बिजली बिल हाफ योजना में कटौती के खिलाफ कांग्रेस का हल्लाबोल, बीजेपी ऑफिस के बाहर प्रदर्शन
Pravesh Shukla | Aug 07, 2025, 17:35 IST
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छत्तीसगढ़ में 400 यूनिट तक की बिजली माफ योजना को घटाकर 100 यूनिट किए जाने के विरोध में कांग्रेस गुरुवार को राजधानी समेत प्रदेश के सभी जिला मुख्यालय में बिजली ऑफिस के सामने प्रदर्शन कर रही है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सरकार का पुतला दहन किया।
छत्तीसगढ़ में 400 यूनिट तक की बिजली माफ योजना को घटाकर 100 यूनिट किए जाने के विरोध में कांग्रेस गुरुवार को राजधानी समेत प्रदेश के सभी जिलामुख्यालयमें बिजली ऑफिस के सामने प्रदर्शन कर रही है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सरकार का पुतला दहन किया।
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रायपुर केबूढ़ापाराबिजली ऑफिस के पास कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में कांग्रेस जिला अध्यक्ष गिरीशदुबे, पूर्वमेयरप्रमोददुबेसहित अन्य नेता-कार्यकर्ता मौजूद रहे। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफनारेबाजीकी। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ पुलिसकर्मियों सेझूमाझटकीभी हुई।
पूर्वमहापौरप्रमोददुबेने कहा कि राज्य में करीब 22.5 लाख मध्यम वर्गीय परिवार हैं जोहाफबिजली योजना से सीधे लाभान्वित होते थे। उन्होंने बताया कि पहले इन परिवारों का बिजली बिल 750 से 1100 रुपए तक आता था, लेकिन अब वही बिल 1700 से 2400 रुपए तक आएगा।
इसी तरह जो परिवार 400 से 500 यूनिट तक बिजली खर्च करते थे, उनका बिल 1200 से 1500 रुपए के बीच होता था, लेकिन अब उन्हें 3000 से 3700 रुपए तक चुकाने पड़ सकते हैं। यानी लोगों पर 1200 से 2000 रुपए तक का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। प्रमोददुबेने यह भी कहा कि इससे पहले भी सरकार चार बार बिजली दरें बढ़ा चुकी है। हर बार 20 पैसे की बढ़ोतरी करते हुए कुल 80 पैसे से डेढ़ रुपए प्रति यूनिट तक बढ़ा दिया गया था।
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उन्होंने कहा कि जब इन सब बढ़ोतरी को जोड़ते हैं, तो लोगों पर तीन से चार गुना ज्यादा भार पड़ रहा है। सरकार भले ही कह रही है कि 31 लाख परिवार लाभ में हैं, लेकिन 22.5 लाख मध्यम वर्गीय परिवार, जो हर महीने 100 से 400 यूनिट बिजली इस्तेमाल करते हैं, उनका भी ध्यान रखना जरूरी था।
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पूर्व विधायककुलदीपजुनेजाने कहा कि मौजूदा सरकार को बने दो साल हो गए, लेकिन अब तक ऐसा कोई भी काम नहीं किया जिससे आम जनता को सीधा फायदा मिला हो। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के पांच साल के कार्यकाल के दौरान कई योजनाएं चलाई गई थीं, जिनसे लोगों को राहत मिली थी। लेकिन अब उन योजनाओं को भी बंद कर दिया गया है।
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जनहित में
जुनेजाने कहा कि सरकारमहतारीवंदन योजना के तहत एक ओर 1,000 रुपए महिलाओं को दे रही है, लेकिन दूसरी ओर बहन-बेटियों के घर से 5,000 रुपए निकाल रही है। इन्हीं बातों के विरोध में कांग्रेस ने आज प्रदर्शन किया।
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बिजली ऑफिस के बाहर प्रदर्शन
22.5 लाख मिडिल क्लास परिवार पर भार: प्रमोद दुबे
प्रमोद दुबे ने लगाए आरोप
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'तीन से चार गुना ज्यादा भार'
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'बीजेपी सरकार ने नहीं किया कोई काम'
पांच प्वॉइंट में पूरी खबर
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जनहित में कांग्रेस का प्रदर्शन
FAQ
- सवाल 1: कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ में किस मुद्दे पर प्रदर्शन किया?
जवाब: कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा 400 यूनिट तक मुफ्त बिजली की योजना घटाकर 100 यूनिट करने के निर्णय के विरोध में प्रदर्शन किया। कांग्रेस का कहना है कि इससे 22.5 लाख मध्यम वर्गीय परिवारों पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा। - सवाल 2 : योजना में बदलाव से आम लोगों को कितना अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ सकता है?
जवाब: पूर्व महापौर प्रमोद दुबे के अनुसार, पहले जिनका बिजली बिल 750 से 1100 रुपए आता था, अब उनका बिल 1700 से 2400 रुपए तक पहुंच सकता है। जो परिवार 400-500 यूनिट बिजली इस्तेमाल करते हैं, उन्हें अब 3000 से 3700 रुपए तक चुकाने पड़ सकते हैं। - सवाल 3: प्रदर्शन में कांग्रेस नेताओं ने सरकार पर क्या आरोप लगाए?
जवाब: कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने अब तक कोई ऐसा काम नहीं किया जिससे आम जनता को सीधा लाभ मिला हो। उन्होंने यह भी कहा कि बिजली दरें चार बार बढ़ाई जा चुकी हैं, और सरकार की अन्य योजनाएं सिर्फ दिखावा हैं, जबकि असली राहत वाली योजनाओं को बंद कर दिया गया है।
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