी पढ़ें... मेडिकल छात्रा से यौन उत्पीड़न का आरोप, सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की डॉ. आशीष सिन्हा की याचिका
एक्वायर फूड एंड बेवरेज,रायपुर - 1 करोड़ 93 लाख रुपए
जयस हाईड्रॉलिक इंडस्ट्री,रायपुर - 2 लाख रुपए
करसा राइस मिल,बलौदा बाजार - 70 लाख रुपए
स्टील वर्क्स एंड इनोवेशन,बेमेतरा - 73 लाख रुपए
वर्धमान राइस मिल,राजनांदगांव - 1 करोड़ 68 लाख रुपए
ईकोक्वीट एवरीवेयर,कबीरधाम - 53 लाख रुपए
कांकेर फॉर्माटेक,कांकेर - 6 लाख 37 हजार रुपए
जाहिर है बेरोजगार ज्यादा हैं और स्टार्टअप का बजट कम। सरकार रोजगार के लिए उन कंपनियों के आश्रित है जो छत्तीसगढ़ में इन्वेस्ट करने में रुचि दिखा रही हैं। प्रदेश की माली हालत बहुत अच्छी नहीं है लेकिन फ्रीबीज पर पैसा बांटने से ज्यादा जरुरी रोजगार के ऐसे अवसर मुहैया कराना ज्यादा जरुरी है जिसे स्टार्टअप कहा जाता है। CG News
अगर आपको ये खबर अच्छी लगी हो तो 👉 दूसरे ग्रुप्स, 🤝दोस्तों, परिवारजनों के साथ शेयर करें📢🔃🤝💬👩👦👨👩👧👧
इस योजना के छत्तीसगढ़ में हाल क्या हैं इसकी पड़ताल द सूत्र ने की। खासतौर पर तब की जब से विष्णु सरकार ने सत्ता संभाली है। बीजेपी सरकार ने दो बार अपना बजट पेश किया है। इन दोनों बजट में ही स्टार्टअप के लिए कोई बड़ा फंड नहीं रखा गया। प्रदेश में 52 लोगों ने स्टार्टअप शुरु करने की अर्जी दी है लेकिन छत्तीसगढ़ की जमीन पर महज 7 इंडस्ट्री ही शुरु हो पाई हैं। इनको शुरु करवाने में ही सरकार का पूरा बजट लग गया। अब बाकी को अपनी बारी का इंतजार है।
ये खबर भी पढ़ें... अरपा भैंसाझार भूमि घोटाला: अब EOW करेगी 1100 करोड़ के भूमि घोटाले की जांच
छत्तीसगढ़ में धक्कामार स्टार्टअप :
द सूत्र ने छत्तीसगढ़ में स्टार्टअप को लेकर पड़ताल की। बीजेपी सरकार बनने के बाद पिछले डेढ़ साल में आखिर यहां पर कितने स्टार्टअप शुरु हुए और लोगों ने स्टार्टअप के लिए दिलचस्पी दिखाई। स्टार्टअप शुरु करने में सरकार का लोन ही आधार होता है। सरकार रियायती दर पर लोन देकर ही स्टार्टअप शुरु करवाती है और कुछ सुविधाएं भी मुहैया कराती है।
सरकार इस लोन को वसूलने के लिए इंडस्ट्री लगाने वाले युवाओं को कुछ साल की मोहलत भी देती है। स्टार्टअप का एक फायदा ये भी नजर आता है कि इसमें कुछ और लोगों को रोजगार मिल जाता है। आइए आपको बताते हैं कि आखिर छत्तीसगढ़ सरकार ने इसके लिए कितने बजट का प्रावधान किया।
ये खबर भी पढ़ें... पत्रकार मुकेश चंद्राकर हत्याकांड के आरोपी ठेकेदार को हाईकोर्ट से झटका, याचिका खारिज
बजट कम - अर्जी ज्यादा :
लेकिन अब तक छत्तीसगढ़ की जमीन पर 7 उद्योग ही शुरु हो पाए हैं। क्योंकि इनको लोन देने में ही सरकार का बजट पूरा हो गया। अब बाकी को अपनी बारी का इंतजार है। जो 7 उद्योग शुरु हो पाए हैं उनको 5 करोड़ 45 लाख 52 हजार 117 रुपए का वित्त पोषण सरकार की तरफ से किया गया।
ये खबर भी पढ़ें... मेडिकल छात्रा से यौन उत्पीड़न का आरोप, सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की डॉ. आशीष सिन्हा की याचिका
छत्तीसगढ़ में शुरु हुए ये 7 स्टार्टअप और इतनी वित्तीय मदद :
जयस हाईड्रॉलिक इंडस्ट्री,रायपुर - 2 लाख रुपए
करसा राइस मिल,बलौदा बाजार - 70 लाख रुपए
स्टील वर्क्स एंड इनोवेशन,बेमेतरा - 73 लाख रुपए
वर्धमान राइस मिल,राजनांदगांव - 1 करोड़ 68 लाख रुपए
ईकोक्वीट एवरीवेयर,कबीरधाम - 53 लाख रुपए
कांकेर फॉर्माटेक,कांकेर - 6 लाख 37 हजार रुपए
जाहिर है बेरोजगार ज्यादा हैं और स्टार्टअप का बजट कम। सरकार रोजगार के लिए उन कंपनियों के आश्रित है जो छत्तीसगढ़ में इन्वेस्ट करने में रुचि दिखा रही हैं। प्रदेश की माली हालत बहुत अच्छी नहीं है लेकिन फ्रीबीज पर पैसा बांटने से ज्यादा जरुरी रोजगार के ऐसे अवसर मुहैया कराना ज्यादा जरुरी है जिसे स्टार्टअप कहा जाता है। CG News
thesootr links
- मध्यप्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- छत्तीसगढ़की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- राजस्थान की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- रोचक वेब स्टोरीज देखने के लिए करें क्लिक
- जॉब्सऔरएजुकेशन की खबरें पढ़ने के लिए क्लिक करें
- निशुल्क वैवाहिक विज्ञापनऔरक्लासिफाइड देखने के लिए क्लिक करें
अगर आपको ये खबर अच्छी लगी हो तो 👉 दूसरे ग्रुप्स, 🤝दोस्तों, परिवारजनों के साथ शेयर करें📢🔃🤝💬👩👦👨👩👧👧
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari