छत्तीसगढ़ में धान खरीदी के बाद कुटाई शुरू, कांग्रेस का आरोप सरकार ने जानबूझकर कम खरीदा धान

Arun Tiwari | Feb 02, 2026, 20:26 IST
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Threshing starts after purchasing paddy in Chhattisgarh, Congress alleges
Photograph: (the sootr)

छत्तीसगढ़ में धान खरीदी के बाद कुटाई शुरू हो गई है। कांग्रेस ने सरकार पर आरोप लगाया है कि उसने जानबूझकर लक्ष्य से कम धान खरीदी की। किसान परेशान हैं।

NEWS IN SHORT

  • छत्तीसगढ़ में धान खरीदी का समय खत्म, कुटाई की प्रक्रिया शुरू हो गई।
  • कांग्रेस ने आरोप लगाया, सरकार ने जानबूझकर लक्ष्य से कम धान खरीदी।
  • 27 लाख किसानों का पंजीकरण हुआ, लेकिन 2.5 लाख किसान धान नहीं बेच पाए।
  • सरकार ने 165 लाख मीट्रिक टन का लक्ष्य रखा, लेकिन केवल 139 लाख टन खरीदी।
  • कांग्रेस ने धान खरीदी की तारीख बढ़ाने की मांग की, लेकिन सरकार ने नहीं बढ़ाई।

NEWS IN DETAIL

RAIPUR. छत्तीसगढ़ में धान खरीदी का समय खत्म हो गया है लेकिन अब धान कुटाई शुरू हो गई है। यानी धान पर सियासत तेज हो गई है। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि सरकार ने समर्थन मूल्य पर धान खरीदी बंद कर दी है, लेकिन अभी भी प्रदेश के लाखों किसान अपना धान नहीं बेच पाए हैं।

इस साल सरकार ने मात्र 53 दिन ही धान खरीदा। अंतिम तिथि भी 31 जनवरी थी, लेकिन अंतिम 2 दिन शनिवार और रविवार होने के कारण खरीदी नहीं हुई। पूर्व में घोषित 75 दिन भी पूरी खरीदी नहीं की गई।

इस साल सरकार के द्वारा घोषित लक्ष्य 165 लाख मीट्रिक टन था, लेकिन सरकार ने मात्र 139 लाख 85 हजार मीट्रिक टन ही धान खरीदी। लक्ष्य से 25 लाख मीट्रिक टन कम धान खरीदी गई। पिछले साल सरकार ने 149 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी की थी। इस वर्ष पिछले साल के मुकाबले 9 लाख 15 हजार मीट्रिक टन कम की खरीदी की गयी।

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ढाई लाख किसान नहीं बेच पाए धान

कांग्रेस ने कहा कि कुल 27 लाख किसानों का पंजीयन हुआ था, जिसमें से 2.5 लाख किसान अपना धान नहीं बेच पाये। लगभग 5 लाख किसानो का एग्रीस्टेक पोर्टल की परेशानी के कारण पंजीयन नहीं हुआ। किसानों को धान बेचने से रोकने बिना सहमति जबरिया रकबा सरेंडर करवा दिया गया। पूर्व से जारी टोकन को निरस्त करवाया गया। हजारों किसान सरकार के इस षडयंत्र का शिकार हुए।

धान का टोकन नहीं मिलने, धान की खरीदी नहीं होने के कारण प्रदेश के महासमुंद, कवर्धा, कोरबा, जैसे स्थानों पर अनेको किसानों ने आत्महत्या का प्रयास किया। सिर्फ नारायणपुर, बलरामपुर, बस्तर में पिछले साल के लगभग बराबर धान की खरीदी हुई, शेष सभी जिलों में 5 प्रतिशत से लेकर 32 प्रतिशत तक कम खरीदी की गई।

15 दिन बढ़ाई जाए तारीख

बैज ने कहा कि धान खरीदी की तारीख 15 दिन बढ़ानी चाहिए। सरकार ने अपने आंकड़े में माना है कि प्रदेश के अधिकांश जिलों में पिछले साल के मुकाबले कम खरीदी हुई। इसके लिये खाद विभाग, राजस्व विभाग, सहकारिता विभाग नान एवं जिला और ब्लाक के अधिकारियों को एसएमएस के जरिये बधाई दी गई। यदि लक्ष्य से कम खरीदी हुई है तो किस बात की बधाई। बधाई दे रहे मतलब साफ है सरकार का इरादा कम खरीदी का था। कम खरीदी ही आपका लक्ष्य था।

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एपस्टीन फाइल्स पर चुप्पी क्यों

वहीं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पीएम मोदी पर निशाना साधा है। बघेल ने कहा कि एपस्टीन फ़ाइल्स” पर चुप्पी क्यों। कुछ दिनों पहले “कश्मीर फाइल्स” आई थी जिसने लोगों को बांटने का काम किया. फिर आई “केरल फाइल्स”, उसमें भी बांटने का काम किया गया। अभी “एपस्टीन फाइल” आई है. अमेरिकी न्याय विभाग ने एपस्टीन फाइल खोला है जिसमें प्रधानमंत्री तक का नाम आया है, लेकिन सब मौन हैं।

कश्मीर फाइल्स, केरल फाइल्स के बारे में तो भाजपा के लोग खूब बातें किया करते थे, अब जरा एपस्टीन फाइल के बारे में बोलें। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि एपस्टीन फाइल के बारे में मोदी और भाजपा चुप क्यों है इस मामले में प्रधानमंत्री और भाजपा को स्पष्टीकरण देना चाहिये।

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  • पीएम मोदी
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  • छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज
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