एग्री स्टेक पोर्टल पर कांग्रेस-बीजेपी में तकरार, किसानों की परेशानी बनी मुद्दा
Krishna Kumar Sikander | Aug 17, 2025, 15:12 IST
Conflict between Congress and BJP on Agri Stake Portal the sootr
छत्तीसगढ़ में धान खरीदी का मौसम शुरू होने से पहले ही सियासत गरमा गई है। कांग्रेस और बीजेपी एग्री स्टेक पोर्टल को लेकर आमने-सामने हैं। कांग्रेस ने इस नए पोर्टल को जटिल और किसान-विरोधी बताते हुए सरकार पर हमला किया है।
छत्तीसगढ़ में धान खरीदी का मौसम शुरू होने से पहले ही सियासी पारा चढ़ गया है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मचारियों की हड़ताल और मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चाओं के बीच अब धान खरीदी और एग्री स्टेक पोर्टल को लेकर कांग्रेस और बीजेपी आमने-सामने हैं।
कांग्रेस ने सरकार के नए एग्री स्टेक पोर्टल को जटिल और किसान-विरोधी करार देते हुए तीखे सवाल उठाए हैं, जबकि बीजेपी ने 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर, दो साल का बोनस, और पीएम किसान निधि के जरिए किसानों को दी गई सुविधाओं का हवाला देकर अपनी उपलब्धियों को गिनाया है। इस सियासी जंग ने किसानों की परेशानियों को केंद्र में ला दिया है, और दोनों पार्टियां किसानों का समर्थन हासिल करने की होड़ में जुट गई हैं।
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कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा धान खरीदी के लिए लागू किए गए एग्री स्टेक पोर्टल को किसानों के लिए परेशानी का सबब बताया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने आरोप लगाया कि पोर्टल में अनिवार्य पंजीयन की प्रक्रिया को जानबूझकर इतना जटिल बनाया गया है कि किसान इसका उपयोग नहीं कर पा रहे। बैज ने कहा, “पोर्टल बार-बार क्रैश हो रहा है, और पंजीयन की प्रक्रिया इतनी उलझी हुई है कि किसान दर-दर भटक रहे हैं।
हमारी सरकार में धान खरीदी की प्रक्रिया सरल थी, और हर किसान का धान खरीदा जाता था। लेकिन मौजूदा बीजेपी सरकार किसानों का एक-एक दाना खरीदने से कतरा रही है।”बैज ने यह भी दावा किया कि एग्री स्टेक पोर्टल की तकनीकी खामियां और जटिल प्रक्रिया किसानों को धान खरीदी के लाभ से वंचित कर रही हैं।
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उन्होंने सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि क्या यह किसानों को परेशान करने की सुनियोजित साजिश है। कांग्रेस ने इस मुद्दे को विधानसभा में भी उठाने की योजना बनाई है, और पार्टी ने 1 नवंबर से धान खरीदी शुरू करने की मांग की है ताकि किसानों को समय पर लाभ मिल सके।
कांग्रेस के आरोपों पर बीजेपी ने तीखा पलटवार किया है। बीजेपी विधायक पुरंदर मिश्रा ने दावा किया कि साय सरकार ने किसानों के लिए अभूतपूर्व कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा, “हमने 31 सौ रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदा, पीएम किसान निधि के जरिए सीधे उनके खातों में पैसा पहुंचाया। इसके अलावा किसानों को दो साल का बोनस भी दिया।
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यह किसानों के लिए सबसे बड़ी सौगात है। कांग्रेस बेवजह भ्रम फैलाकर किसानों को गुमराह करने की कोशिश कर रही है।” मिश्रा ने यह भी कहा कि सरकार ने 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान खरीदी का आदेश जारी किया है, और पूर्व में समर्थन मूल्य पर धान बेच चुके किसानों को भी इसका लाभ मिलेगा।
बीजेपी प्रवक्ता रविंद्र सिंह ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए कहा, “मोदी की गारंटी को पूरा करने के लिए हम प्रतिबद्ध हैं। धान खरीदी के लिए 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर पर जल्द ही स्पष्ट आदेश जारी होगा।”
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छत्तीसगढ़ में धान खरीदी का मुद्दा किसानों के लिए हमेशा से संवेदनशील रहा है। बीजेपी ने अपने चुनावी घोषणा पत्र ‘मोदी की गारंटी’ में वादा किया था कि वह 31 सौ रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीदेगी। साथ ही 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान की खरीदी जाएगी और खरीदी का एकमुश्त भुगतान करेगी।
हालांकि, खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के हालिया आदेश में केवल 21 क्विंटल प्रति एकड़ की खरीदी का ही उल्लेख किया गया है। मगर आदेश में 31सौ की दर के बार में स्पष्ट नहीं लिखा है। इसको लेकर किसान असमंजस में हैं।किसानों का कहना है कि एग्री स्टेक पोर्टल की तकनीकी समस्याओं के कारण पंजीयन में देरी हो रही है, जिससे धान खरीदी केंद्रों पर भीड़ बढ़ रही है।
दुर्ग, बालोद, राजनांदगांव, और बिलासपुर जैसे क्षेत्रों में किसानों ने पोर्टल की जटिलता और सर्वर की समस्या की शिकायत की है। कई किसानों को डर है कि अगर पंजीयन समय पर नहीं हुआ, तो वे समर्थन मूल्य का लाभ नहीं ले पाएंगे।
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छत्तीसगढ़ धान खरीदी | कांग्रेस बीजेपी धान विवाद | छत्तीसगढ़ किसान राजनीति | धान खरीदी में किसानों की क्या परेशानी है
कांग्रेस ने सरकार के नए एग्री स्टेक पोर्टल को जटिल और किसान-विरोधी करार देते हुए तीखे सवाल उठाए हैं, जबकि बीजेपी ने 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर, दो साल का बोनस, और पीएम किसान निधि के जरिए किसानों को दी गई सुविधाओं का हवाला देकर अपनी उपलब्धियों को गिनाया है। इस सियासी जंग ने किसानों की परेशानियों को केंद्र में ला दिया है, और दोनों पार्टियां किसानों का समर्थन हासिल करने की होड़ में जुट गई हैं।
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एग्री स्टेक पोर्टल पर विवाद, कांग्रेस का हमला
हमारी सरकार में धान खरीदी की प्रक्रिया सरल थी, और हर किसान का धान खरीदा जाता था। लेकिन मौजूदा बीजेपी सरकार किसानों का एक-एक दाना खरीदने से कतरा रही है।”बैज ने यह भी दावा किया कि एग्री स्टेक पोर्टल की तकनीकी खामियां और जटिल प्रक्रिया किसानों को धान खरीदी के लाभ से वंचित कर रही हैं।
ये खबर भी पढ़ें... धान खरीदी केंद्र में 54 लाख के घोटाले का खुलासा,केंद्र प्रभारी और ऑपरेटर पर FIR दर्ज
उन्होंने सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि क्या यह किसानों को परेशान करने की सुनियोजित साजिश है। कांग्रेस ने इस मुद्दे को विधानसभा में भी उठाने की योजना बनाई है, और पार्टी ने 1 नवंबर से धान खरीदी शुरू करने की मांग की है ताकि किसानों को समय पर लाभ मिल सके।
बीजेपी का पलटवार, किसान खुश, कांग्रेस फैला रही भ्रम
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यह किसानों के लिए सबसे बड़ी सौगात है। कांग्रेस बेवजह भ्रम फैलाकर किसानों को गुमराह करने की कोशिश कर रही है।” मिश्रा ने यह भी कहा कि सरकार ने 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान खरीदी का आदेश जारी किया है, और पूर्व में समर्थन मूल्य पर धान बेच चुके किसानों को भी इसका लाभ मिलेगा।
बीजेपी प्रवक्ता रविंद्र सिंह ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए कहा, “मोदी की गारंटी को पूरा करने के लिए हम प्रतिबद्ध हैं। धान खरीदी के लिए 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर पर जल्द ही स्पष्ट आदेश जारी होगा।”
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किसानों की चिंता, असमंजस और परेशानी
हालांकि, खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के हालिया आदेश में केवल 21 क्विंटल प्रति एकड़ की खरीदी का ही उल्लेख किया गया है। मगर आदेश में 31सौ की दर के बार में स्पष्ट नहीं लिखा है। इसको लेकर किसान असमंजस में हैं।किसानों का कहना है कि एग्री स्टेक पोर्टल की तकनीकी समस्याओं के कारण पंजीयन में देरी हो रही है, जिससे धान खरीदी केंद्रों पर भीड़ बढ़ रही है।
दुर्ग, बालोद, राजनांदगांव, और बिलासपुर जैसे क्षेत्रों में किसानों ने पोर्टल की जटिलता और सर्वर की समस्या की शिकायत की है। कई किसानों को डर है कि अगर पंजीयन समय पर नहीं हुआ, तो वे समर्थन मूल्य का लाभ नहीं ले पाएंगे।
FAQ
- कांग्रेस ने एग्री स्टेक पोर्टल को लेकर क्या आरोप लगाए हैं?
कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि एग्री स्टेक पोर्टल जटिल और किसान-विरोधी है। कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज के अनुसार, पोर्टल बार-बार क्रैश हो रहा है, पंजीयन प्रक्रिया बेहद उलझी हुई है, और इससे किसान परेशान होकर भटक रहे हैं। कांग्रेस का दावा है कि सरकार किसानों का धान खरीदने से कतरा रही है, और यह एक सुनियोजित साजिश हो सकती है। - बीजेपी ने कांग्रेस के आरोपों के जवाब में क्या कहा है?
बीजेपी ने कांग्रेस के आरोपों को झूठा और भ्रामक बताया है। विधायक पुरंदर मिश्रा ने कहा कि सरकार ने किसानों को 3,100 रुपये प्रति क्विंटल, दो साल का बोनस, और पीएम किसान निधि जैसी योजनाओं से लाभ दिया है। बीजेपी का दावा है कि मोदी की गारंटी के अनुसार किसानों के लिए ऐतिहासिक कदम उठाए गए हैं और कांग्रेस सिर्फ राजनीतिक फायदा उठाने के लिए भ्रम फैला रही है। - किसानों को वर्तमान में किन समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है?
किसानों को एग्री स्टेक पोर्टल की तकनीकी खामियों, पंजीयन में देरी, और ध्यान की खरीदी दर को लेकर अस्पष्टता जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। कई किसान यह नहीं समझ पा रहे कि उन्हें 3,100 रुपये प्रति क्विंटल मिलेंगे या नहीं, क्योंकि सरकार के आदेश में इसका स्पष्ट उल्लेख नहीं है। इससे किसानों में असमंजस और चिंता का माहौल है।
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छत्तीसगढ़ धान खरीदी | कांग्रेस बीजेपी धान विवाद | छत्तीसगढ़ किसान राजनीति | धान खरीदी में किसानों की क्या परेशानी है
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