छत्तीसगढ़ में चल रहा प्रभारी का खेल, मलाईदार पदों पर चहेतों को पहुंचाने नियमों की अनदेखी
VINAY VERMA | Jun 16, 2025, 19:43 IST
Chhattisgarh mantralay rules ignored to get favourites to lucrative posts the sootr
छत्तीसगढ़ में इन दिनों प्रभारी बनाने का खेल फिर शुरू हो गया है। ऐसा कर, सरकार योग्यता रखने वालों को दरकिनार कर उनसे कम अनुभव वाले लोगों को जिला या संभाग की कमान दे दे रहे हैं।
छत्तीसगढ़ में इन दिनों प्रभारी बनाने का खेल फिर शुरू हो गया है। ऐसा कर, सरकार योग्यता रखने वालों को दरकिनार कर उनसे कम अनुभव वाले लोगों को जिला या संभाग की कमान दे दे रहे हैं। ऐसा केवल एक विभाग में नहीं, बल्कि लगभग सभी सरकारी महकमो में हो रहा है। हालांकि, लोक निर्माण विभाग यानी पीडब्ल्यूडी और स्वास्थ्य विभाग में सबसे अधिक देखने को मिल रहा है जिसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ता है।
इतना ही नहीं प्रभारी बनने के खेल में भी जिम्मेदार अधिकारी अपने चहेतों को मौका देने से पीछे नहीं हटते। ताजा मामला पीडब्ल्यूडी विभाग से जुड़ा हुआ है जहां सब इंजीनियर से 21 लोगों को एसडीओ बनाया गया है।जिसमें अधिकारियों ने सीनियारिटी लिस्ट को भी दरकिनार रख दिया है। लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ कमलप्रीत सिंह का कहना है कि पोस्ट खाली होने के कारण से प्रभार दे दिया गया है। जल्द डिपार्टमेंटल प्रोमोशन कमिटी की बैठक करवाकर इनके अलावा शेष लोगों को भी प्रमोट कर देंगे।
ये खबर भी पढ़ें... CG JOB NEWS: भारतीय सेना में भर्ती का बड़ा मौका, 30 जून से होगी परीक्षा
अधिकारियों के मनमानी का आलम यह है कि एग्जीक्यूटिव इंजीनियर भी पोस्टिंग का आर्डर जारी कर दे रहे हैं।पीडब्ल्यूडी के सेतु निर्माण शाखा संभाग रायपुर में जब 5 महीने से खाली पोस्ट को नहीं भरा जा रहा था तो एग्जीक्यूटिव इंजीनियर डीके माहेश्वरी ने अपने चहेते उप अभियंता साबिर खान को अनुभागीय अधिकारी यानी एसडीओ बनाने का आदेश जारी कर दिया। मामले में पीडब्ल्यूडी सचिव का कहना है कि वह मामले की जांच करवा दोषियों पर कार्रवाई करेंगे।
द सूत्र के पड़ताल में यह सामने आया कि जिन पदों पर प्रभारी बनाने का खेल चल रहा है उसे पद पर काम से कम सालाना 50 से 200 करोड़ तक का का कार्य आदेश जारी होता है जब मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार ही छत्तीसगढ़ में लोक निर्माण विभाग द्वारा चल रहे 50% से अधिक कार्य गुणवत्ता विहीन है मीडिया मैं खबरों के आने के बाद विभागीय मंत्री अरुण साव ने कई बार खुद निरीक्षण कर अधिकारियों को फटकार लगाई है।
ये खबर भी पढ़ें... तोमर ब्रदर्स के दो सहयोगी गिरफ्तार, ब्याज वसूली का बड़ा नेटवर्क उजागर
पीडब्ल्यूडी के अलावा जनता से जुड़ा हुआ स्वास्थ्य विभाग भी है इस विभाग में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी का एक पद होता है। जो स्वास्थ्य को लेकर जिले का मुखिया होता है। इस पद को लेकर भी राज्य गठन के बाद से ही सरकारें मनमानी करती आ रही हैं। सभी 36 जिलों में आज तक केवल प्रभारी सीएमएचओ ही पदस्थ होते आ रहे हैं। कई बार तो प्रभार रहने के लिए ही स्वास्थ्य अधिकारी एक दूसरे से भिड़ जाते हैं। कई सीएमएचओ के ऊपर आर्थिक गड़बड़ी की भी जांच चल रही है।
विभागों में चल रही इस तरह की गड़बड़ी को देखते हुए छत्तीसगढ़ के सामान्य प्रशासन विभाग ने नियमित पदों पर चालू कार्यभार सौंपे जाने के संबंध में 2011 में दिशा निर्देश जारी किया था। जिसमें तत्कालीन सामान्य प्रशासन की सचिव निधि छिब्बर ने कहा था कि विभिन्न विभागों द्वारा पदोन्नति या सीधी भर्ती के पदों पर वरिष्ठतम या योग्य व्यक्तियों को चालू कार्यभार सौंपने की पद्धति ना अपनाकर संवर्ग के कनिष्ठ अधिकारियों को प्रभाव दे दिया जा रहा है।
ये खबर भी पढ़ें... पुलिस कांस्टेबल निलंबित, ड्यूटी के दौरान नशे में झूमते वीडियो हुआ वायरल
यह स्थिति निर्माण विभागों में अधिक है।जहां कनिष्ठ अधिकारी, वरिष्ठ पदों पर लंबे समय से प्रभारी बन जमे हुए हैं। इसी वजह से कुछ विभागों में चार साल तक भी विभागीय पदोन्नति समिति की बैठक नहीं की जा रही है। और ना ही सीधी भर्ती के प्रयास की जा रहे हैं। निधी छिब्बर ने यह भी कहा था कि जिन विभागों में इस तरह के कनिष्ठ अधिकारी, वरिष्ठ पदों के प्रभार में है उन्हें प्रशासकीय विभाग या विभाग अध्यक्ष तत्काल प्रभाव से मुक्त करें।और वरिष्ठ और योग्य अधिकारियों को ही प्रभार दें। आदेश के बाद कुछ समय तक इस पर रोक लगी। लेकिन चाहेतों को लाभ देने के लिए अधिकारियों ने फिर से मनमानी शुरू कर दी।
ये खबर भी पढ़ें... यौन अपराधों में नरमी बरतना गलत... हाईकोर्ट ने खारिज की गैंगरेप के आरोपियों की याचिका
छत्तीसगढ़ में नियमों की अनदेखी | chattisgarh mantralay | Raipur
अगर आपको ये खबर अच्छी लगी हो तो 👉 दूसरे ग्रुप्स, 🤝दोस्तों, परिवारजनों के साथ शेयर करें 📢🔃 🤝💬👩👦👨👩👧👧
इतना ही नहीं प्रभारी बनने के खेल में भी जिम्मेदार अधिकारी अपने चहेतों को मौका देने से पीछे नहीं हटते। ताजा मामला पीडब्ल्यूडी विभाग से जुड़ा हुआ है जहां सब इंजीनियर से 21 लोगों को एसडीओ बनाया गया है।जिसमें अधिकारियों ने सीनियारिटी लिस्ट को भी दरकिनार रख दिया है। लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ कमलप्रीत सिंह का कहना है कि पोस्ट खाली होने के कारण से प्रभार दे दिया गया है। जल्द डिपार्टमेंटल प्रोमोशन कमिटी की बैठक करवाकर इनके अलावा शेष लोगों को भी प्रमोट कर देंगे।
ये खबर भी पढ़ें... CG JOB NEWS: भारतीय सेना में भर्ती का बड़ा मौका, 30 जून से होगी परीक्षा
अधिकारियों की मनमानी
जनता का हो रहा नुकसान
ये खबर भी पढ़ें... तोमर ब्रदर्स के दो सहयोगी गिरफ्तार, ब्याज वसूली का बड़ा नेटवर्क उजागर
स्वास्थ्य विभाग में भी यही खेल
सामान्य प्रशासन की चेतावनी भी दरकिनार
ये खबर भी पढ़ें... पुलिस कांस्टेबल निलंबित, ड्यूटी के दौरान नशे में झूमते वीडियो हुआ वायरल
यह स्थिति निर्माण विभागों में अधिक है।जहां कनिष्ठ अधिकारी, वरिष्ठ पदों पर लंबे समय से प्रभारी बन जमे हुए हैं। इसी वजह से कुछ विभागों में चार साल तक भी विभागीय पदोन्नति समिति की बैठक नहीं की जा रही है। और ना ही सीधी भर्ती के प्रयास की जा रहे हैं। निधी छिब्बर ने यह भी कहा था कि जिन विभागों में इस तरह के कनिष्ठ अधिकारी, वरिष्ठ पदों के प्रभार में है उन्हें प्रशासकीय विभाग या विभाग अध्यक्ष तत्काल प्रभाव से मुक्त करें।और वरिष्ठ और योग्य अधिकारियों को ही प्रभार दें। आदेश के बाद कुछ समय तक इस पर रोक लगी। लेकिन चाहेतों को लाभ देने के लिए अधिकारियों ने फिर से मनमानी शुरू कर दी।
ये खबर भी पढ़ें... यौन अपराधों में नरमी बरतना गलत... हाईकोर्ट ने खारिज की गैंगरेप के आरोपियों की याचिका
छत्तीसगढ़ में नियमों की अनदेखी | chattisgarh mantralay | Raipur
अगर आपको ये खबर अच्छी लगी हो तो 👉 दूसरे ग्रुप्स, 🤝दोस्तों, परिवारजनों के साथ शेयर करें 📢🔃 🤝💬👩👦👨👩👧👧
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari