साय कैबिनेट के 9 फैसलों से बदलेंगे नियम, कारोबार से भर्ती तक बड़ा गेमचेंजर
VINAY VERMA | Jul 08, 2026, 19:36 IST
साय कैबिनेट के फैसले 2026
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में 9 अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। सरकार ने 'छत्तीसगढ़ ईज ऑफ डूइंग बिजनेस विधेयक-2026' को मंजूरी देकर कारोबार शुरू करने की प्रक्रिया को डिजिटल और समयबद्ध बनाने का फैसला किया।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में महानदी भवन मंत्रालय में हुई कैबिनेट बैठक में ऐसे फैसले हुए, जिनका असर उद्योग, शिक्षा, भर्ती, कारोबार, टैक्स और आवास तक दिखाई देगा।
सरकार ने कुल 9 बड़े प्रस्तावों पर मुहर लगाई। सबसे बड़ा फैसला रहा छत्तीसगढ़ ईज ऑफ डूइंग बिजनेस विधेयक-2026, जिसके साथ छत्तीसगढ़ ऐसा कानून लाने वाला देश का पहला राज्य बनने जा रहा है।
सरकार का दावा है कि अब कारोबार शुरू करने की प्रक्रिया आसान, ऑनलाइन और समयबद्ध होगी। दूसरी तरफ बस्तर फाइटर्स भर्ती, निजी विश्वविद्यालय, जीएसटी, एनआरडीए और किराया कानून में भी बड़े बदलाव किए गए हैं।
साय सरकार ने राज्य में नया व्यापार शुरू करने की प्रक्रियाओं को पूरी तरह डिजिटल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने के लिए 'छत्तीसगढ़ ईज ऑफ डूइंग बिजनेस विधेयक 2026' के प्रारूप को मंजूरी दे दी है। इस तरह का क्रांतिकारी कानून लागू करने वाला छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य बनने जा रहा है । इसके तहत डीम्ड परमिशन, सेल्फ सर्टिफिकेशन और रिस्क बेस्ड इंस्पेक्शन जैसी सुविधाएं दी जाएंगी ।
राज्य के युवाओं और सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए कैबिनेट ने एक और संवेदनशील फैसला लिया है । बैठक में 'छत्तीसगढ़ पुलिस विशेष कार्यपालिक बल (बस्तर फाइटर्स) फाइटर आरक्षक सेवा (भर्ती तथा सेवा की शर्तें) नियम 2026' में महत्वपूर्ण संशोधन को स्वीकृति दी गई है । इससे स्थानीय युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे।
उच्च शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए 'छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय (स्थापना एवं संचालन) (संशोधन) विधेयक 2026' के प्रारूप को मंजूरी मिली है । नए नियमों के तहत अब यूनिवर्सिटीज में विन्यास निधि की जगह 'रक्षित निधि' का कड़ा प्रावधान होगा । इससे छात्रों का भविष्य सुरक्षित होगा और इंफ्रास्ट्रक्चर यूजीसी के मानकों के अनुरूप अनिवार्य किया जाएगा ।
जीएसटी लागू होने के बाद वैट से जुड़े द्वितीय अपील मामलों में आई भारी कमी को देखते हुए सरकार ने 'मूल्य संवर्धित कर (संशोधन) विधेयक 2026' को मंजूरी दी है । अब पृथक वाणिज्यिक कर अधिकरण को समाप्त कर दिया जाएगा और वहां लंबित सभी मामलों को सीधे राजस्व मंडल (बोर्ड ऑफ रेवेन्यू) को ट्रांसफर किया जाएगा ।
व्यापारियों को राहत देने के लिए 'छत्तीसगढ़ माल एवं सेवा कर (संशोधन) विधेयक 2026' और 'छत्तीसगढ़ औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन (संशोधन) विधेयक 2026' के प्रारूप को भी हरी झंडी दी गई है। इसका मुख्य उद्देश्य टैक्स और रिफंड की प्रक्रियाओं को सरल बनाना है, जिससे विशेषकर निर्यातकों (Exporters) को तेजी से रिफंड मिल सकेगा ।
बिजली आपूर्ति में निरंतरता बनाए रखने के लिए छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रिब्यूशन कंपनी द्वारा केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के विद्युत उपक्रमों (CPSUs) से खरीदी जाने वाली बिजली के लिए अब 'डायरेक्ट डेबिट मैंडेट' (DDM) व्यवस्था लागू होगी । यह आरबीआई के वर्तमान दिशा-निर्देशों के अनुरूप त्रिपक्षीय अनुबंध के स्थान पर काम करेगी, जिससे राज्य पर कोई अतिरिक्त वित्तीय भार नहीं आएगा।
नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण (NRDA) द्वारा आवंटित भूखंडों और निर्मित परिसरों पर बकाया ब्याज एवं अधिभार में बड़ी राहत देने के लिए 'वन टाइम सेटलमेंट (OTS) योजना-2026' को मंजूरी दी गई है । इससे जो लोग अपनी परियोजनाएं समय पर पूरी नहीं करना चाहते, वे निर्धारित शर्तों के तहत आसानी से अपनी भूमि सरेंडर कर सकेंगे ।
खाली मकानों को किराए पर देने की प्रवृत्ति को बढ़ावा देने के लिए 'छत्तीसगढ़ भाड़ा नियंत्रण अधिनियम 2011 (संशोधन) विधेयक 2026' के प्रारूप को मंजूरी मिली है । यह भारत सरकार के मॉडल टेनेंसी एक्ट 2021 के अनुरूप है, जिसमें भवन स्वामी और किराएदार दोनों के अधिकारों को पूरी तरह स्पष्ट किया गया है । इसके अलावा राजनांदगांव में 2000 सीट क्षमता के आधुनिक ऑडिटोरियम निर्माण के लिए शासकीय भूमि आवंटन का भी बड़ा फैसला लिया गया है ।
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सरकार ने कुल 9 बड़े प्रस्तावों पर मुहर लगाई। सबसे बड़ा फैसला रहा छत्तीसगढ़ ईज ऑफ डूइंग बिजनेस विधेयक-2026, जिसके साथ छत्तीसगढ़ ऐसा कानून लाने वाला देश का पहला राज्य बनने जा रहा है।
सरकार का दावा है कि अब कारोबार शुरू करने की प्रक्रिया आसान, ऑनलाइन और समयबद्ध होगी। दूसरी तरफ बस्तर फाइटर्स भर्ती, निजी विश्वविद्यालय, जीएसटी, एनआरडीए और किराया कानून में भी बड़े बदलाव किए गए हैं।
छत्तीसगढ़ बना देश का पहला ऐसा राज्य
बस्तर फाइटर्स भर्ती नियमों में संशोधन
प्राइवेट यूनिवर्सिटीज की मनमानी पर रोक
वाणिज्यिक कर अधिकरण होगा समाप्त
उद्योगों और निर्यातकों के लिए बड़ी राहत
बिजली कंपनियों के लिए नया पेमेंट सिस्टम
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