जिला अध्यक्ष लिखेंगे विधायकों की सीआर, जनता के फीडबैक पर रिपोर्ट होगी तैयार

Arun Tiwari | Jul 01, 2026, 18:36 IST
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जिला अध्यक्षों की निगरानी में MLA
जिला अध्यक्षों की निगरानी में MLA

कांग्रेस अब जिला अध्यक्षों के काम की नियमित समीक्षा करेगी। उन्हें रेड, येलो और ग्रीन श्रेणी में रखा जाएगा। जिला अध्यक्ष अपने क्षेत्र के विधायकों की सक्रियता, लोकप्रियता और जनता की राय के आधार पर रिपोर्ट कार्ड तैयार करेंगे।

समझें क्या है पूरा मामला

Raipur : प्रदेश कांग्रेस संगठन अब अपने नेताओं और जनप्रतिनिधियों के प्रदर्शन का आकलन जमीनी स्तर पर करने की तैयारी में है। रायपुर के अभनपुर में 10 दिनों तक चले जिला अध्यक्षों के प्रशिक्षण शिविर में संगठन को मजबूत बनाने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए।

सबसे अहम निर्णय यह रहा कि अब जिला कांग्रेस अध्यक्षों के प्रदर्शन की नियमित समीक्षा की जाएगी। इसके लिए उन्हें रेड,येलो और ग्रीन तीन श्रेणियों में बांटा जाएगा। वहीं जिला अध्यक्षों को अपने-अपने क्षेत्र के कांग्रेस विधायकों की लोकप्रियता और सक्रियता का आकलन कर उनका रिपोर्ट कार्ड तैयार करने की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है।

रेड जोन में आए तो कटी टिकट

शिविर में संगठन के वरिष्ठ नेताओं ने स्पष्ट किया कि जिला अध्यक्षों की भूमिका केवल संगठन चलाने तक सीमित नहीं रहेगी। उन्हें जिले में पार्टी की गतिविधियों, जनसंपर्क, बूथ स्तर तक संगठन की मजबूती और जनआंदोलनों में सक्रिय भागीदारी के आधार पर परखा जाएगा।

बेहतर प्रदर्शन करने वाले जिला अध्यक्षों को ग्रीन श्रेणी में रखा जाएगा, जबकि औसत प्रदर्शन करने वालों को येलो और अपेक्षाकृत कमजोर प्रदर्शन करने वालों को रेड श्रेणी में रखा जाएगा। संगठन समय-समय पर इस मूल्यांकन की समीक्षा करेगा और जरूरत पड़ने पर जिम्मेदारियों में बदलाव भी किया जा सकता है। प्रशिक्षण शिविर में जिला अध्यक्षों को एक और महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई। उन्हें अपने जिले के कांग्रेस विधायकों का रिपोर्ट कार्ड तैयार करना होगा।

इसके लिए जिला अध्यक्ष जनता के बीच जाकर यह जानेंगे कि विधायक अपने क्षेत्र में कितने सक्रिय हैं, जनता के बीच उनकी छवि कैसी है, वे लोगों की समस्याओं के समाधान में कितने प्रभावी हैं और आम लोगों की उनसे क्या अपेक्षाएं हैं। इस सर्वे और जनप्रतिनिधियों के प्रदर्शन पर आधारित रिपोर्ट संगठन के शीर्ष नेतृत्व को सौंपी जाएगी। माना जा रहा है कि भविष्य की राजनीतिक रणनीति और संगठनात्मक फैसलों में इस फीडबैक का उपयोग किया जाएगा।

लीडरशिप डेवलपमेंट का कोर्स

दस दिनों तक चले प्रशिक्षण शिविर में जिला अध्यक्षों को केवल संगठनात्मक विषयों पर ही नहीं, बल्कि नेतृत्व क्षमता और व्यवहारिक कौशल विकसित करने का भी प्रशिक्षण दिया गया। इस कोर्स का मकसद विरोध-प्रदर्शन, तनावपूर्ण परिस्थितियों और राजनीतिक टकराव के दौरान संयम बनाए रखना, उकसावे से बचना और शांतिपूर्वक स्थिति को संभालने की क्षमता विकसित करना था।

शिविर में चुनावी रणनीति, संगठन विस्तार, बूथ प्रबंधन, मीडिया से संवाद, सोशल मीडिया के प्रभावी उपयोग और जनता से सीधे संपर्क जैसे विषयों पर भी विस्तृत सत्र आयोजित किए गए। पार्टी नेताओं ने जिला अध्यक्षों से आगामी विधानसभा और स्थानीय निकाय चुनावों को ध्यान में रखते हुए अभी से संगठन को सक्रिय करने का आह्वान किया।

राहुल गांधी के मंत्र पर होगा काम

प्रशिक्षण शिविर के दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी भी अभनपुर पहुंचे। उन्होंने जिला अध्यक्षों के साथ संवाद करते हुए संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत बनाने, कार्यकर्ताओं के बीच लगातार सक्रिय रहने और जनता के मुद्दों को प्राथमिकता देने पर जोर दिया। राहुल गांधी ने जिला अध्यक्षों से कहा कि संगठन की वास्तविक ताकत गांव, वार्ड और बूथ स्तर पर सक्रिय कार्यकर्ताओं से आती है और उसी आधार पर कांग्रेस को मजबूत बनाया जा सकता है।

शिविर के समापन अवसर पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश में रेत माफिया का प्रभाव बढ़ा है और स्मार्ट बिजली मीटर जैसे मुद्दों को लेकर लोगों में व्यापक नाराजगी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इन जनसरोकार के मुद्दों को गांव-गांव तक ले जाएगी और जनता के बीच सरकार की नीतियों को लेकर अभियान चलाएगी।

महत्वपूर्ण तथ्य

जिला कांग्रेस अध्यक्ष विधायकों की सीआर तैयार करेंगे।
विधायकों की लोकप्रियता और सक्रियता पर जनता से फीडबैक लिया जाएगा।
जिला अध्यक्षों को रेड, येलो और ग्रीन श्रेणी में बांटा जाएगा।
कमजोर प्रदर्शन पर जिम्मेदारी बदली जा सकती है।
विधायकों की रिपोर्ट भविष्य के टिकट फैसलों में अहम होगी।
अभनपुर में जिला अध्यक्षों का 10 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर हुआ।
शिविर में बूथ प्रबंधन, मीडिया और नेतृत्व का प्रशिक्षण दिया गया।
राहुल गांधी ने संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने पर जोर दिया।

FAQ

  1. जिला कांग्रेस अध्यक्ष विधायकों की रिपोर्ट कैसे तैयार करेंगे?
    जिला अध्यक्ष जनता से फीडबैक लेकर विधायक की सक्रियता, लोकप्रियता और समस्याओं के समाधान की क्षमता का आकलन करेंगे।
  2. जिला अध्यक्षों को किन श्रेणियों में बांटा जाएगा?
    उनके प्रदर्शन के आधार पर उन्हें रेड, येलो और ग्रीन श्रेणी में रखा जाएगा। कमजोर प्रदर्शन करने वाले अध्यक्ष रेड श्रेणी में आएंगे।
  3. विधायकों की रिपोर्ट का उपयोग कहां होगा?
    यह रिपोर्ट संगठन की भविष्य की रणनीति, जिम्मेदारियों में बदलाव और चुनाव टिकट जैसे अहम फैसलों में उपयोग की जा सकती है।

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